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पुनीत के मुक्के से मौत के मुंह में पहुंचे अमिताभ ने हॉस्पिटल में उनसे क्या कहा ?

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हेलो हेलो नमस्ते आदाब मैं हूं प्रतीक्षा और आप देख रहे हैं मैं टिशु मैथिली शो में हमारे आज के सेगमेंट का नाम है बॉलीवुड कैफे इसमें हम सुनाते हैं किस्से और कहानियां फिल्मों की और फिल्म वालों की साथ 1982 कि वह तारीख दो अगस्त थी मनमोहन देसाई की फिल्म कुली बना रहे थे बेंगलुरु से 16 किलोमीटर दूर मैसूर रोड पर यूनिवर्सिटी में फिल्म का सेट किया था फिल्म में लीड रोल अमिताभ बच्चन कर रहे थे और पुनीत इस्सर की यह पहली फिल्म से पहली फिल्म पहला दिन पहला शॉट और पुनीत इस्सर के साथ एक हादसा हो गया एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान उनका घुसा अमिताभ के पेट में लग गया अमिताभ तुरंत शूटिंग रोक कर घर चले गए और अगले दिन हॉस्पिटल में भर्ती हो गए अगले कुछ दिनों में उनका वजन 40 किलो तक गिर गया और शरीर में ढेर सारी नली लग गई यह जितना बुरा अमिताभ के लिए है उतना ही बुरा पुनीत के लिए बच्चन के फैंस ने पुनीत को ताउम्र सबसे बड़े खलनायक के तौर पर देखा पुलिस को आज भी इस हाथ से कम जितना मलाल है

उतनी ही व्यवस्थित भी इन 35 सालों में बहुत सारी नफरत के साथ जिए कि अगर रिएक्शन इंच कैसे हुआ और क्यों हुआ इसके पीछे की कहानी हम आपको बताते हैं [संगीत] [प्रशंसा] पुनीत इस्सर के साथ एक फाइट सीन को फिल्माए जाने के दौरान अमिताभ बच्चन को कुछ हल ना था उनकी वह जम्मू स्टाइल हो गई यानी 17 सेकेंड की जल्दी या देरी से हुई और बच्चन गलत जगह लैंड कर गए इस चक्कर में दो चीजें एक साथ हो गई पहली पुनीत इस्सर का जो मक्का उनके पेट को सब कुछ होने वाला था वह जोर से लग गया दूसरी पास में पड़े टेबल के कोने से उनके पेट वाले हिस्से में गहरी चोट आ गई इस घटना के बाद अमिताभ शूटिंग रोक कर होटल चले गए लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरने लगा उनकी तकलीफ बढ़ने लगी कुछ ही घंटों में हालत यह हो गई क्यों हॉस्पिटलाइज़ करवाना पड़ा सबसे पहले उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया लेकिन वहां से उन्हें तत्काल प्रभाव से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल शिफ्ट किया गया कि अमिताभ बताते हैं कि अगले आठ दिनों में उनकी दो सर्जरी हुई लेकिन उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं आ रहा था उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि डाक्टरों ने उन्हें ऑलमोस्ट डैड मांग लिया था इस घटना के तहत इस साल बाद अपने चाहने वालों का शुक्रिया अदा करते हुए अमिताभ ने 2015 में ऐसा एक्सीडेंट का जिक्र अपने ब्लॉग पर किया था दो अगस्त 2015 को बच्चन ने लिखा दो अगस्त 1982 को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में मेरे जीवन पर छाए बादल और गहरा गए मैं जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहा था कुछ ही दिनों के भीतर हुई दूसरी सर्जरी के बाद में लंबे समय तक होश में नहीं आया जो या को आईसीयू में यह कहकर भेजा गया कि इससे पहले ही उनकी मौत हो जाए अपने पति से

