1973 में एक फिल्म आई जंजीर। इस फिल्म ने अमिताभ बच्चन के करियर को एक नई पहचान दी। और इसी फिल्म में एक पहचान दिलाई बॉलीवुड के सबसे फेमस राइटर की जोड़ी को [संगीत] सलीम जावेद की। सलीम और जावेद यह वो जोड़ी थी जिसने पूरी इंडस्ट्री को हिला दिया। और फिर जब इनका ब्रेकअप हुआ या ब्रेकअप मतलब लड़ाई हुई तो हर कोई पूछ रहा था कि आखिर हुआ क्या है? तो चलो भाई पूरी डिटेल में कहानी को सुनाती हूं तुम्हें। सबसे पहले समझते हैं कि ये जोड़ी बनी कैसे थी। इन दोनों की राइटिंग से पूरी फिल्म इंडस्ट्री कहती थी कि इन दोनों ने रिवोल्यूशन ला दिया है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] यार शुरुआत हुई थी अंदाज मूवी से जहां ये दोनों नए राइटर्स के तौर पर आए थे। शुरू में इनकी शर्त थी कि पोस्टर पर उनका नाम आना चाहिए। लेकिन अंदाज सीता और गीता, हाथी मेरे साथी इनमें से किसी में भी पोस्टर पर इनका नाम नहीं आया। और जब फिर इन्होंने जंजीर लिखी वो भी रिलीज़ हुई बिना नाम के। तो भाई इन दोनों ने एक पेंटर को पकड़ कर पूरी मुंबई में जितने भी पोस्टर थे उन सब पर जबरदस्ती लिखवाया स्क्रिप्ट बाय सलीम जावेद और उसके बाद लोगों में क्रियोसिटी बढ़ी और धीरे-धीरे इनका नाम पोस्टर पर आने लगा। दीवार शोलेडन जैसी फिल्मों में। एक ऐसा टाइम आया जब लगने लगा कि ये दोनों इंडस्ट्री को रूल कर रहे हैं।
जया बच्चन ने कहा कि ये दोनों चमगादड़ की तरह घमंडी [संगीत] हो गए हैं। लेकिन इतना कॉन्फिडेंस था अपनी राइटिंग पर कि शोले जब पहले तीन हफ्ते नहीं चली तो उन्होंने ट्रेड मैगजीन में एक ऐड दिया। यह फिल्म हर टेरिटरी में करोड़ों कमाएगी और सच में वैसा ही हुआ। लेकिन फिर धीरे-धीरे चीजें बदलने लगी। डॉन के बाद से इनकी कहानियों में वह दम नहीं रहा। दोस्ताना हिट हुई पर उनकी कहानी जंजीर या शोले के लेवल की नहीं थी। क्रांति तो इनकी सबसे कमजोर स्क्रिप्ट मानी जाती है। ब्लॉकबस्टर तो थी पर कोई मेमोरेबल सीन डायलॉग नहीं था और सबसे बड़ा झटका लगा शक्ति से। लोगों ने कहा कि यह तो दीवार वाली कहानी है। बस भाई-भाई की जगह अब बाप बेटे कर दिए हैं। शान भी फ्लॉप हो गई तो क्रिटिक्स कहने लगे कि इनकी राइटिंग में अब वो नयापन नहीं रहा है। अब आते हैं असली वजह पर यार। जब इनकी पर्सनल लाइफ काफी उथल-पुथल चल रही थी। जावेद अख्तर की शादी हनी ईरानी से हुई थी। लेकिन कुछ साल के बाद प्रॉब्लम्स आने लगी क्योंकि जावेद अख्तर शबाना आजमी को डेट करने लगे थे और यह बातें मीडिया में फैल रही थी। सलीम खान की भी पर्सनल लाइफ की बातें छप रही थी। उनकी शादी सलमा से हुई थी जिनसे सलमान खान और बाकी बच्चे हैं। लेकिन उन्होंने हेललेन से भी शादी की थी। तो दोनों ही अपनी-अपनी पर्सनल लाइफ के झंझट में उलझ चुके थे और इसी वजह से कुछ नयापन नहीं ला रहे थे। कुछ क्रिएटिव नहीं कर पा रहे थे। ऊपर से एक और चीज दोनों के बीच का उम्र का फासला। सलीम साहब जावेद से करीब 10 साल बड़े थे। जैसे-जैसे पॉपुलर हुए अपने-अपने फ्रेंड सर्कल बनने लगे और इन्हीं फ्रेंड सर्कल ने दोनों के कान भरना शुरू कर दिया। जावेद साहब से कहा जाता था कि असली राइटर तो आप हैं। सलीम साहब से कहा जाता था कि जावेद तो बच्चा है। तुमसे 10 साल छोटा है।
