महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार एक हेलीकॉप्टर क्रैश में डेथ हुआ है। उनकी हत्या करवाई गई। क्या लगता है कि कुछ टेक्निकल फौ्ट थी? वो लेयर जेट 45 फ्सार था। वन ऑफ द मोस्ट कॉम्पटेंट एयरक्राफ्ट्स। एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने जो प्रिलिमिनरी रिपोर्ट अभी तक उसमें दी है उसमें एयरक्राफ्ट में कोई भी टेक्निकल फौल्ट नहीं पाया गया है। अब चाहे अहमदाबाद में लोग मारे जाएं या महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम माना जाए। हर बार एयरलाइंस कंपनियां जो होती हैं वो आरओ पायलट पे लगा देती है। Air India का फ्लाइट था Boeing 787 उसके अंदर फ्यूल कट हुए। वो कोई बटन नहीं है जिसको आप ऐसे दबा दोगे और आपके इंजंस में फ्यूल जाना बंद हो जाएगा। जो एआईबी ने अपनी जांच बनाई उसमें एफडीआर में कोई कमी नहीं है। तो फिर कैसे बंद हुआ? महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार एक हेलीकॉप्टर क्रैश में डेथ आती है। बहुत सारी थ्योरी आई। किसी ने कहा मरवा दिया, किसी ने कहा नेचुरल था। किसी ने कहा पायलट ही गलती थी। आपकी राइवल कंपनी है। फिर भी एज अ व्यूअर मैं समझना चाहता हूं या दर्शक समझ आते हैं। उनकी हत्या करवाई गई। आपको प्रथम दृश्य लगता है या लगता है कि कुछ टेक्निकल फॉल्ट थी और इतने बड़े आदमी का जो हेलीकॉप्टर होगा आई एम श्योर बड़ा खास हेलीकॉप्टर रहा होगा। डबल इंजन हेलीकॉप्टर होगा। डबल हेलीकॉप्ट डबल इंजन हेलीकॉप्टर कैसे क्रैश हो गया? भैया वो लेयर जेट 45 XR था। वन ऑफ द मोस्ट कॉम्पिटेंट एयरक्राफ्ट्स यानी अच्छा बहुत अच्छा इनफैक्ट हम भी उसी कैटेगरी का एक खरीद रहे हैं तो इतना अच्छा है वो बहुत अच्छा है और वो जेट है प्रॉपर जेट है और वो जो कंपनी है वीके सिंह जी की उनके बेटे रोहित तो वो मेरे कॉमन फ्रेंड्स में से हैं। मेरे एक फ्रेंड के फ्रेंड हैं और हमारी दो पांच बार बात भी हुई है।
कोई भी ओनर जैसा मैंने कहा वो ऐसी कोई हरकत नहीं करेगा। और दूसरा मुझे यह भी लगता है कि अगर किसी को किसी को मरवाना ही होगा मैं उन पर क्वेश्चन नहीं कर तो व्हाई दे विल चूज़ जेट क्रेशिंग ओनली द पर्सन कैन चूज़ एनीथिंग माय पॉइंट इज एआईबी एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने जो प्रीलिमिनरी रिपोर्ट अभी तक उसमें दी है उसमें एयरक्राफ्ट में कोई भी टेक्निकल फॉल्ट नहीं पाया गया है और एज एन ओनर कोई भी ओनर हो भले मेरी राइवल कंपनी है लेकिन मैं ये बोलूंगा कि कोई भी ओनर अपने एयरक्राफ्ट में अगर उसका हाथ में तो सिर्फ इतना ही है ना कि आपके एयरक्राफ्ट में कोई टेक्निकल फॉल्ट ना हो। हम मैं तो सिर्फ इतना ही कर सकता हूं। पायलट का अंदर जाके क्या बिहेवियर है या पायलट कैसे उड़ा रहा है? मैं किसी पायलट को दोष नहीं दे रहा हूं। बट एयरक्राफ्ट में अगर टेक्निकल फॉल्ट नहीं है तो जरूर विजिबिलिटी का कोई इशू हो सकता है या फिर पायलट के कंट्रोल का कोई विषय हो सकता है। एयरक्राफ्ट में हमें कोई कमी नहीं निकली। हालांकि हमारी एज एन एिएटर मैं मेरे फेलो ऑर्गेनाइजेशन वालों को भी बोलना बोलना चाहूंगा कि हमें पायलट्स पर दबाव भी कम बनाना चाहिए अननेसेसरी कि नहीं तुम रात में भले पार्टी किए हो आज वो नहीं जा पा रहा जैसे इसी वाले में एक थ्योरी आई थी कि इन पायलट पर शायद ये आरोप लगा था कि थोड़ा हैंगओवर में थे मुझे नहीं पता वो दिवंगत आत्मा है मैं नहीं जानता बट एक थ्योरी आई थी मैं समझना चाह रहा हूं कि शायद लास्ट मोमेंट में उनका नाम चेंज कर दिया गया था
