Cli

आयुषी शर्मा केस: इस गंभीर बीमारी से पीड़ित थे पिता, बेटी ने दी खौफ!नाक मौ!त

Uncategorized

14 करोड़ की संपत्ति, सरकारी जॉब और दो मौतें। मां की सुपारी देने वाली आयुषी की कहानी में ट्विस्ट आ गया है। अपनी ही मां की सुपारी दे दी। किस लिए? एक नौकरी के लिए और जायदाद के लिए।

वो जायदाद जो वैसे भी उसी के पास जानी थी। जयपुर में अपनी मां की की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार आयुषी की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। अब आयुषी के मामा का आरोप है कि आयुषी ने अपनी मां को धमकी दी थी और इसके बाद उन्होंने WhatsApp पर स्टेटस लगाया था कि बस दो दिनों की जिंदगी बची है। आप समझ रहे हैं कितना सीरियस है यह। मां को आयुषी ने पहले ही धमकी दी थी।

आयुषी के मामा का भी आरोप है। अब यह बात मामा खुद कह रहे हैं कि आयुषी ने अपनी मां को धमकी दी थी और उसके बाद उन्होंने WhatsApp पर स्टेटस लगाया था कि बस दो दिनों की बात है। यानी कि क्या मां को अंदाजा था कि उनकी बेटी उन्हें मार देगी। उन्हें मौत के घाट उतार देगी। 14 करोड़ की संपत्ति और सरकारी नौकरी के बीच अब पुलिस कई नए सवालों के जवाब तलाश रही है। जयपुर की आयुषी कुछ दिन पहले तक यह नाम शायद ही किसी ने सुना होगा। लेकिन अब यही नाम राजस्थान के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया है।

पुलिस का आरोप है कि एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा आयुषी ने अपनी ही मां नीरज शर्मा की हत्या के लिए सुपारी दी। कथित तौर पर ₹ लाख में हत्या की डील हुई। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कहानी की परतें खुलती जा रही हैं। परत दर पपलत जब खुल रही है, हर किसी के होश फागता है। मां की हत्या की जांच चल रही थी कि नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा सामने आए। उन्होंने ऐसा दावा किया जिसने पूरे केस का रुख ही बदल कर रख दिया है।

उनका आरोप है कि परिवार में यह पहली संदिग्ध नहीं थी। इससे पहले अप्रैल 2025 में आयुषी के पिता विजय वशिष्ठ की भी सामान्य नहीं थी। उन्होंने पुलिस से मांग की कि उस की भी नए सिरे से जांच हो। यानी कि अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि मां की हत्या किसने करवाई? सवाल यह भी है कि क्या इस परिवार में हुई दो मौतों के बीच कोई कनेक्शन तो नहीं है? कोई कड़ी तो नहीं है? परिजनों का दावा है कि परिवार के पास करीब ₹14 करोड़ की संपत्ति थी।

विजय वशिष्ठ राजस्थान हाईकोर्ट में तैनात थे। आरोप है कि उनकी मौत के बाद आयुषी ने सबसे पहले अनुकंपा नियुक्ति की बात की। फिर संपत्ति अपने नाम कराने की भी चर्चा होने लगी। मामा का आरोप है कि संपत्ति और सरकारी नौकरी को लेकर परिवार में टेंशन बढ़ती चली गई। तनाव बढ़ गया।

हालांकि पुलिस जांच अभी भी जारी है। पुलिस पूछताछ में आयुषी ने कथित तौर पर कहा है कि उसे लगता था कि मां अपने स्पेशल चाइल्ड बेटे को ज्यादा प्यार करती थी। वो खुद को परिवार में अकेला महसूस करती थी। उसने यह भी कहा कि मां से उसके रिश्ते लंबे समय से खराब थे और दोनों के बीच अक्सर झगड़े हुआ करते थे।

लेकिन क्या सिर्फ पारिवारिक नाराजगी किसी की हत्या की साजिश तक ले जा सकती है? यही सवाल अब पुलिस भी समझने की कोशिश कर रही है। जब पापा को मार दिया। केस में सबसे सनसनीखेज दावा आयुष के मामा ने किया। उनका यह कहना है कि एक दिन झगड़े के दौरान आयुष ने अपनी मां से कथित तौर पर कहा था कि जब पापा को मार दिया तो तुम क्या चीज हो? परिजनों का दावा है कि इस कथित धमकी के बाद नीरज शर्मा ने अपने WhatsApp स्टेटस पर लिखा था बस दो दिन की जिंदगी बची है।

आयुषी के मामा राकेश शर्मा का आरोप है कि उनके बहनोई विजय लंबे समय से बीमार जरूर थे लेकिन उनकी हालत में सुधार हो रहा था। बाद में उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया गया और फिर उनकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी गई और अंतिम संस्कार भी जल्दबाजी में कर दिया गया और यही वजह है कि अब वे आयुषी के पिता की मौत की भी जांच की मांग कर रहे हैं।

अब एक नाम ऐसा भी है इस पूरी कहानी में इस पूरे हत्याकांड में बलराम। बलराम हर कहानी में यही नाम क्यों सामने आ रहा है? सवाल यह भी। इस केस में एक और नाम बार-बार सामने आ रहा है जिसका नाम हम ले चुके हैं बलराम। परिजनों का आरोप है कि आयुषी का चेहरा भाई बलराम। चचेरा भाई है बलराम।

