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बा!ढ़ के हालत से उभरने के लिए नेपाल को चाहिए इतनी बड़ी रकम, जानकार दंग हो जाएंगे।

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26 अगस्त की से हुई के बाद नेपाल को इससे उबरने के लिए करीब 723 अरब नेपाली रुपए की जरूरत पड़ेगी जो इंडियन करेंसी में करीब 45000 करोड़ होंगे। 10 सितंबर को द काठमांडू पोस्ट पर छपी रिपोर्ट बताती है कि इसी में यह अनुमान लगाया गया है। इस में 75% हिस्सा का है

। यहां एक जरूरी बात भी जानी है जो नेपाल की से जुड़ी है। नेपाल के अनुमान 49 अरब डॉलर यानी करीब 4 करोड़ 7 लाख की है। यानी देश की का करीब 10% हिस्सा रिकवरी में लगेगा। नेपाल के के चीफ उपरेती ने इस पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा है कि का यह अनुमान गए आंकड़ों पर आधारित है। उप्रेति आगे कहते हैं, यह एक शुरुआती अनुमान है, लेकिन हमने सहित अन्य विभागों के आंकड़ों का इस्तेमाल करके इन आंकड़ों को तैयार किया है। हमने की तरफ से मिले के पहले और बाद दोनों आंकड़ों की तुलना भी की है और आपदा से पहले वह बाद की स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वे किया है।

साथ ही एक-एक सेक्टर के नुकसान का हिसाब लगाया। उप्रेति ने यह भी कहा है कि इस विस्तृत आकलन में विश्व बैंक और अन्य विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। अब आपको बताते हैं कि जो पैसा नेपाल को चाहिए वो कहां खर्च होगा। द काठमांडू पोस्ट पर छपी रिपोर्ट की जानकारी यह भी बताती है मैनेजमेंट के लिए 94.75 अरब यानी ₹475 करोड़ की जरूरत होगी। जबकि कीचड़ और मलवे को हटाने के लिए 515 4 मिलियन माने 51 करोड़ 54 लाख निर्धारित किए गए हैं।

सरकार ने इस पुनर्निर्माण को दो चरणों में बांटा है। पहला छ महीनों में तत्काल राहत और पर 873 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। दूसरा लॉन्ग टर्म रिकंस्ट्रक्शन के लिए 71458 करोड़ की जरूरत होगी। अब आपको नेपाल में क्या हाल है वह दिखाते हैं। रोजमर्रा की चीजों के लिए लोगों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखी गई।

वहीं स्टूडेंट्स ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क पर ही अस्थाई चूल्हा बनाकर खाना बनाया। अब जाते-जाते नेपाल में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसके ताजा आंकड़े भी जान लीजिए। सरकार के हिसाब से इस 16 लाख प्रभावित हुए हैं। जबकि 10,370 की पुष्टि हुई है और 5130 लोगों के होने की जानकारी है। बचाने का काम अभी जारी है। स्क्रीन पर दिख रही तस्वीर में आप देख सकते हैं कि

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