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लिव इन, गले पर निशान…लखनऊ में बिजनेसमैन की रहस्यमय तरीके से हुई मौ;त, इस मशहूर मॉडल पर लगे आरोप,जानकर कांप जाएंगे।

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लखनऊ में करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। शिवा की मौत के बाद सामने आए ऐसे आरोप जिन्होंने पूरे मामले को उलझा कर रख दिया है। शरीर पर सिगरेट के जलाने के निशान होने का दावा और चेहरे पर लिपस्टिक लगे होने की बात। शक की सुई घूम रही है सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर और मॉडल श्रद्धा दुबे की तरफ। शिवा की मां का आरोप है कि श्रद्धा उनके बेटे को टॉर्चर करती थी, मारती पीटती थी, ब्लैकमेल करती थी और उसी ने उसकी जान ले ली। लेकिन पुलिस की जांच में अभी हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। अब सवाल यह है कि शिवा की मौत हादसा थी या हत्या।

श्रद्धा दुबे आखिर कहां है? शिवा का जेल से क्या है कनेक्शन? और क्या पुराने केस में जेल जाने का डर उसकी मौत की कहानी से जुड़ा है। हर आरोप, हर दावे और पुलिस के बयान को शुरुआत से समझते हैं। जैसा कि हमने शुरुआत में बताया कि इस मौत को महज एक्सीडेंट नहीं माना जा रहा है। शिवा की मां इसे हत्या बता रही हैं। उनका आरोप है कि श्रद्धा दुबे ने उनके बेटे की हत्या कर दी। श्रद्धा दुबे शिवा की गर्लफ्रेंड और लिविंग पार्टनर बताई जा रही है। श्रद्धा एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर हैं। सोशल मीडिया पर रील बनाती हैं। उसके अकाउंट पर बड़े-बड़े नेताओं की तस्वीरें मिली हैं। शिवा एक कैफे ओनर के साथ-साथ कपड़े का बिजनेस करता था। करीब 4 महीने से दोनों लोग साथ में लिवन में रह रहे थे। शिवा की मां के मुताबिक श्रद्धा उनके बेटे को टॉर्चर करती थी और उसी ने उनके बेटे को मारा है। शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई? सुनिए उनकी मां ने क्या बताया।

7 तारीख को रात में कुछ लड़के शिवा को घर से बुला के ले गए और 1520 मिनट का कह के ये घर से निकले और इन्होंने कहा कि तुम मेन डोर लॉक कर लो। मैं साइड की चाबी है मेरे पास। मैं घर आ जाऊंगा। फिर मैंने थोड़ी देर बाद जब कॉल किया तो इन्होंने बताया कि मैं भैया के साथ हूं। तुम परेशान ना हो। मैं आ जाऊंगा। फिर दूसरे दिन लगभग 12:30 1:00 बजे के आसपास इसने मुझे कॉल किया कि मैं ठीक हूं और तुम परेशान ना हो और श्रद्धा दुबे जो इनकी गर्लफ्रेंड थी वो मिलने आ रही हैं इनसे और तुम बिल्कुल परेशान ना होना इस इस सिलसिले में 8:30 बजे के आसपास लगभग 8:30 बजा होगा और श्रद्धा दुबे का ड्राइवर मेरे घर पे जो गाड़ी शिवा लेके निकले थे अभी BMW मेरी बेटी की वो वापस करने आए और मेरे घर पे खड़ी हुई शिवा की गाड़ी ले जाने के लिए चाबी लगा के इनके पास और ले जाने लगे।

चाबी ले जाने लगे। तो मैंने पूछा कि ये ये चाबी ये गाड़ी तुम कहां ले जा रहे हो? तो उन्होंने कहा कि इससे आपको मतलब नहीं होना चाहिए। तो मैंने कहा मैं पुलिस को कॉल कर रही हूं। तुम मेरे घर से गाड़ी ले जा रहे हो। तो उन्होंने गाड़ी छोड़ दी और वो चले गए। दूसरे दिन 12:30 बजे के आसपास शिवा का कॉल आया कि तुम परेशान मत हो। मैं ठीक हूं। भैया के साथ हूं और मैं कल आता हूं और कल सब कुछ सही हो जाएगा। फिर उसी कल 9 तारीख के 8 8:30 बजे के आसपास श्रद्धा दुबे की बहन है रश्मि दुबे। उनका कॉल आता है कि आंटी शिवा मेरे घर की बालकनी में गिर गए हैं और आप रामन और लोहिया लेके जा रहे हैं हम लोग और आप पहुंचिए। जब हम लोग राम मनोहर लोहिया पहुंचे तो उन्होंने बताया कि इस नाम का कोई पेशेंट आया ही नहीं है। ढाई तीन घंटे हम लोग इसी चप में रहे। तो फिर जब श्रद्धा दुबे को मेरी बेटी ने कॉल किया कि कहां हैं आप लोग? तो उन्होंने कहा कि आप ये मैं अपने ड्राइवर का नंबर दे रही हूं दानिश का। आप उससे पूछिए और हम लोग भी पहुंच रहे हैं।