अंतिम बार मिल लो है मगर डॉक्टर उद्याने एक आखिरी कोशिश की उन्होंने एक के बाद एक कई कोटेशन इंजेक्शन लगाए इसके बाद मानो कोई चमत्कार हो गया मेरे पैर का अंगूठा हिला इट इज सबसे पहले जया ने देखिए और चिल्लाई देखो रे ज़िंदा है कि अमिताभ घोष में तो आ गए लेकिन उन्हें अपने घर पहुंचने में और 2 महीने का समय लग गया वह 24 सितंबर 1982 कौन है सरकार में अपने घर पहुंचे बच्चन बताते हैं कि वह उनके जीवन का पहला मौका था जब उन्होंने अपने पिता डॉ हरिवंश राय बच्चन को रोते हुए हाथ ने अपने बेटे को मौत के मुंह से वापस आते देख हरिवंश राय बच्चन अपने आंसू नहीं रोक पाए और गाड़ी से उतरते ही अमिताभ से जाकर चिपक गए इस घटना का अमिताभ बच्चन वर्जन तो सभी ने सुना मगर किसी ने इस मामले पर पुनीत इस्सर का पक्ष जानने की कोशिश नहीं की आज हम आपको बता रहे हैं कि पुनीत इस्सर इस पर कहते हैं वह शख्स जो इतने सालों से इस हादसे का बोझ अपने कंधों पर अधूरा है उसका कहना है बीबीसी से बात करते हुए पुन यह बताते हैं कि मनमोहन देसाई ऐसे कैमरा एंगल से शूटिंग कर रहे थे अमिताभ ने खुद उनसे कहा पुनीत तुम्हें मेरे पेट को छूना होगा वरना यह सीन नहीं लगेगा हमने चीन की रिहर्सल भी की लेकिन टेक के समय ऐसा हुआ कि अमिताभ बट से टकराकर उछल कर मेरी तरफ आ गए और मेरा पंक्चर उन्हें छूने की बजाय जोर से लग गया बी आर चोपड़ा की महाभारत में दुर्योधन के किरदार से फेमस हुए पुनीत पंजाब की पैदाइश उनकी अपने के दिनों की बात तो छोड़ ही दीजिए आज भी उनके भाई सब सहते हैं कि जिम वहीं जनता शर्मा जाए मजबूत शरीर अथाह ताकत यह पंजाब के घी दूध की तासीर थी कि न चाहते हुए भी पुनीत अमित आपको चोट पहुंचाएं बैठे पुनीत की उंगलियों के जोर से अमिताभ की अतड़ियां फट गई थी इसके बाद शुरू हुआ पुनीत इस्सर का बुरा दौर उन

दिनों पुनीत शत्रुघ्न सिन्हा के साथ भी एक फिल्म कर रहे थे तब अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा के बीच पंगे होने की खबरें खूब चलती थी लोगों ने आरोप लगा दिया कि पुनीत शत्रुघ्न कैंप के मीडिया में छापा गया कि उन्होंने राजेश खन्ना के कहने पर अमित आपके साथ ऐसा किया मगर यह बात कम ही लोगों को पता है कि जब अमिताभ को खून की जरूरत थी तो सबसे ज्यादा खून पुनीत की पत्नी दीपाली ने ही दिया था है मगर डाक्टरों को और खून की दरकार थी डॉक्टरों की डिमांड पर तकरीबन 200 लोगों ने अपने चहेते स्टार के लिए साथ बोतल खून दिया उनके खून ने अमिताभ को तो बचा लिया लेकिन जीवन भर के लिए बीमार कर दिया जिन लोगों ने खून दिया था उनमें से किसी एक का ब्लड हेपेटाइटिस पॉजिटिव था साल 2009 में मृत आपकी तबीयत एक बार फिर खराब किया और तब जाकर यह पता लगा कि उनका लिवर 75परसेंट तक खराब हो चुका है उन्हें लीवर सिरोसिस नाम की बीमारी एक इंटरव्यू में पुणे बताते हैं कि एक दिन मनमोहन देसाई ने बताया कि अमिताभ उनसे मिलना चाहते पूरी तुरंत हॉस्पिटल पहुंच गए अमिताभ ने उनसे कहा कि उनका कोई कुसूर नहीं है उस दिन अमिताभ ने पुलिस को किस्सा सुनाया जब शूटिंग के दौरान उनका फेंका हुआ ग्लास विनोद खन्ना के चेहरे पर लग गया था इसकी वजह से विनोद खन्ना को छः सात टांके लगवाने पड़े थे अमिताभ ने कहा अच्छा तुम जैसा महसूस कर रहे हो उस दिन मुझे भी वैसा ही महसूस हुआ था उसने अमिताभ खुद पुनीत को हॉस्पिटल के बाहर छोड़ने आए ताकि लोगों को सही मैसेज मिल सकें लेकिन लोग अपना पाला चुके थे फिल्म इंडस्ट्री के लिए पुनीत यूनिवर्सल विलेन हो चुके थे अमिताब की अगली फिल्म मर्द से उन्हें निकाल बाहर कर दिया गया था डॉ उनके साथ काम करने से मना कर देते थे लोगों ने हेट लेटर लिखकर जान से मारने की धमकियां देते थे इस पुनीत एक किस्सा बताते हैं कि एक बार जब वह अमित आप के हॉस्पिटल से लौट रहे थे तो कुछ महिलाओं ने उन्हें घेर लिया वह महिलाएं पुलिस को नहीं जानती थी और उनके सामने कहने लगी कि अगर अमिताभ को हल करने वाला शख्स उनके सामने आ जाए तो वह उसे मार डालेंगी पुनीत के पास वहां से हट जाने के अलावा कोई चारा नहीं था साल 2014 में बिग बॉस के पांचवें सीजन में जब देखा अपनी फिल्म सुपर नानी का प्रमोशन करने आए तो

