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कौन है जीना नारंग ? देवानंद के साथ क्या था रिश्ता?

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जैसा कि आप सभी जानते हैं सुनील आनंद जी का निधन हो गया है। जी हां देव आनंद साहब के इकलौते बेटे सुनील आनंद। सुनील आनंद के बारे में तो हमने अपनी पिछली वीडियो में आपको बताया है। लेकिन आज की हमारी इस वीडियो में बात सुनील आनंद जी की इकलौती बहन और देव साहब की इकलौती बेटी के बारे में करेंगे। देवीना आनंद भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता निर्माता और निर्देशक देव आनंद तथा प्रसिद्ध अभिनेत्री कल्पना कार्तिक की पुत्री है। उन्होंने अपने पिता की तरह फिल्म जगत में अभिनय को करियर नहीं बनाया। फिर भी वे हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों में से एक सदस्य होने के कारण जानी जाती है। उन्होंने हमेशा निजी जीवन को प्राथमिकता दी और मीडिया की चकाचौंध से दूर रहकर एक सादगी पूर्ण जीवन जिया। यही कारण है कि उनके बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी उपलब्ध है।

फिर भी वह आनंद परिवार की विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। तो चलिए आज की हमारी इस वीडियो में हम बात करेंगे सुनील आनंद जी की बहन और देव साहब की इकलौती बेटी देवीना आनंद जी के बारे में। तो हर बार की तरह वीडियो शुरू करने से पहले आपको याद दिला दें अगर आप हमारे चैनल पर नए हैं तो चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लें। देवीना आनंद का जन्म प्रसिद्ध आनंद परिवार में हुआ। उनके पिता देव आनंद हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में गिने जाते हैं। जबकि उनकी माता कल्पना कार्तिक अपने समय की सबसे सफल अभिनेत्री थी। कल्पना कार्तिक का वास्तविक नाम मोना सिंह था। उन्होंने बाजी, टैक्सी ड्राइवर, हाउस नंबर 44 और 921 जैसी फिल्मों में अभिनय किया। देवना आनंद का एक बड़ा भाई सुनील आनंद है जिन्होंने 1980 के दशक में फिल्मों में अभिनय का प्रयास किया। लेकिन उन्हें अपने माता-पिता जैसी सफलता नहीं मिली। देवीना आनंद का बचपन एक ऐसे परिवार में बीता जहां कला, साहित्य और सिनेमा का विशेष वातावरण था।

उनके घर पर फिल्म जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों का आना जाना लगा रहता था। इसके बावजूद उनके माता-पिता ने बच्चों को सामान्य और अनुशासित जीवन देने का प्रयास किया। देवानंद अपने काम में अत्यंत व्यस्त रहते थे। लेकिन परिवार के लिए समय निकालना भी उनकी प्राथमिकता थी। वे चाहते थे कि उनके बच्चे मेहनत, ईमानदारी और आत्मनिर्भरता के मूल्यों को अपनाएं। देवना आनंद ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा मुंबई के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से प्राप्त की। उन्होंने शिक्षा को हमेशा महत्व दिया। यद्यपि वे एक फिल्मी परिवार से थी। फिर भी उन्होंने फिल्मों में आने के बजाय अपना जीवन निजी और पारिवारिक दायित्वों के साथ बिताने का निर्णय लिया। विवाह और पारिवारिक जीवन। देवीना आनंद का विवाह हरजिंदर पाल सिंह देओल जिन्हें परिवार और मित्रों के बीच बाली के नाम से जाना जाता है से हुआ। विवाह के बाद उन्होंने अपने पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता दी। उनकी एक बेटी जीना नारंग है। जीना फोटोग्राफी और फिल्म निर्माण से जुड़ी रही हैं तथा रचनात्मक क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई हैं। फिल्मी दुनिया से दूरी देवीना आनंद ने कभी अभिनय या फिल्म निर्माण में सक्रिय रूप से करियर बनाने का प्रयास नहीं किया।