और बिल्कुल ऐसा हुआ था ये हुआ था हां बिल्कुल ऐसा हुआ था वो तो दो चीजें मेरे सामने भी आई वो मैंने एटीसी को जो मेल भेजे गए थे दो पायलट्स के पहले दो दूसरे पायलट थे बाद में दो दूसरे पायलट थे लेकिन ऐसी चीजें एिएशन में होती रहती हैं बट ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए लास्ट मोमेंट में पायलट चेंज होना मुझे पता होना चाहिए कि परसों मैं फ्लाई करूंगा या कोई और फ्लाई करेगा ताकि रात को मैं टाइम सोऊं और टाइम से टाइम से उठूं टाइम से जाऊं एज लॉन्ग एज आप एयरक्राफ्ट एयरक्राफ्ट ऑपरेशन इंजीनियरिंग टीम या कंपनी की डायरेक्ट फॉल्ट की बात करोगे मुझे मुझे नहीं लगता है। बट ये जो आप पॉइंट कर रहे हो इसमें मैं भी आपसे कहीं ना कहीं बट इसमें फिर एक और सवाल है। अहमदाबाद में एक प्लेन क्रैश होता है। फिर महाराष्ट्र में अहमदाबाद प्लेन क्रैश में कई लोगों की जान चली गई। हम महाराष्ट्र में एक प्लेन क्रैश ओ हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ। हम अब चाहे अहमदाबाद में लोग मारे जाए या महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम मारा जाए। हम हर बार एयरलाइंस कंपनियां जो होती हैं वो आरो पायलट पे लगा देती हैं। एक आम आदमी के मन में चला गया है या पायलट के परिवार का यह कहना होता है कि अपने आप को बचाने के लिए बड़ी कंपनियां पायलट पर दोष मड़ देती हैं ताकि कंपनी की रेपुटेशन भरी अच्छी रहे। भले मरने के बाद भी पायलट की बदनामी हो। शुभांग भैया मुझे पता है कि आप ये सवाल जो है जनता के बिहाफ पे पूछ रहे हो। लेकिन मैं ये बोलूंगा कि बहुत ही एिएशन का नॉन टेक्निकल एक्सपीरियंस के साथ ही लोग ऐसे सवाल करते हैं।
मैं आपको नहीं कह रहा हूं। आप तो ऑब्वियसली लोगों को रिप्रेजेंट कर रहे हो और आपका काम है सवाल पूछना। मैं आपको एक छोटा सा किस्सा बताता हूं। अहमदाबाद प्लेन क्रैश से रिलेटेड। हम जैसा कि मैंने दो चीजों का जिक्र किया सीवीआर एफडीआर हम सबको पता है मोटा-मोटी तौर पे कि जो एयर इंडिया का फ्लाइट था बोइंग 787 उसके अंदर फ्यूल कट हुए हम फ्यूल कट होने का एक प्रोसेस होता है वो कोई बटन नहीं है जिसको आप ऐसे दबा दोगे और आपके इंज फ्यूल जाना बंद हो जाएगा हम दिस इज नॉट हाउ इट हैपेंस देयर इज अ प्रॉपर प्रोसीजर इट्स अ गियर सिस्टम आप एक बार लॉक करोगे एक बार अनलॉक करोगे एक बार उसको पुश करोगे एक बार पुल करोगे हम देन ओनली आपका फ्यूल कट हो सकता है और अगर किसी टेक्निकल फेलियर की वजह से फ्यूल कट होगा तो एफडीआर में ऑटोमेटिक डाटा रिकॉर्ड होता है हम फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर जो होता है उसमें ऑटोमेटिक ये कोई भी प्लेन के अंदर कोई भी कमी आएगी एफडीआर में वो रिकॉर्ड होता है तो जो एआईबी की इंस्पेक्शन हुई हम जो एआईबी ने अपनी जांच बनाई उसमें एफडीआर में कोई कमी नहीं है हम कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर यानी सीवीआर में ये आया जिसमें एक पायलट दूसरे पायलट से गुस्से में पूछता है कि तुमने यह बंद क्यों किया? तीसरी सबसे बड़ी चीज कि जब आप bing 787 