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भारत में आज राष्ट्रीय शोक क्यों? क्यों झुका आधा तिरंगा?

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नमस्कार स्वागत है आपका। मैं हूं आपके साथ लोकेंद्र त्यागी। भारत में आज राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है। संसद भवन से लेकर देश की दूसरी सरकारी इमारतों पर तिरंगा आधा झुका हुआ है। लेकिन इसके पीछे की वजह क्या है? भारत में तो ऐसी कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई। फिर राष्ट्रीय शो क्यों घोषित किया गया है? आखिर ऐसा क्या हुआ है कि भारत सरकार को यह फैसला लेना पड़ा? जानने के लिए इस वीडियो को आखिर तक जरूर देखिएगा। पूरी खबर क्या है? आप समझ जाएंगे। दरअसल भारत सरकार ने 13 जुलाई 2026 यानी सोमवार को पूरे देश में एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।

यह फैसला देश के भीतर हुई किसी घटना के कारण नहीं बल्कि भारत के मित्र देश क़तर के फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन के बाद लिया गया है। उनका 12 जुलाई को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके सम्मान में ही भारत सरकार ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक राष्ट्रीय शोक के दौरान देश भर की उन सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहां नियमित रूप से तिरंगा फहराया जाता है। इसके साथ ही इस दिन सरकारी स्तर पर कोई भी आधिकारिक मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन से लेकर संसद भवन और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी क़तर के मौजूदा अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के पिता थे। उन्हें क़तर का फादर अमीर कहा जाता था। उनके निधन की जानकारी क़तर की सर्वोच्च सरकारी संस्था अमीरी दीवान ने सार्वजनिक की। जिसके बाद दुनिया के कई देशों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया। भारत ने

भी उनके सम्मान में यह विशेष निर्णय लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि शेख अहमद बिन खलीफा अलथानी एक दूरदर्शी नेता थे। उनके नेतृत्व में क़तर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें फरवरी 2024 में अपनी क़तर यात्रा के दौरान शेख हमद से मिलने का अवसर मिला था और वह उन्हें भारत का सच्चा मित्र मानते थे। प्रधानमंत्री ने क़तर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी शाही परिवार और क़तर की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त की। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया है कि भारत सरकार की ओर से संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजू जी के कत्ल जाने की संभावना है। वह भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए वहां शोक संवेदना व्यक्त करेंगे और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी इतने महत्वपूर्ण नेता क्यों माने जाते हैं? दरअसल उन्होंने साल 1995 से 2013 तक क़तर का नेतृत्व किया। उनके शासनकाल को आधुनिक क़तर की नींव रखने वाला दौर माना जाता है।

उनके कार्यकाल में क़तर ने आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से विकास किया। प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार का प्रभावी उपयोग करते हुए उन्होंने देश के अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके नेतृत्व में क़तर दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल हुआ। प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी क़तर ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। इतना ही नहीं उन्होंने देश की विदेश नीति को भी मजबूत किया और कतर को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में प्रभावशाली भूमिका दिलाई। आज वैश्विक मंच पर क़तर की जो मजबूत स्थिति दिखाई देती है उसमें शेख हमद के नेतृत्व का बड़ा योगदान माना जाता है। भारत और क़तर के संबंध भी पिछले कई वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। ऊर्जा, व्यापार, निवेश और वहां रह रहे लाखों भारतीयों की मौजूदगी ने दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा बनाया है। ऐसे में शेख अहमद बिन खलीफा अलथानी के निधन पर भारत की ओर से राष्ट्रीय शोक घोषित किया जाना दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों और आपसी सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। इसीलिए आज देश भर की सरकारी इमारतों पर तिरंगा आधा झुका हुआ दिखाई दे रहा है। अगर आप यह वीडियो YouTube पर देख रहे हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर बेल आइकन दबाएं और Facebook पर देख रहे हैं तो हमारे पेज को लाइक

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