दुनिया में बड़े कम लोग होते हैं जो अपने पिता की बनाई हुई विरासत को संभाल पाते हैं। इस बात पर यकीन करना भी मुश्किल है कि जिन देव आनंद साहब ने बॉलीवुड को इतना बड़ा मुकाम दिलाया, जिन्हें पूरी दुनिया से लोगों का इतना प्यार मिला, जिनके पीछे लोग पागलों की तरह दीवाने थे,
आज उनके बेटे की जिंदगी किस मोड़ पर आ गई थी।देव आनंद के बेटे सुनील का जन्म दुनिया के सबसे खूबसूरत देश स्विट्जरलैंड के सबसे खूबसूरत शहर ज्यूरिख में हुआ था। उस वक्त देव आनंद अपनी पत्नी के साथ एक इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अटेंड करने गए थे। देव आनंद हमेशा से अपने बेटे को अपनी तरह एक स्टार बनाना चाहते थे और इसलिए उन्होंने बेटे के लिए हर मुमकिन कोशिश की। सुनील को अमेरिका से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री दिलाने के बाद देव आनंद ने उन्हें अपनी फिल्म ‘आनंद और आनंद’ से लॉन्च किया।लेकिन पिता की तरह सुनील में ना तो वो चार्म था
और ना ही एक्टिंग स्किल्स। नतीजा यह हुआ कि दर्शकों ने इस फिल्म को सिरे से खारिज कर दिया। देव आनंद ने बेटे को लेकर अगली कोशिश फिल्म ‘कार्तिकेय’ या ‘मियां बीवी राजी’ जैसी फिल्मों में की, लेकिन वे भी नहीं चलीं। तमाम कोशिशों के बाद भी देव आनंद अपने बेटे को हीरो नहीं बना सके। इसके बाद सुनील ने डायरेक्शन में हाथ आजमाया और फिल्में बनाईं, लेकिन उनका हाल भी बुरा रहा।बेटे को एक सफल हीरो या डायरेक्टर न देख पाने का गहरा गम लेकर देव आनंद साल 2011
में इस दुनिया को अलविदा कह गए। पिता के निधन के बाद सुनील पर देव आनंद के बनाए प्रोडक्शन हाउस ‘नवकेतन फिल्म्स’ की जिम्मेदारी आ गई। उन्होंने साल 2015 में हॉलीवुड फिल्म ‘वेट एंड मिस्टर’ भी बनाई, लेकिन वह भी फ्लॉप साबित हुई।
सुनील ना तो एक सफल एक्टर बन सके और ना ही बड़े डायरेक्टर, और उनके प्रोडक्शन हाउस की यह आखिरी फिल्म बनकर रह गई। अपनी जिंदगी के अंतिम सालों में वे पूरी तरह गुमनामी और लाइमलाइट से दूर हो गए, और आखिरकार 26 जुलाई 2026को लंदन में उनका निधन हो गया। यह कहना गलत नहीं होगा कि सुनील अपने पिता देव आनंद की महान विरासत को आगे नहीं बढ़ा पाए।