किसी ने सच ही कहा है। लालच जब रिश्तों पर हावी हो जाए तो इंसान हैवान बन जाता है। राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। जहां एक 24 साल की सगी बेटी ने करोड़ों की संपत्ति और सरकारी नौकरी के लालच में अपनी ही विधवा मां की सुपारी देकर हत्या करवा दी।
इंसान की हसरत की कोई इम्तिहान नहीं होती। किसी शायर की यह पंक्तियां जयपुर में सच साबित हुई। लेकिन एक बेहद खौफनाक और घिनौने अंदाज में कलयुग की एक ऐसी बेटी जिसने अपनी ही कोख को कलंकित कर दिया। सिर्फ 10 करोड़ की जायदाद और एक अद सरकारी नौकरी की खातिर। इस शात बेटी ने अपनी ही मां की बेरहमी से जान ले ली।
प्रतापनगर करने की आवाज़] थाना क्षेत्र में 4 जुलाई को एक घटनाक्रम सामने आया जिसमें प्रथम दृष्ट्या एक स्कर्पियो गाड़ी से एक महिला की टक्कर होती है और उसमें उसकी मृत्यु हो जाती है। जब इसमें आगे अनुसंधान हुआ गहन जांच की तो यह तथ्य सामने आए कि यह एक एक्सीडेंट एक दुर्घटना ना होते हुए एक हत्या का मामला है जिसमें महिला के ही जो निजी परिवार के लोग हैं उन्होंने ही एक षड्यंत्र पूर्वक साजिश करके कुछ लड़कों को पेमेंट पर हायर करके इस महिला की हत्या करने के लिए बाहर से बुलाया।
यह जो लड़के थे जिनको अब गिरफ्तार किया गया है यह लगभग महीने भर से इस रेकी में शामिल थे और घटना के दिन इन्होंने रेकी करी। महिला की जो मूवमेंट थी उनको देखा और उसके बाद में शाम को इस दुर्घटना को कारित किया। मामला जयपुर के प्रतापनगर इलाके का है। बीते 4 जुलाई को सड़क किनारे चल रही नीरज शर्मा को एक तेज रफ्तार स्कर्पियो ने जोरदार टक्कर मारी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि नीरज शर्मा 100 मीटर दूर जाकर गिरी और मौके पर ही उनकी हो गई। पहली नजर में यह मामला एक आम एंड रन सड़क हादसा लगा। लेकिन के भाई यानी आरोपी बेटे के मामा के एक शक ने पुलिस की तफ्तीश का रुख मोड़ दिया। इसमें अभी तक की तफ्तीश में ₹ लाख की पेमेंट हत्या के लिए दी गई है और विशेषकर प्रॉपर्टी जो लालच है मुख्यत यह बिंदु सामने आया है और दूसरा इसमें जो नौकरी है महिला की उसको पाने के लिए जो महिला की स्वयं की बेटी है और उसके जो जेठ है और जेठ के जो बच्चे हैं उनको इसमें शामिल पाया गया है।
पुलिस ने जब घटना के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उनके होश उड़ गए। 60 फीट चौड़ी बिल्कुल खाली सड़क पर ड्राइवर ने जानबूझकर गाड़ी को किनारे चल रही नीरज शर्मा की तरफ मोड़ा था। जब पुलिस ने स्कर्पियो के ड्राइवर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो परत दर परत जो सच सामने आया उसने खाकी को भी हिला कर रख दिया। इस पूरे एक्सीडेंट की मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि नीरज शर्मा की 24 साल की सगी बेटी आयुषी शर्मा थी।
जो महिला की बेटी आयुषी है उसके जेठ मोहन। इसमें जो जेठ का बेटा है उसका नाम है बलराम। साथ में जो चालक था उस गाड़ी का आकाश और उसका साथी अरविंद जो गाड़ी में साथ में बैठा था। साथ में पास में एक मोटरसाइकिल पर रोहित नाम का लड़का था और रेकी जो है वो मोहित नाम के लड़के ने की थी। पुलिस के मुताबिक वकालत की पढ़ाई कर रही आयुषी को अपनी मां को रास्ते से हटाने की इतनी जल्दी थी कि उसने मौत का एक खौफनाक ताना-बाना बुना। हत्या से एक महीने पहले भी थार गाड़ी से मां को कुचलने की कोशिश की गई लेकिन वह बच गई।
इसके बाद सहमी हुई मां ने घर से निकलना बंद कर दिया और सुरक्षा के लिए घर में कैमरे लगवा दिए। मां को घर से बाहर निकालने के लिए कलयुगी बेटी घर की सीढ़ियों पर जलता नारियल, नींबू मिर्च और लाल सिंदूर फेंक कर टोने-टोटके करने लगी। ताकि मां डर कर बाहर भागे। आखिरकार 4 जुलाई को आयुष ने अपनी मां को बहाने से घर से बाहर बुलाया और से कुचलवा दिया। इस खौफनाक साजिश में आयुषी का साथ उसके ताऊ मोहन शर्मा और चचेरे भाई बलराम ने दिया। आयुषी ने अपने भाई को लालच दिया था कि मां को मार दे।
आगरा रोड और भरतपुर की 10 करोड़ की जमीन तेरी। खुद आयुषी को मां की के बाद पिता की जगह अनुकंपमा पर सरकारी नौकरी और जयपुर के दो आलीशान मकान चाहिए थे।
इस काम के लिए भरतपुर के बदमाशों को ₹7 लाख की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कलयुगी बेटी आयुष शर्मा समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसका मुख्य ताऊ अभी फरार है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी के बाद भी इस निर्दय बेटी के चेहरे पर शिक तक नहीं है। पूछताछ में वह लगातार पुलिस को उलझाती रही। लालच के दलदल में धंसी हुई एक बेटी की इस घिनौनी साजिश ने वाकई इंसानियत को शर्मसार कर दिया।