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गंगा में नाविकों के जाल में फंसी 2 हजार साल पुरानी अदभुत चीज

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मेरा नाम दर्शन निषाद है। मैं जिला परियोजना अधिकारी नमामिंगे जनपद चंदौली सोजाबाद का मूल निवासी हूं। दर्शन जी शिवलिंग मिला है आपके बगल में है। कितनी पुरानी और कहां से? यह जो है लोगों का मानना है कि ढाई हजार साल जो है पुराना है और काले पत्थर का है और यह सूजाबाद के गंगा तट पे जो है मिला हुआ है। 5 जो है जून को मिला था ।

लेकिन लोग जो है गंगा के किनारे ही रखे थे। जब हमें पता चला तो रस्सी के माध्यम से लोगों के माध्यम से यह जो है कि गंगा मंदिर के चबूतरा पे रख दिया गया है। ये मतलब कहां घाट को मिला या गंगा जी के? यह गंगा जी के ठीक जो है किनारे मिला है। मछुआरों जो है कि उसमें जो मछुआरे थे वह मछली पकड़े उनके जाल से जो है कि यह निकाला गया है। तो इसकी सूचना अभी पुरातत्व विभाग को दी गई है।

इसकी सूचना अमर उजाला के अधिकारी के जो है माध्यम से जो है पुरातत्व को जो है सूचना दे दिया गया है। अभी तक कोई आया नहीं है। कितना वजन होगा इसको और कितने लोग मिलकर यहां पर इसको स्थापित इसको उठाने के लिए करीब 15 से 16 लोग जो है मिलकर के उठा पा रहे हैं। इसलिए लोगों का मानना है कि दो क्विंटल के आसपास इसका वजन है। पूजा पाठ क्यों लिया? हां इसका पूजा पाठ जो है कि ग्रामीण क्षेत्र और स्थानीय लोगों द्वारा बकायदे फूल माला जो है चढ़ा करके महादेव का नारा लगा करके पूजा पाठ चालू हो गया है और दर्शनार्थी यहां पे आना भी चालू कर दिए हैं।

जी ये बताइए कि ये जो पत्थर है का ये लोग बता रहे हैं कि जैसे अभी कलर किया गया है। मतलब ओरिजिनल कलर क्या था?

कैसा इसका ओरिजिनल का जो है वीडियो भी है अह जो है जिन्होंने वहां घाट पे जो है कि उसको उसको जो है पानी उस पे डाल रहे थे वह भी हमारे पास है और लोगों का यही जो है कि कहना है कि इसको थोड़ा सा जो है रंग पेंट जो है कर दिए हैं। इस पे स्प्रे मार दिया गया है। ओरिजिनल भी वीडियो है इसका जो गंगा के किनारे मिला हुआ है।

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