उन्होंने अपने पिता की प्रसिद्धि का लाभ उठाने के बजाय एक सामान्य और निजी जीवन को चुना। यही कारण है कि वे बहुत कम सार्वजनिक कार्यक्रमों या मीडिया आयोजनों में दिखाई देती हैं। हालांकि वे फिल्म उद्योग से सीधे जुड़ी नहीं रही लेकिन आनंद परिवार की विरासत और देव आनंद की स्मृतियों को संजोने में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। पिता देवानंद से संबंध देवना आनंद अपने पिता के बहुत निकट थी। देवानंद केवल एक महान अभिनेता ही नहीं बल्कि अनुशासन, सकारात्मक सोच और मेहनत के प्रतीक भी थे। उन्होंने अपने बच्चों को सादगी, आत्मविश्वास और ईमानदारी का पाठ पढ़ाया।

देववानंद हमेशा कहते थे कि व्यक्ति को अपने सपनों का पीछा करना चाहिए और कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक रहना चाहिए। यह विचारधारा देवना के व्यक्तित्व में भी दिखाई देती है। माता कल्पना कार्तिक का प्रभाव देवीना आनंद की माता कल्पना कार्तिक ने विवाह के बाद फिल्म जगत से दूरी बना ली और अपना पूरा ध्यान परिवार पर केंद्रित किया। उन्होंने अपने बच्चों का पालन पोषण अत्यंत सादगी और संस्कारों के साथ किया। देवीना के व्यक्तित्व पर उनकी माता का गहरा प्रभाव माना जाता है। व्यक्तित्व देवीना आनंद शांत विनम्र और सादगी पूर्ण स्वभाव की मानी जाती है। वे प्रचार और प्रसिद्धि से दूर रहना पसंद करती है। उन्होंने हमेशा यह विश्वास रखा कि व्यक्ति की पहचान उसके कार्य, व्यवहार और संस्कारों से होती है ना कि केवल लोकप्रियता से। 3 दिसंबर 2011 को देवानंद के निधन के बाद पूरा देश शोक में डूब गया। उनके निधन के पश्चात परिवार ने उनकी स्मृतियों और उपलब्धियों को सहेजने का प्रयास जारी रखा। देवीना आनंद भी इस विरासत को सम्मान पूर्वक आगे बढ़ाने वाले परिवार के सदस्यों में शामिल हैं।

देवना आनंद सोशल मीडिया और सार्वजनिक जीवन से काफी दूर रहती हैं। वे अपने परिवार के साथ शांत और निजी जीवन बिताना पसंद करती हैं। यही कारण है कि उनके बारे में मीडिया में बहुत कम समाचार या साक्षात्कार उपलब्ध है। देवीना आनंद भारतीय सिनेमा के महानायक देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक की पुत्री है। उन्होंने फिल्मी चमकदमक से दूर रहकर सादगी, पारिवारिक मूल्यों और निजी जीवन को महत्व दिया। यद्यपि वे स्वयं फिल्म अभिनेत्री नहीं बनी फिर भी आनंद परिवार की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि प्रसिद्ध परिवार से जुड़ा होना ही किसी व्यक्ति की पहचान नहीं होता बल्कि उसके संस्कार, विनम्रता और जीवन जीने का तरीका ही उसे विशिष्ट बनाता है। इसी कारण देवीना आनंद का नाम आज भी सम्मान के साथ लिया जाता है। महान अभिनेता देव आनंद की सगी बेटी का नाम देवना आनंद है। वो लाइमलाइट और फिल्मी दुनिया से दूर एक साधारण जीवन बिताना पसंद करती है। इसके अलावा साल 1985 की फिल्म हम नौजवान में प्रसिद्ध अभिनेत्री तब्बू ने बाल कलाकार के रूप में देव आनंद की बेटी का किरदार निभाया था। वो मुख्य रूप से देश विदेश में अपने परिवार के साथ शांत जीवन बिता रही है और हाल ही में अपने भाई सुनील आनंद के निधन के समय वह मुंबई से लंदन गई थी। तो दोस्तों अभी के लिए बस इतना ही मिलते हैं अगले वीडियो में तब तक आप भी अपना ध्यान रखिए। बाय बाय

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