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तो इसलिए ईरान ने हाईजैक किया भारतीय जहाज ? समुद्र में बड़ा धोखा…

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सेपा नेवी सेपा नेवी दिस इज मोटर सन मार हेडल्ट यू गेट मी क्लीयरेंस टू गो यू आर फायरिंग नाउ लेट मी टर्न बैक मिडिल ईस्ट के समंदर से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने भारत की चिंताएं बढ़ा दी है। सनमार हेराल्ड के बाद ईरान ने दूसरे भारतीय शिप पर भी हमला बोल दिया है। ना सिर्फ फायरिंग बल्कि इस बार तो आईआरजीसी ने पूरा का पूरा शिप ही ज्त कर लिया है। आखिर भारत को अपना सबसे खास बताने वाला ईरान इंडियन शिप्स के साथ ऐसा क्यों कर रहा है? हुरमूस की लहरों पर आज कोहराम मचा है। भारतीय जहाज ना केवल गोलियों का शिकार हुआ है बल्कि एक बहुत बड़ी डिजिटल ठगी

की साजिश का खुलासा भी हुआ है। जिसका सच आज हम आपके सामने लेकर आए हैं। सबसे पहले बात करते हैं आज की सबसे बड़ी खबर की। फोरमूस के रास्ते से भारत आ रहे जहाज पर ईरान ने हमला करके उसे जब्त कर लिया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स यानी आईआरजी ने कुल दो जहाजों को ज्त किया है। जिनका नाम है एमएससी फ्रांसिस्का और एपामिनोंडास। इन दोनों ही शिप्स को जबरन जब्त कर लिया गया। आखिर क्यों? क्या उनके पास परमिट नहीं था? क्या उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन किया था या ईरान जानबूझकर भारतीय शिप्स को निशाना बना रहा है। ईरान ने आरोप लगाया है कि ये जहाज नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे।

लेकिन मामला सिर्फ यहां तक सीमित नहीं है। उनमें से एक जहाज गुजरात आ रहा एक मालवाहक जहाज था। ईरान ने दोनों जहाजों पर नेविगेशन सिस्टम में हेरफेर करने और होरमूस में सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया। थोड़ा पीछे जाए तो शनिवार 18 अप्रैल को भारत का झंडा लगे दो जहाजों में। जग अर्नव और सनमार हेराल्ड पर भी भयंकर गोलीबारी हुई थी। जब अर्नव सऊदी अरब जा रहा था और सनमार हेराल्ड इराक से भारत के लिए कच्चा तेल लेकर आ रहा था। लेकिन इस पूरी कहानी का सबसे चौंकाने वाला मोड़ सनमार हेराल्ड के कप्तान का वो रेडियो संदेश है जिसने सबको सन कर दिया। जैसे ईरानी देवी ने उन पर गोलीबारी शुरू की। कप्तान की घबराहट भरी आवाज गूंजने लगी। कैप्टन कहते हैं, सिपाह नेवी यह सिनमर हराल्ड है। आपने ही तो हमें जाने की अनुमति दी थी। आपकी लिस्ट में मेरा नाम दूसरे नंबर पर है। फिर अब आप गोलियां क्यों चला रहे हैं? मुझे वापस होने दीजिए। सेपा नेवी सेपा नेवी दिस इज मोटरंगा सन मार हेडल्ट। यू गव मी क्लीयरेंस टू गो। माय नेम सेकंड ऑन योर लिस्ट। यू गव मी क्लीयरेंस टू गो। यू आर फायरिंग नाउ। लेट मी टर्न बैक। अब यहां सवाल उठता है कि अगर ईरान ने अनुमति नहीं दी थी तो कप्तान को हरी झंडी किसने दिखाई? यहीं से शुरू होता है इस कहानी का नया मोड़। समुद्री रिस्क मैनेजमेंट कंपनी मार्कस ने एक बहुत बड़ी चेतावनी जारी की है।

उनका कहना है कि होरमूस में फंसे सैकड़ों जहाज एक डिजिटल जाल यानी फिशिंग स्कैम का शिकार हो रहे हैं। सुनने में यह फिल्मी लगता है लेकिन कुछ ठग खुद को ईरानी अधिकारी बताकर इन जहाजों को फर्जी क्लीयरेंस मैसेज भेज रहे हैं। बदले में क्या मांगा जा रहा है? कोई कैश नहीं, कोई सोना नहीं बल्कि बिटकॉइन और यूएसडीटी जैसे क्रिप्टो करेंसी। चलिए आपको समझाते हैं कि आखिर यह ठगी हो कैसे रही। स्कैमर्स शिपिंग कंपनियों को मैसेज भेजते हैं कि आपके दस्तावेजों की जांच हो गई है। अब इतनी क्रिप्टो फीस चुकाइए और सुरक्षित निकल जाइए। कप्तानों को लगता है कि मामला सुलझ गया है। वह पैसे देते हैं और जैसे ही जहाज आगे बढ़ाते हैं, असली ईरानी सेना उन्हें नियम तोड़ने वाला समझकर हमला कर देती है। इस घटना ने नई दिल्ली में हड़कंप मचा दिया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने तुरंत ईरानी राजदूत को तलब किया। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि हमारे नाविकों और जहाजों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। उधर तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर्स का कहना है कि ईरान का अमेरिका द्वारा की गई नाकेबंदी का जवाब है।

उनका मानना है कि जब तक प्रतिबंध नहीं हटेंगे समंदर का यह रास्ता ऐसे ही सुलखता रहेगा। आज होमोस की लहरों पर सिर्फ बारूद की गन नहीं है बल्कि साइबर क्राइम का गहरा साया भी है। भारतीय जहाज अब सुरक्षित लौटने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन क्या हम एक ऐसे दौर में पहुंच गए हैं जहां समंदर के लुटेरे अब जहाजों पर चढ़कर नहीं बल्कि कंप्यूटर की स्क्रीन से जहाजों को मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। क्या आज जिस इंडिया जा रहे शिप को ईरान ने ज्त किया है वो भी इसी ठगी का शिकार तो नहीं था। लेकिन ठहरिए। क्या यह सिर्फ पैसों की ठगी है या फिर किसी बड़ी साजिश के तहत भारतीय जहाजों को जानबूझकर ईरान के निशाने पर लाया जा रहा है? क्या इसके पीछे कोई और तीसरी ताकत है जो भारत और ईरान के रिश्तों में दरार डालना चाहता है? इन सवालों के जवाब आने बाकी है। बने रहिए हमारे साथ क्योंकि समंदर की गहराई में अभी और भी कई राज दफन है। सब्सक्राइब टू वन इंडिया एंड नेवर मिस एन अपडेट। डाउनलोड द वन इंडिया ऐप नाउ।

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