फिर मेरी डॉटर ने जब दानिश को कॉल किया तो दानिश ने बताया कि मैं मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हूं। मेरी डॉटर जब तक लगाती लगाती गाड़ी और मैं अंदर गई। अंदर एक एंबुलेंस जिसका नंबर मेरे पास है। उसके पास में इनका ड्राइवर दानिश खड़ा हुआ था। मुझे देख के बोला कि मुझसे कोई मतलब नहीं है। मैं तो सिर्फ ड्राइवर हूं। और कह के वो वहां से भाग गया। जब हम लोगों ने एडमिट कराया तो डॉक्टर ने कहा कि शिवा की मां कह रही है कि उसकी मौत की जानकारी उन्हें ठीक समय पर नहीं दी गई। उन्होंने श्रद्धा पर तमाम आरोप लगाए। सुनिए। चार पांच महीनों से परिचय था। क्या लगता है मतलब घटना क्या हुई थी?

घटना यह थी कि जो श्रद्धा दुबे थी वो मानसिक और शारीरिक रूप से इनको परेशान कर रही थी। चारप महीने से बहुत मारती पीटती थी। जब ये उनके घर नहीं रुकने जाना चाहते थे या नहीं रुकते थे या डरते थे उनसे तो ये फिर से मारती थी। ये मारती थी और उसके बाद इन्होंने शायद इन्होंने हर समय ब्लैकमेल करने की कोशिश की। ये कहती थी कि मैं अलग-अलग तरीके के इल्जाम लगा दूंगी और फंसा दूंगी। अ फिर ये मेरी दुकान पे अभी एक दिन आई और इन्होंने कहा कि अगर आपने अपना बेटा नहीं दिया मुझे तो अब क्या अंजाम होगा आप सोच नहीं सकते बॉडी पूरी तरह से करंट और एक्सट्रोसन के पूरी फुल बॉडी पे निशान है पूरी दोनों पसलियां पूरे हाथ पूरी पीठ जबड़ा पूरा टूटा हुआ है कान नाक आंख सबसे ब्लीडिंग है पूरी बैक सर का पूरा चीजें हैं स्पाइन पूरी वो है चोट के निशान है पूरे पैर पे पूरे चोट के निशान है इस पूरी घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने सामने आया है जो श्रद्धा के घर का बताया जा रहा है। वीडियो में हम देख सकते हैं कि कुछ लोग सीढ़ियों से भाग रहे हैं। पर यह पूरा फुटेज शिवा की मौत से कैसे जुड़ा है अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। इंडिया टुडे से जुड़े अंकित मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले पर एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि युवक चौथी मंजिल से गिरा था जिसके बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। शिवा को धक्का दिया गया या घटना के पीछे कोई और वजह है? पुलिस सभी तकनीकी और फॉरेंसिक पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है। मतलब पुलिस की ओर से इस चीज की कंफर्मेशन नहीं है कि यह एक्सीडेंट है या हत्या। इस पूरे मामले में एक सवाल आता है कि शिवा का जेल से क्या कनेक्शन है? दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक 30 अगस्त को लखनऊ गोमती नगर के ट्विंकल पिंक क्लब में एक फायरिंग की घटना हुई थी। इस मामले में शिवा को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने उस पर ₹00 का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ ने उसे बिहार के पटना से पकड़ा था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था।

वह जमानत पर रिहा हुआ था। शिवा की मां का कहना था कि शिवा दोबारा जेल जाने से डरने लगा था। इसी का फायदा उठाकर श्रद्धा उसे ब्लैकमेल करती थी। वह झूठे आरोप लगाकर जेल भिजवाने की धमकी देती थी। उसे टॉर्चर करती थी।

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