उन्होंने पुलिस को खूब अवॉइड किया जब वह घर के सारे सदस्यों से गले मिल रही थी तो पुनीत भी गले मिलने के लिए आगे बढ़े लेकिन रेखा का जवाब था और कितने गुण यह करेंगे आप स्मिता पाटिल को पहले ही अमिताभ के साथ कुछ अनहोनी होने का अंदेशा हो गया था यह किस्सा खुद अमिताभ ने श्वेता की 60वीं जयंती पर मैथिली राव की किताब स्मिता पाटिल ब्रीफ इनकैंटेशंस के लांच पर बताइए अमिताभ बताते हैं कि वह अपनी फिल्म कुली की आपके लिए बैंगलोर थे फिल्म का काम निपटाकर वह रात को अपने होटल के कमरे में सो रहे थे देर रात दो बजे उन्हें फोन आया रिसेप्शन उसने अमिताभ को बताया कि फोन पर दूसरी तरफ एक्ट्रेस स्मिता पाटिल है अमित चौबे क्योंकि इतनी देर रात मिलता कभी उन्हें फोन नहीं करती थी मगर उन्हें कुछ समझ आ गया कि जरूर कुछ इमरजेंसी होगी उन्होंने दौड़कर फोन उठाया समय तक तुरंत नींद से जागी हुई साथ ही थी उन्होंने अमिताभ के फोन उठाते ही उनका कुशलक्षेम पूछा अरे ताकि स्वस्थ होने की बात सुनकर स्मिता की सांस में सांस आई इसके बाद स्मिता ने बताया कि उन्होंने अमिताभ से जुड़ा एक बेहद बुरा सपना देखा था इसलिए डर के मारे उन्होंने इतनी देर साथ फोन किया अगले दिन अमिताभ जाएंगे और तैयार होकर कुली की शूटिंग के लिए पहुंचे यह फिल्म में नेगेटिव रोल करने वाले एक्टर पुनीत इस्सर की पहली फिल्म की शूटिंग का पहला दिन था एक्शन सीन की शूटिंग शुरू हुई और अमिताभ के साथ वह हादसा हो गया अमिताभ बताते हैं कि स्मिता पाटिल उनके साथ नमक हलाल में काम करने की वजह से शर्मिंदा कि उस करती थी बच्चन ने बताया कि स्मिता के साथ उनका फिल्म में एक रेन डांस वाला गाना था आज रपट जाएं इसकी शूटिंग खत्म करने के बाद स्मिता खूब विरुद्ध लग रहा था कि दर्शक पता नहीं उनके गाने को कैसे रिसीव करेंगे कि फिल्म की रिलीज के बाद अमिताभ और स्मिता का गाना हिट हो गया एक बार स्मिता कही जाने के लिए एयरपोर्ट पर खड़ी थी वहां उनसे मिलने उनके फैंस जाए उन फैंस ने बताया कि नमक हलाल में उन्हें स्मिता का काम खूब पसंद आया बाद में स्मिता ने अमिताभ को बताया कि उन्होंने अपने करियर में कितनी मीनिंग इन फिल्मों में काम किया मगर उन्हें इस बात से बड़ी एंबेरेसमेंट होती है कि लोग उन्हें नमक हलाल के लिए बधाई देते हैं अमिताभ के मुंबई आते ही उनके घायल होने की खबर लोगों में फैली अस्पताल में अमिताभ के जानने वालों का तांता लग गया फैंस में हॉस्पिटल के बाहर अलग जमावड़ा लगा दिया था देश भर में दुआएं होने लगी जब यह बात राजीव गांधी को पता चली तब वह अपनी न्यूयॉर्क भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ रूस दौरे पर थे उन्होंने तत्काल प्रभाव से अमिताब के साथ होने के लिए अपने अमेरिकी द्वारा कैंसिल कर दिया और इंडिया गए कब तक अमिताभ को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल लाया जा चुका था इंदिरा गांधी भी भारत आने पर सबसे पहले अमिताभ इसे ही मिलने पहुंचे मगर डॉक्टर इंदिरा गांधी के अस्पताल लाने के खिलाफ है डॉक्टरों का कहना था कि पहले ही अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार अस्पताल में भर्ती हैं उनसे मिलने के लिए तमाम फिल्मी लोगों का आना-जाना लगा हुआ है अगर ऐसे में प्रधानमंत्री भी हॉस्पिटल में आएंगी तो अस्पताल का काम प्रभावित होगा और बाकी पेशंस को दिक्कत हो जाएगी यह तो हो गई

