हिंदी सिनेमा में 60 और 70 का दशक बड़ा खूबसूरत दशक कहा जाता है। ये वो दौर था जब हिंदी सिनेमा में नई कहानियां लिखी जा रही थीं। इसी दौर में एक ऐसी एक्ट्रेस आई, जिसने अपने स्टाइल से सबको दीवाना बनाया है। बरेली के बाजार में झुमका गिराकर ये जवां दिलों की धड़कन बन गईं।
अच्छी फिल्में, अच्छा नाम तो मिला ही साथ ही इस एक्ट्रेस ने सफलता भी खूब पाई। लेकिन अक्सर सबको सबकुछ मिल जाए, ऐसा भला होता कहां है। इस एक्ट्रेस की जिंदगी में भी एक ऐसा दौर आया, जिसने सबकुछ बदल दिया। चलिए जानते हैं साधना शिवदसानी की जिंदगी की अनकही दास्तां
साधना को बचपन से ही एक्टिंग से लगाव था। साधना को पहली फिल्म मिलने का किस्सा भी दिलचस्प है। साधना को पहली फिल्म महज 14 साल की उम्र में मिल गई थी। ये फिल्म राज कपूर की श्री 420 थी। इस फिल्म में साधना ने महज एक छोटा सा किरदार निभाया। साधना फिल्म के गाने मुड़ मुड़ के में बैकग्राउंड डांसर बनी नजर आईं।
पहली फिल्म के लिए साधना को मिली 1 रुपए की फीससाधना को लंबे वक्त कोई काम नहीं मिला। घर की स्थिति भी इस बीच खराब होती चली गई। ऐसे में उन्हें नौकरी भी करनी पड़ी। आखिरकार साधना को फिर उनकी पहली फिल्म मिली। कहा जाता है कि कुछ प्रोड्यूसर्स ने साधना को एक प्ले में देखा था। उन्हें साधना की एक्टिंग अच्छी लगी और उन्होंने साधना को फिल्म में लेने की इच्छा जाहिर कर दी
इसके बाद साधना को फिल्म पसंद आई तो मेकर्स ने उन्हें एक रुपए का सिक्का उनके हाथ में रख दिया और यही थी साधना की पहली फिल्म की फीस। ये भारत की पहली सिंधी फिल्म अबाना थी, जिसे 1958 में रिलीज किया गया।
अब भले ही साधना पहली फिल्म कर चुकी थीं लेकिन उन्हें वो पहचान नहीं मिली थी। एक दिन साधना की एक तस्वीर को शशधर मुखर्जी ने देखा। उन्हें साधना काफी अच्छी लगीं तो उन्होंने साधना का पता लगवाया और फिर बेटे जॉय मुखर्जी से कहा कि, साधना के साथ वो काम करें।
बबीता साधना की बहन थीं। साधना पहले ही फिल्मों में आ गईं थीं, ऐसे में वो भी हीरोइन बनना चाहती थीं। जब बबीता फिल्मों में आईं तो उन्हें रणधीर कपूर से प्यार हो गया। कहा जाता है कि जब ये बात राज कपूर को पता चली तो उन्होंने साधना को बुलाया और कहा कि बबीता को दो सपने एक साथ नहीं देखने चाहिए। अगर वो रणधीर से शादी करना चाहती हैं तो शादी के बाद वो फिल्में नहीं कर पाएंगी, क्योंकि कपूर खानदान की बहुएं फिल्मों में काम नहीं करतीं।ये बात साधना ने बबीता को खूब समझाई। बबीता को लगा कि बहन साधना ने उनके और रणधीर के खिलाफ राज कपूर को भड़काया है। वो नहीं चाहतीं कि बबीता शादी के बाद काम करें। एक रिपोर्ट में बताया गया कि साधना ने बबीता को बच्चों की तरह समझाया लेकिन बबीता ने उलटा साधना को डांट दिया और कहा कि बच्चे की तरह वो उन्हें समझाना बंद करें, कहीं ऐसा ना हो कि वो कभी खुद मां न पाएं।भले ही बबीता ने तब ये ऐसे ही कहा था, लेकिन ये सच हो गया। साधना को कभी कोई संतान नहीं हुई और ताउम्र बिना संतान के ही रहीं। हालांकि कहा जाता है कि उन्होंने एक बच्ची को गोद जरूर लिया था, जिसके माता-पिता उनके साथ ही रहते थे।