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पानी का गिलास उठाकर जयशंकर ने डुबोए कई देश, हिले सारे पत्रकार !

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बट यू आर टू सिंपैथेटिक टुवर्ड्स रश। सो कीप दैट इन माइंड। चेहरे पर हल्की मुस्कुराहट और गिलास उठाकर पानी का घूंट पीना। अगर आपको भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ऐसा करते दिख जाए तो समझ जाइएगा कि धमाका होने वाला है। भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने इस एक गिलास पानी से यूरोपीय देशों और उनकी मीडिया के पाखंड को सरेआम चुल्लू भर पानी में डुबो मारा।

इस मुस्कुराहट के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर कई यूरोपीय देशों पर टूट पड़े। डॉक्टर एस जयशंकर का यह ऐतिहासिक बयान ना तो भारत भूलेगा और ना ही यूरोप। यहां पर क्या हुआ वह पूरा वीडियो हम आपको दिखाएंगे। लेकिन उससे पहले जल्दी से कहानी समझ लीजिए। दरअसल आदत से मजबूर फिनलैंड में एक विदेशी पत्रकार ने डॉक्टर एस जयशंकर के सामने फिर वही सवाल पूछ लिया। इस पत्रकार ने कहा कि यूरोप के लोग मानते हैं कि भारत आज भी रूस के प्रति बहुत ज्यादा सहानुभूति रखता है। हमारे हिसाब से यह बहुत दुखद है। बिल्कुल भी नैतिक नहीं है।

भारत रूस से तेल खरीदने के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक रहता है। आप इस पर क्या कहेंगे? इस सवाल को सुनते हुए डॉक्टर एस जयशंकर मुस्कुराए थोड़ा सा पानी पिया। उसके बाद ऐसा जवाब दिया जो इतिहास में याद रखा जाएगा। डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि पहली बात तो हम कीमत और उपलब्धता के आधार पर तेल खरीदते हैं। भारत हमेशा से ही मिडिल ईस्ट से तेल खरीदता आया है। लेकिन यूक्रेन जंग के बाद आप सब ने भी अचानक मिडिल ईस्ट से तेल खरीदना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से बाजार में रूसी तेल बहुत ज्यादा मात्रा में बचने लगा। इसीलिए हमने रूसी तेल खरीदना शुरू कर दिया। यानी एस जय शंकर का मतलब था कि मिडिल ईस्ट का जो तेल हम लेते थे, उस तेल को यूरोप ने जबरदस्ती खरीदना शुरू कर दिया। ऐसे में रूसी तेल के अलावा भारत के पास कोई विकल्प था ही नहीं। बहरहाल एस जय शंकर का असली वार अभी तक बाकी था। उन्होंने पत्रकार से कहा कि आप नैतिकता की बात ना करें।

क्योंकि आज तक किसी भी यूरोपीय देश पर भारतीय हथियारों से हमला नहीं हुआ है। काश मैं भी यह बात बोल पाता कि यूरोपीय हथियारों से भारत पर भी हमला नहीं हुआ। लेकिन सच यह है कि कुछ देश यूरोप से हथियार खरीदते हैं और भारत पर हमला करते हैं। यह सुनते ही पत्रकार ने कहा कि आप साफ-साफ बताइए कि क्या कहना चाहते हैं। डॉक्टर एस जय शंकर ने समझाया कि भारत पर हमले के लिए यूरोपीय हथियारों का इस्तेमाल होता है। दशकों से होता आ रहा है। क्या आपने कभी सुना है कि किसी भारतीय हथियार से यूरोपीय देश पर हमला हुआ है? क्या कभी भारतीय हथियारों ने यूरोप को खतरे में डाला है? जवाब है नहीं। इसीलिए नैतिकता की बात ना की जाए। यहां पर डॉक्टर एस जयशंकर का इशारा पाकिस्तान की तरफ था। आइए अब आपको दिखाते हैं कि यहां पर क्या तहलका मचा है। बट यू आर टू सिंपैथेटिक टुवर्ड्स रश टू विलिंग टू बाय ऑयल फ्रॉम रश। सो हाउ वुड यू एक्सप्लेन दैट पोजीशन टू द पीपल हियर? वेल आई मेक टू ऑब्जरवेशंस।

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