रेखा और मुकश अग्रवाल का शादा 1990 म हुइ था, लाकन यह रिश्ता कुछ ही महीनों में मुश्किल दौर में पहुंच गया। दोनों के बीच दूरियां बढ़ीं और रेखा अपने काम के सिलसिले में मुंबई लौट आईं। इसके बाद मुकेश की हो गई। इस घटना ने रेखा की निजी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया।मुकेश अग्रवाल के कथित आखिरी खत को लेकर लंबे समय से कई तरह की बातें कही जाती हैं।
मीडिया और किताबों में इस पत्र को लेकर अलग-अलग दावे मिलते हैं। कुछ विवरणों में कहा गया कि उन्होंने रेखा को लिखा था कि वह उनकी जिंदगी में किसी तरह की परेशानी नहीं चाहते और रेखा को खुद को दोषी नहीं मानना चाहिए।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात है-उस कथित आखिरी पत्र का पूरा मूल पाठ सार्वजनिक रूप से प्रमाणित रूप में उपलब्ध नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली पंक्तियों को मुकेश के वास्तविक शब्द मानना सही नहीं होगा।
मुकेश की के बाद रेखा को लेकर मीडिया में काफी अटकलें लगाई गईं और उनके निजी जीवन पर सवाल उठे। रेखा ने इस पूरे अध्याय पर बहुत सीमित सार्वजनिक टिप्पणी की। यही कारण है कि उनके और मुकेश के रिश्ते से जुड़ी कई बातें आज भी रहस्य और चर्चाओं का हिस्सा हैं।इस कहानी में सबसे जरूरी बात यही है कि प्रमाणित जानका और बाद में गढे गए किस्सों को अलग-अलग रखा जाए।