क्या कभी सुना है कि किसी जगह को ह्टेड कहा जाए और उसके ह्टेड होने की कहानियां सोशल मीडिया पर वायरल हो और उस जगह का जो ओनर है वो कोर्ट में एप्लीकेशन देता है और कहता है कि मेरे जगह के बारे में यह जो ह्टेड है मनहूस है इस तरह की कहानियां जो फैली है इन कहानियों को बंद किया जाए इन पर रोक लगाई जाए वेल ऐसा ही कुछ हुआ है राजेश खन्ना के आइकनिक आशीर्वाद बंगलों के केस में। यह वो बंगलो है जहां पर राजेश खन्ना ने अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और सबसे टफ पल देखे हैं।
जितने फेमस राजेश खन्ना थे उतना ही फेमस उनका वो बंगलो था। हालांकि 2012 में उनकी डेथ के बाद अक्षय कुमार ने यह बंगलो शशि किरण शेट्टी नाम के बिजनेसमैन को बेच दिया था। ओनरशिप बदल गई। शशि किरण वहां पर अपने परिवार के साथ रहने लगे। लेकिन उसके बावजूद उस बंगलो को लेकर कहानियां सोशल मीडिया पर आनी बंद नहीं हुई। यही वजह है कि शशि किरण शेट्टी ने कोर्ट में अर्जी लगाई और उस अर्जी में कहा कि इस तरह की जो कहानियां हमारे बंगलों के बारे में फैली हुई है सोशल मीडिया पर कि यह कर्स्ड है। यह भूतिया बंगलो है। इन कहानियों से हमारे और हमारे परिवार के मनोबल पर असर पड़ता है। हमारी प्राइवेसी का हनन होता है। इसीलिए इस तरह की कहानियों पर रोक लगाई जाए
और अब कोर्ट ने यह आर्डर पास कर दिया है। राजेश खन्ना के आइकॉनिक आशीर्वाद बंगलों के बारे में ह्टेड शब्द कहना, कर्स कहना, मनूस बंगलो कहना इन सब चीजों पर रोक लग गई है। अब सवाल उठता है कि आखिर इस बंगलो के बारे में इस तरह की ह्टेड कहानियां फैली कैसे? तो बताया जाता है कि इस बंगलो के पहले ओनर थे एक्टर भारत भूषण। भारत भूषण से यह बंगलो एक्टर राजेंद्र कुमार ने खरीदा और एक्टर राजेंद्र कुमार से यह बंगलो राजेश खन्ना ने खरीदा।
अगर इन तीनों की लाइफ देखी जाए तो एक टाइम पर यह तीनों अपने करियर के पीक पर थे। लेकिन एक टाइम ऐसा आया जब इनका बहुत बुरा हाल हुआ जिंदगी में और जिंदगी में यह जो उतार देखा इन लोगों ने जो डाउनफॉल देखा इस डाउनफॉल की वजह से ही इस बंगलों को करस्ट बंगलो कहा गया। ह्टेड बंगलो कहा गया कि जो जो भी लोग इस घर में रहे हैं वो लोग बर्बाद हो गए हैं। तरह की पुरानी कहानियों की वजह से करेंटली जो परिवार इस घर में रह रहा है, वह बहुत इफेक्ट हो रहा है। यही वजह है कि शशि किरण शेट्टी ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाई और उनकी इस अर्ज़ पर कोर्ट ने आर्डर दिया है कि अब इस बंगलो को ह्टेड या फिर कर्स बंगलो ना कहा अच्छा