जैसे बड़ी मशीनरी को देखते हो जो एक वर्ल्ड लेवल की कंपनी है जिसने अपने 100 एक साल तो आरएडी में पैसे खर्च किए होंगे तब जाके एक ऐसा सिस्टम बनाया है। आप दो पांच साल में कभी ऐसा क्रैश देखते हो। इसमें ऑटो पायलट होता है। एक सर्टेन हाइट के बाद एयरक्राफ्ट में ऑटो पायलट सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है। हम उस सर्टेन हाइट से पहले ही जब एफडीआर में कोई विषय नहीं आया। मतलब कि एफडीआर ने ये रिकॉर्ड नहीं किया कि आपके एयरक्राफ्ट में कोई ग्लिच था जिसकी वजह से फ्यूल बंद हुआ तो फिर कैसे बंद हुआ? यह तो कोई समझदार आदमी ही बंद कर सकता है ना। जिसको यह समझ हो कि कितनी फाइट फाइट से पहले हमें इसको बंद करना है। क्योंकि वह सर्टेन हाइट पे जाने के बाद एयरक्राफ्ट कभी क्रैश कर ही नहीं सकता। अगर आप चाहो तो भी नहीं कर सकता। दिस इज अ वेरी मतलब मैं एक चीज और समझना चाह रहा हूं। चलो मैं इसको और एक इससे मेरे क्यूरोसिटी सवाल आया। हालांकि इसका जवाब में दे दिया है। हम बहुत बार हमने देखा है चाहे अहमदाबाद प्लेन क्रैश हो या अजीत पवार का प्लेन क्रैश हो। हम पहले 60 सेकंड में ही हादसा हो गया। 60 सेकंड में हादसा क्यों आता है? नहीं अजीत पवार जी के केस में लैंडिंग के दौरान हादसा हुआ। ओके। और इसमें पहले 60 सेकंड में हादसा हुआ। मतलब पहले दो-ती मिनट के अंदर मैं रिफ्रेम देता हूं। अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद ये सवाल आया कि जब नीचे सब कुछ जांच पड़ताल हो के गए हां। तो पहले 60 सेकंड में हादसा कैसे हुआ डेलीबेट हो सकता है ऑब्टेशनली किसी के साइकोलॉजिकल इश्यूज हो सकते हैं और ऐसा आप अभी आप रिपोर्ट्स में देखेंगे और मैं ये बहुत बेबाकी से ये बात ये बोल रहा हूं मुझे पता है इसके रिपरकेशंस होंगे मैं जो बोल रहा हूं क्योंकि देयर इज़ अ सर्टेन लॉबी मतलब ये आप ये कह रहे हो कि हो सकता है अहमदाबाद प्लेन क्रैश खुद ही करवा दिया हो नहीं साइकोलॉजिकल इशू पायलट हां देयर देयर इज़ देयर इज़ अ सर्टेन साइकोलॉजिकल इशू किसी भी देवंगत आत्मा के बारे में मैं कोई कमेंट नहीं कर रहा हूं बट देयर आर रिपोर्ट्स अराउंड इट और आप ये पायलट ने करवाया था। खुद कर दिया था। हां शिट यार। इतने लोगों की जान ले ली। सोसाइटी से कई बार आप अंदर ही अंदर घुटते हुए कई सारी चीजें अपने मन में फ्रेम करते हो। और मैं एक इंडिपेंडेंट आदमी हूं जिसकी अपनी एक इंडिपेंडेंट कंपनी है।
हम और मैं जब ऐसे बयान दे रहा हूं तो मैं बहुत जिम्मेदारी से ये बयान दे रहा हूं। हम मैंने देखा कि उसमें एक हम सब ने सुना ऐसे आरोप सुने कि उसमें एक फॉर्मर सीएम थे गुजरात के हो सकता है सरकार ने सरकार के पास ऐसा टाइम नहीं है सर अब मैं सबको कहना चाहता हूं कि हम लोगों को इतना इजी लगता है कि सरकार इतने खाली बैठी है कि अपने ही एक पार्टी के व्यक्ति को हम इस तरीके से ऐसा नहीं होता है देयर देयर आर पीपल देयर आर इंडिपेंडेंट पीपल आप मेरी गाड़ी में बैठे हो आप इतने बड़े देश के पत्रकार हो मेरा ही दिमाग घूम जाए और मैंने कहीं गाड़ी को ठोक तो क्या सरकार मुझे फंड कर रही है आपको मारने के लिए? तो मेरा भी साइकोलॉजिकल रीज़न हो सकता है ना। हम हम लोगों को क्या भैया आदत पड़ गई है हर छोटी चीज पे सरकार को सोचने की। सीधे सरकार को ब्लेम करना, सीधे होम मिनिस्टर