बड़े फैसले में उसके साथ था। पुलिस भी उसके तलाश कर रही है। उसके साथ कनेक्शन की छानबीन कर रही है। पुलिस का कहना है कि आयुषी बेहद तेज दिमाग वाली है। जांच अधिकारियों के मुताबिक कई सवालों पर वो सामान्य जवाब देती है। लेकिन बचपन या कुछ निजी बातों पर अचानक चुप हो जाती है और यही वजह है कि अब उससे मनोवैज्ञानिकों की मदद से पूछताछ की जाएगी। इससे कैच की मदद ली जाएगी ताकि उसके व्यवहार और कथित मकसद को बेहतर तरीके से समझा जा सके। इस कहानी में एक मां की है। एक पिता की मौत पर उठते सवाल है। करोड़ों की संपत्ति है।

सरकारी नौकरी का विवाद है। परिवार के भीतर टूटते रिश्ते हैं और कई ऐसे आरोप हैं जिनकी सच्चाई तक पहुंचना अभी बाकी है। फिलहाल पुलिस मां की हत्या के मामले की जांच कर रही है। वहीं परिजनों की शिकायत के आधार पर पिता की मौत और संपत्ति विवाद से जुड़े आरोपों की भी जांच की बात कही गई है। इस मामले में डीसीपी रंजीता शर्मा ने कहा है कि परिजनों की ओर से पिता की मौत और अन्य आरोपों को लेकर जो शिकायत दी गई है उसकी भी जांच की जाएगी।

साथ ही साथ आयुष से मनोवैज्ञानिकों की मदद से भी इंटेरोगेशन होगा। पूछताछ होगी कि आखिर सच्चाई कहां है और क्या है ऐसा जो बड़ी ही सफाई के साथ आयुषी छिपा रही है ताकि उसके व्यवहार और संभावित मकसद को बेहतर तरीके से समझा जा सके।

फिलहाल इस मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या पिता की मौत नेचुरल थी? स्वाभाविक थी या परिजनों के आरोपों में दम है? क्या आयुष के मामा जो आरोप लगा रहे हैं? क्या आयुष का हाथ आयुष के पिता को मारने के पीछे हो सकता है? क्या यह सच है? क्या संपत्ति और सरकारी नौकरी इस पूरे विवाद की वजह बने हैं? क्या परिवार के भीतर लंबे समय से तनाव चल रहा था? और क्या मां की किसी षड्यंत्र का हिस्सा थी?

इन सवालों के जवाब अभी जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे। लेकिन एक बात तो तय है कि जिस तरीके से उसमें दावा किया जा रहा है कि आयुषी ने अपनी ही मां की सुपारी दी थी उसे कुचलवाकर के घाट उतार दिया और महज 7 लाख रुपए देकर। उसके बाद आयुष का बार-बार नॉर्मल सवालों एक कठिन से कठिन सवालों पर नॉर्मल एक्ट करना।

बचपन से जुड़ी किसी स्मृति के बारे में बात की जाए उस पर ऐसे बात करना जैसे कुछ हुआ ही ना हो। साधारण तरीके से एक्ट करना जाहिर है कुछ तो ऐसा है जो बहुत गड़बड़ है। क्या यह सिर्फ प्रॉपर्टी का लालच था? क्या सिर्फ यह वसीयत वसीयतनामे की ग्रीड थी या फिर कुछ और था? क्या मानसिक रूप से आयुषी ठीक नहीं है? इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जिस शातिर तरीके से उसने मां के को अंजाम दिया और दावा इस बात को लेकर भी किया। मां को धमकी तक दी कि जब पापा को मार दिया तो आप कौन सी खेत की मूली हो? आप कौन हो?

इससे यह पता चलता है कि षड्यंत्र भी है। क्या मानसिक स्थिति गड़बड़ है? क्या यह भी एंगल है? और इस एंगल के पीछे और कौन-कौन शामिल है? क्या बलराम चचेरा भाई ही एकमात्र ऐसी कड़ी है? एकमात्र ऐसा शख्स है जो लगातार आयुषी की मदद करता रहा है या फिर इस पूरे हत्याकांड में और भी ऐसे लोग हैं जो कि आयुषी का साथ दे रहे थे। क्या सिर्फ आयुष की नजर ही उसकी प्रॉपर्टी पर थी? उस प्रॉपर्टी पर जो कि वैसे ही उसे मिलने वाली थी क्योंकि एक मात्र वायरिस वही थी। एक उसका स्पेशली चैलेंज्ड भाई था और ऐसे में सब कुछ आयुष के पास ही आना था।

लेकिन उसके बावजूद किस बात की जल्दी थी आयुषी को कि आयुषी ने ना सिर्फ अपनी मां को मारा, सुपारी दी, बकायदा मरवाया। मामा के हिसाब से दावा इस बात का भी किया जा रहा है कि आयुषी के पिता की मौत के पीछे भी जिम्मेदार आयुषी हो सकती है। वो नेचुरल डेथ नहीं थी।

वह स्वाभाविक नहीं थी। और अगर स्वाभाविक मौत होती तो जल्दबाजी में अंतिम संस्कार क्यों किया जाता? अगर स्वाभाविक मौत होती तो क्या वजह थी कि इतनी जल्दी जबकि आयुषी के पिता ठीक हो रहे थे रिकवर हो रहे थे वो बीमार जरूर थे।

लेकिन बहुत ही तेजी के साथ रिकवर हो रहे थे अचानक उनकी ऑल ऑफ अ सडन डेथ होती है अचानक होती है और उसके बाद उनका जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया जाता है और फिर आयुषी का करना इस बात की धमकी देना इस बात का मां के सामने कुबूलनामा कि पिता को मैंने ही मारा था पिता को मैंने मार दिया तुम कौन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *