हम धर्मेंद्र प्रधान को कहते हैं कि पांच बजे तक रिजाइन कीजिए। अगर आपका पांच बजे तक रिजाइन नहीं आता है, रेजोल्यूशन नहीं आता है, तो ये आंदोलन पूरे देशभर में चलेगा। कोकरोच जनता पार्टी जंतर मंतर पर अभी विरोध प्रदर्शन कर रही है। सोनम वांगचुक उनके समर्थन के लिए पहुंच गए हैं। कुछ दिन पहले सोनम वांगचुक ने एक वीडियो बनाकर कहा था कि मैं समर्थन दूंगा और अगर उन्हें परमिशन नहीं मिलेगी तो भी हम लड़ने के लिए तैयार हैं। आज बड़ी संख्या में वहां आंदोलनकारी इकट्ठा हुए हैं और सभी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हमें शिक्षा मंत्री का इस्तीफा चाहिए, इससे ज्यादा हमारी कोई मांग नहीं है। अब ये सब आंदोलन की परमिशन से लेकर, मतलब विरोध प्रदर्शन की परमिशन से लेकर, वो सब 10 से 5 का है। मतलब जंतर मंतर पर उन्हें विरोध करने के लिए 10 से 5 का समय मिला है। और अभी अभिजीत दीपक ने एक ऐलान किया है कि जो पांच बजे से पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे तो देशभर में ये आंदोलन करेंगे और देशव्यापी आंदोलन बड़ा होगा। सरकार के लिए और शिक्षा मंत्री के लिए उन्होंने अल्टीमेटम दे दिया है।
पांच बजे से पहले अगर इस्तीफा नहीं देंगे तो फिर आंदोलन उग्र करने की बात की गई है। तो अभिजीत दीपक वहां क्या कह रहे हैं वो सुनो। “सारे लोग, मैं पूछना चाहता हूं कौन कौन इस प्रोटेस्ट में बैठेगा? फिर से हाथ खड़े करो। क्या ये प्रोटेस्ट हमें यहीं पर खत्म करना है? क्या हमें यहां फिर से बैठना चाहिए? क्या हमें तब तक लड़ना चाहिए जब तक धर्मेंद्र प्रधान रिजाइन नहीं करते? तो मैं सारे सपोर्टर्स की तरफ से ये अनाउंसमेंट करता हूं। हम धर्मेंद्र प्रधान को कहते हैं कि पांच बजे तक रिजाइन कीजिए। अगर आपका पांच बजे तक रिजाइन नहीं आता है, रेजोल्यूशन नहीं आता है, तो ये आंदोलन पूरे देशभर में चलेगा। जिंदाबाद।
और अगले शनिवार, अगले शनिवार कौन कौन फिर से आएगा? अगले शनिवार कौन कौन फिर से आएगा? जब तक धर्मेंद्र प्रधान रिजाइन नहीं करते तब तक हमें रुकना नहीं है साथियों। मैं अभी अभी आया हूं, मैं लद्दाख से आया हूं। लद्दाख के सभी लोगों का, पहाड़ों का, नदियों का, पशु पक्षियों का लेकर आया हूं।
सद्भावना लेकर आया हूं। संदेश सद्भावना का, प्रेम का आप सब के साथ। और यहां जो पुलिसकर्मी हैं, सैनिक के दस्ते हैं, सबके लिए शुभकामना लाया हूं। और सरकार से भी मैं धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होंने ये शांतिपूर्ण प्रदर्शन या आग्रह करने दिया। इससे आगे हम और बात करेंगे कि आगे कैसे चलें, मगर पहले हम थोड़ा शांत हो जाएं।”