लेकिन इन दोनों ने कभी भी मीडिया में एक दूसरे के खिलाफ कुछ नहीं कहा। ये एक टीम की तरह काम करते थे। लेकिन फ्रेंड सर्कल ने धीरे-धीरे ज़हर भरना शुरू कर दिया। फिर एक और टर्निंग पॉइंट आया। जावेद अख्तर साहब को पोएट्री का बहुत शौक था। वो जानेसार अख्तर के बेटे तो उन्होंने सोचा कि कहानी के साथ-साथ नए गाने लिखूं। उन्होंने सलीम साहब से कहा कि अब हम रिटन बाय जावेद सलीम के साथ लिरिक्स बाय सलीम जावेद भी बेचेंगे। सलीम खान को ये बात पसंद नहीं आई। उन्होंने साफ कहा कि गाने मैं नहीं लिखता। यह तुम्हारा शौक है तो तुम मेरा नाम मत डालो। क्योंकि अगर लोगों को पता चला कि गानों में मेरा कोई कंट्रीब्यूशन नहीं है तो लोगों को लगेगा कि कहानी में भी मेरा कोई कंट्रीब्यूशन नहीं है। यह बात तब हुई जब सिलसिला के लिए पहली बार जावेद साहब ने गाना लिखा था। अब असली बड़ी वजह पर आते हैं। फिल्म नास्तिक का मुहूर्त सीन [संगीत] था। अमिताभ बच्चन उस मुहूर्त में नहीं आ पाए थे। उन्होंने अपने टैप रिकॉर्डर में अपनी आवाज भेजी थी। जब वो आवाज प्ले हुई तो सबने ध्यान से सुना। पिन ड्रॉप साइलेंस था। सलीम जावेद को आईडिया आया कि अगर आवाज से ही इतना इंटरेस्टिंग जंग हो सकता है तो क्यों ना एक ऐसी फिल्म बनाए जिसमें हीरो देखे ही नहीं और सिर्फ आवाज हो साइंस फिक्शन स्टाइल में यही था मिस्टर इंडिया का आईडिया ये दोनों गए अमिताभ बच्चन के पास कांसेप्ट [संगीत] समझाया लेकिन अब अमिताभ ने मना कर दिया बोले कि लोग मुझे देखने आते हैं मैं स्क्रीन पर नहीं रहूंगा तो मेरी इमेज के साथ क्या होगा अब यहां से असली ड्रामा शुरू होता है अमिताभ के घर से वापस आते वक्त जावेद अख्तर ने कहा कि अब हमें अमिताभ के साथ काम नहीं करना चाहिए। उसने हमारा इंसल्ट किया है। सलीम साहब ने कहा कि नहीं भाई वो स्टार है। वह चूज़ करने का हक रखते हैं। हम किसी और हीरो के साथ काम कर लेंगे। पर ऐसा मत कहो कि अमिताभ बच्चन के साथ नहीं काम करेंगे। यह प्रोफेशनलली गलत होगा। फिर कुछ दिन बाद अमिताभ के घर पर होली पार्टी थी। सलीम साहब नहीं गए। जावेद अख्तर गए।
