दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं कि मुश्ता खान आज हमारे बीच नहीं है। कल उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें दफन किया गया। लेकिन अफसोसनाक बात यह है कि ऐसे मौके पर कोई भी स्टार जिसे हम स्टार कहते हैं वो उन्हें अपना आखिरी सलाम पेश करने नहीं आया जबकि बहुत से
उनके साथी उनके कलीग्स एक्टर्स सब आए लेकिन कोई बड़ा चेहरा नहीं आया। हां अगर किसी उद्योगपति के बेटे की शादी होती तो यह स्टार ना सिर्फ वहां शिरकत करते बल्कि वेटर्स की तरह ये मेहमानों को सर्व भी करते वहां या जब कोई पॉलिटिकल पार्टी अपना डंडा दिखाती है
तो ये वहां पर भीगी बिल्ली की तरह पहुंच जाते हैं। लेकिन उस शख्स के जनाज़े पर इन्होंने शिरकत नहीं की जिसने अपने 50 साल इस फिल्म इंडस्ट्री को दिए पूरी जिंदगी दे दी और आप उसके लिए 50 मिनट भी नहीं निकाल पाए। यह मत भूलिए कि आज जो आपका चमकदार चेहरा है कल यह मुरझा जाएगा। कल यह अंधेरे में डूब जाएगा। अगर कोई चीज आपके काम आएगी, आपका अच्छा व्यवहार, आपके आमाल यही काम आएंगे और कुछ नहीं आएगा। मुश्ताक खान अपने बलबूते पर एक बहुत बड़ा नाम बने। ना उन्होंने कभी किसी की दलाली की,
ना उन्होंने किसी की चमचागिरी की। वो सिर्फ अपने काम के बल दूसरे पर यहां तक पहुंचे। उन्हें ना कभी आपकी जरूरत पड़ी अपनी जिंदगी में ना जिंदगी के बाद पड़ेगी। हां यह अफसोस जरूर रहेगा हम सबको कि ऐसा कोई भी स्टार नहीं है जिसके साथ मुश्ता खान ने काम ना किया हो और वो चंद लम्हे निकाल कर उन्हें आखिरी सलाम करने नहीं आया। एक बात याद रखिए यह शहरत, यह दौलत, यह इज्जत हमेशा नहीं रहती। शहरत की बुलंदी भी एक पल का तमाशा है। शहरत की बुलंदी भी एक पल का तमाशा है। जिस शाख पर बैठे हो वो टूट भी सकती है। ये बात ये बात याद रखना।