अमिताभ बच्चन के मशहूर ऐक्सिडेंट की पूरी कहानी जो कुली फिल्म की शूटिंग के दौरान हुआ था अब इस फिल्म से जुड़ी दो और इंटरेस्टिंग बातें जान लीजिए अमिताभ की चोट का जाहिर तौर पर फिल्म कुली पर काफी प्रभाव पड़ा फिल्म की शूटिंग तो रॉकी ही कहानी भी काफी हद तक बदल गई प्रयागराज और कादर खान के लिए की शुरुआत की स्क्रिप्ट में अमिताभ के मरने के साथ फिल्म उड़ने वाली थी मगर उनकी चोट की वजह से मेकर्स को लगा कि ऑडियंस मौत के मुंह से बचकर आए अपने सुपरस्टार को परदे पर मरता हुआ देखना पसंद नहीं करेंगी इसलिए फिल्म की स्क्रिप्ट को बदल दिया गया फिल्म में अमिताभ की पर्सनैलिटी पर सबसे ज्यादा मोहम्मद रफी की आवाज अतिथि 1984 में रफी की डेथ के बाद अमिताभ की फिल्मों में किशोर कुमार गाते थे लेकिन इस फिल्म में किसी वजह से किशोर कुमार ने अमिताभ के लिए जाने से मना कर दिया मनमोहन देसाई ने इसका एक का अर्थ निकाला उन्होंने मोहम्मद रफी के अंदाज में गाने वाले सिंगर शब्बीर कुमार को फिल्म के लिए साइन कर लिया फिल्म कुली में अमिताभ के इसलिए सभी गाने शब्बीर कुमार नहीं गए सभी रस्सी के निशान थे और उनके जैसा ही बनना चाहते थे शब्बीर से जुड़ा एक किस्सा बड़ा मशहूर है वह यह कि रफी साहब के अंतिम संस्कार में पहुंचे शब्बीर की घड़ी उनकी कब्र में कितनी मैं इसे शब्बीर रे कोई देवी इशारा मानखुर्द को रफी का उत्तराधिकारी समझने लगे उनकी समस्त व्यक्ति में तब्दील हो गई जब उन्हें फिल्म कुली में रफी की जगह अमिताभ बच्चन की आवाज बनने का मौका मिल गया मैटिनी शो में आज के लिए इतना ही कल फिर मुलाकात होगी तब तक के लिए बने रहे हमारे साथ और देखते रहे दी लल्लनटॉप शुक्रिया अ शो मोर

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