क्या नीट पेपर लीक आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहने वाला? क्या कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी अब पंजाब के पेपर लीक मामलों को भी अपना अगला बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है और क्या छात्रों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने को लेकर सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत जारी है इसी बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बड़ा संकेत दिया है।
उनका कहना है कि आंदोलन भले ही खत्म हो गया है लेकिन छात्रों के मुद्दों पर उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने पंजाब के कथित पेपर लीक मामले को लेकर जल्द नई रणनीति का ऐलान करने की बात कही है। साथ ही छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग दोहराते हुए उन्होंने बताया है कि इस मुद्दे पर सरकार के साथ बातचीत चल रही है। आखिर सीजेपी की अगली रणनीति क्या होगी और क्या अब आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर नए मुद्दों के साथ आगे बढ़ेगा?
आइए विस्तार से समझते हैं। नमस्कार, मैं हूं आपके साथ गरिमा शर्मा और आप देख रहे हैं india.com। दरअसल दिल्ली के जंतरमंतर पर लंबे समय तक चले आंदोलन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी अगले कदम की तैयारी में जुट गई है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ संकेत दिए हैं कि संगठन अभी भी एक्टिव मोड में है और आने वाले दिनों में छात्रों से जुड़े नए मुद्दों को उठाया जाएगा। समाचार एजेंसी ए एनआई से बातचीत में दीपके ने कहा कि आंदोलन अभी-अभी समाप्त हुआ है। इसलिए संगठन को अपनी अगली रणनीति तैयार करने के लिए थोड़ा समय चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरी रणनीति सार्वजनिक की जाएगी। उनके इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या सीजेपी अब अलग-अलग राज्यों में सामने आ रही शिक्षा से जुड़े विवादों को भी अपने अभियान का हिस्सा बनाने जा रही है।
बातचीत के दौरान जब अभिजीत दीपके से पंजाब में सामने आए पेपर लीक मामले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि संगठन इस मुद्दे पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस पर प्लानिंग चल रही है और जल्द ही [संगीत] इस विषय पर विस्तृत रणनीति साझा की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि संगठन किस तरह का आंदोलन करेगा या क्या कदम उठाया [संगीत] जाएगा। लेकिन इतना जरूर स्पष्ट किया कि पंजाब का मामला भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है। यानी नीट पेपर लीक के बाद अब सीजेपी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दूसरे विवाद पर भी अपनी भूमिका तय करने की तैयारी कर रही है। इसी दौरान अभिजीत दीपके ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जिन छात्रों पर केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी छात्र के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए। इस विषय पर सरकार के साथ उनकी बातचीत जारी है। दीपिका ने संकेत दिया है
कि संगठन की पहली प्राथमिकता छात्रों को कानूनी राहत दिलाना है और इसके लिए संवाद का रास्ता अपनाया जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सीजेपी आने वाले दिनों में अपना आंदोलन का दायरा बढ़ाएगी? क्या पंजाब के कथित पेपर लीक [संगीत] मामले को लेकर कोई नया अभियान शुरू होगा और क्या सरकार छात्रों पर दर्ज मामले को वापस [संगीत] लेने पर सहमत होगी। इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं। लेकिन इतना तय है कि जंतरमंतर का आंदोलन खत्म होने के बाद भी सीजेपी शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे पर अपनी सक्रियता जारी रखने के संकेत दे रही है। अब सबकी नजर संगठन की अगली रणनीति और सरकार के अगले कदम पर है। फिलहाल इस खबर में इतना ही। आप बने रहिए india.com के साथ।