को के बारे में बोलना, सीधे प्राइम मिनिस्टर के बारे में बोलना दे डोंट हैव टाइम फॉर ऑल दी स्टूपिड शिट। एक व्यक्ति के साथ साइकोलॉजिकल इशू हो सकता है। क्योंकि ना सीवीआर में यह बात आ रही है। दूसरे पायलट का आवेश में आया। क्वेश्चन भी है वो वॉइस क्लिप तो अब तो पब्लिक है आप देख भी सकते हो ना एफडीआर में यह आ रहा है फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर में कहीं यह प्रूफ नहीं है कि जो फ्यूल इंजन कट हुए जो फ्यूल कट हुए वो किसी टेक्निकल स्नैक की वजह से हुआ ऐसा भी नहीं आया तो क्या है किसी ना किसी को बंद ही करना पड़ेगा ना हां अब या तीसरा भूत आ गया हो तो उस पे मैं नहीं कमेंट कर सकता कुछ पॉडकास्टर्स हैं जो भूत के बारे में भी [हंसी] बात करते हैं तो वैसा कुछ हो गया हो तो मैं नहीं कह सकता भैया बट जो टेक्निक को हम समझते हैं कि एक्स नहीं हुआ होगा व नहीं हुआ होगा तो जेड हुआ होगा उसके बेसिस पे यह बात है। बाप रे चंद्रशेखर आजाद को भी ना कहा गया था आपकी तरफ से आजाद समाज पार्टी वाले वीटीवाई आरजी करके एक हेलीकॉप्टर था हमने लीज़ पे लिया था एमपी इलेक्शन 2023 के दौरान ये वही समय है जब मैं पहली बार हेलीकॉप्टर में बैठा था हम और उनको दो दिन में छह से सात सेक्टर करने थे और शुभंकर भाई मैं आपको बताऊं जब एक ही दिन में चारप सेक्टर करने होते हैं और 2 दिन में छह-सात सेक्टर करने होते हैं तो टाइम की बहुत रेस्ट्रिकशंस होती है क्योंकि आप ऑपरेशनल टाइम में ही फ्लाई कर सकते हो। सन सनराइज के बाद फ्लाई कर सकते हो। सनसेट से पहले फ्लाई कर सकते हो। और सनसेट से पहले आपको लैंड करना है। फ्लाई नहीं करना है। और लेट से आपको 4:00 बजे एक जगह से निकल के दूसरी जगह पहुंचना है और 5:00 बजे का सनसेट है तो और 1 घंटे की फ्लाइंग है तो आपको 3:55 पे निकलना होगा। तभी तो आप सॉरी 255 पे निकलना होगा तभी तो आप 3:55 पे लैंड करोगे अगर 4:00 बजे का सनसेट है तो और 3:55 पे निकलोगे तो 4:55 पे लैंड करोगे अगर 5:00 बजे का सनसेट है
तो तो चंद्रशेखर जी को जाना था और वो गए भी वो किसी एक जगह रैली से 10-15 मिनट लेट हो गए जिसकी वजह से वो समय पे नहीं पहुंचे और हमारे उस वक्त के पायलट ने डिनाई कर दिया फ्लाई करना तो वो वीडियो भी बड़ा वायरल हुआ YouTube पे भी है कि आप चाहिएगा तो पीछे चलाइएगा उसमें बोला गया कि तुम्हारे मालिक को फोन आ गया हो दिल्ली से किसी बड़े उसका तो ऐसा नहीं है। हम लोग ऐसा नहीं करते हैं। हमने अगर किसी का जिम्मेदारी लिया है, हमने किसी का चार्ज लिया है तो हम लोगों का कोशिश रहता है कि टेक्निकिटीज में रह के जो हम लोग बेस्ट कर सके करें। बट एज अ पैसेंजर आपको भी ध्यान रखना है कि अगर हमने आपको जो समय दिया है आपको वहां पे आपका रैली खत्म करके पहुंचना पड़ेगा। बिकॉज़ जब आप हमारे एयरक्राफ्ट में हो तो एव्री टेक ऑफ एंड लैंडिंग इज एन इमरजेंसी इवेंट। एवरी टेक ऑफ लर्निंग हम क्लास में हैं, पढ़ा रहे हैं एज अ टीचर मैं एग्जांपल दूं तो हम 30 में से एक दो क्लास खराब भी लें, 28 क्लास अच्छी लें तो काम चल जाता है। लेकिन मेडिकल एक ऐसी फील्ड है और यह एक ऐसी फील्ड है आप अपना एक भी ऑपरेशन खराब नहीं कर सकते। आपको हर टेक ऑफ, हर लैंडिंग बड़ी जिम्मेदारी के साथ करना पड़ेगा। हमने रूल बुक में रह के जो हम कर सकते थे हमने