उन्होंने अमिताभ बच्चन से कह दिया कि सलीम खान कह रहे हैं कि अब हमें तुम्हारे साथ काम नहीं करना चाहिए। यह बात अमिताभ बच्चन को बुरी लगी और फैल गई। सलीम खान ने ऐसा कहा कि जबकि असल में यह प्रपोजल तो जावेद का ही था। यही बात जब सलीम खान के कान में पड़ी वो नाराज हो गए क्योंकि उन्होंने तो ऐसा कभी कहा ही नहीं था। और फिर आती है वो डेट 21 जून 1981 सलीम खान जावेद अख्तर के जो बीच वाले घर पर जाते हैं सुबह से शाम तक ब्रेन स्टॉर्मिंग करते हैं। शाम को जावेद अख्तर ने कह दिया कि हमें अलग-अलग काम करना चाहिए। सलीम खान को शॉक लगा और उन्होंने कहा कि अगर तुमने सोच कर डिसीजन लिया है तो मैं उसकी रिस्पेक्ट करता हूं। अब वो जाने लगे तो हर बार की तरह जावेद अख्तर उन्हें गाड़ी से छोड़ने के लिए आगे बढ़े। लेकिन सलीम खान ने कहा कि नहीं अब मुझे अकेला जाने की आदत डाल लेनी चाहिए। इतना इमोशनल पल था वो शायद दोनों की आंखों में आंसू थे। तो एक ब्रेकअप का दुख और दूसरी तरफ पर्सनल लाइफ का दुख। सलीम खान मुंबई से बाहर चले गए और इस बीच जावेद अख्तर ने मीडिया को बता दिया कि स्प्लिट हो गए हैं दोनों। अब साथ में काम नहीं करेंगे। सलीम खान को पता चला तो उन्हें बुरा लगा क्योंकि उनसे पूछा तक नहीं गया था। दोनों के अलग हो जाने के बाद जावेद अख्तर ने स्मार्टली हैंडल किया। उन्होंने पहले कई प्रोड्यूसर डायरेक्टर से बात कर रखी थी तो बेताब सागर जैसी फिल्में मिल गई। पर सलीम खान बिल्कुल अपोजिट मार्केट में [संगीत] गए। काम नहीं था। पैसे की तंगी थी। वो कुछ वक्त के लिए लंदन चले गए और लंदन में उन्हें किसी ने हेलन का हस्बैंड कहकर बुलाया तो उन्हें एहसास हुआ कि वो अपनी पहचान खो रहे हैं।
फिर बॉम्बे वापस आए। महेश भट्ट की मदद से नाम लिखी जो कि फिल्म हिट होती है और उसके बाद उनका कमबैक होता है। लेकिन उसके बाद दोनों की ज्यादातर फिल्में फ्लॉप होती रही। सलीम खान ने आखिर में राइटिंग से रिटायरमेंट लिया। जावेद अख्तर लिरिक्स लिखते रहे। अमिताभ बच्चन ने तो खुद कहा था कि इनके स्प्लिट में सबसे बड़ा नुकसान उनके करियर को हुआ है। क्योंकि वो इंटेंसिटी जो एंग्री यंग मैन वाली कहानियों में थी वो फिर हमें और तुम्हें कभी देखने को नहीं मिली। फिर 2013 में दोनों एक बार फिर साथ आए जब जंजीर का रिमेक बन रहा था। रामचरण के साथ दोनों ने मिलकर कंपोजिशन किए। राइटर्स एसोसिएशन में शिकायत की। मामला कोर्ट तक गया और आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट हुआ। दोनों को अच्छा कंपनसेशन भी मिला। तो यार यही कहानी थी सलीम जावेद की बिछड़ने की। एक थोड़ी सी मिसअंडरस्टैंडिंग, थोड़ा सा फ्रेंड सर्कल का कान भरना और थोड़ा सा एंबिशन का टकराव। ये एक बहुत सैड बात थी इंडस्ट्री के लिए। पर बाद में दोनों ने एक दूसरे की इज्जत बनाए रखी। फरहान अख्तर सलमान खान ने मिलकर इन दोनों पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है। तो बताना यार कैसी लगी यह कहानी मुझे कमेंट करके जरूर बताना। और तुम मुझे कुछ टॉपिक सजेस्ट कर सकते हो। कोई कहानी सुनना चाहते हो मुझसे तो मुझे कमेंट करके बता सकते हो। मैं तो नए नेक्स्ट वीडियो में मिलूंगी। तब तक तुम चैनल को सब्सक्राइब [संगीत] कर लो। वीडियो को लाइक और शेयर कर लो। प्लीज बेल आइकॉन दबाना मत भूलना।