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छत्तीस गढ़ में है सोने का गांव, नाम जानकर दिमाग हिल जाएगा।

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छत्तीसगढ़ के कांकेर की एक गुफा में खराब का खजाना सैकड़ो साल से ढाबा पड़ा है अब अस पढ़े हमने कहा की खजाना ढाबा है तो अब तक देश या प्रदेश की सरकार ने उसे क्यों नहीं निकल लिया और तो और आप खुद क्यों नहीं निकल लेते हमें क्यों बता रहे हैं तो लोगों ने कहा की खजाना शापित है कई बार कई लोगों ने उसे निकलने की कोशिश की है लेकिन जो भी वहां गया उसे या तो गुफा की आंधी मछलियां खा गई या फिर खजाने की रक्षा करने वाले राजा रानी और उनके 9 लाख सेवकों ने मार दिया पुरी कहानी बिल्कुल फिल्मी लगी लेकिन फिर उन्होंने हमें कुछ तस्वीरें और वीडियो सबूत के तौर पर दिखाए जिसे देखकर हमें हैरानी होगी खजाने पर यकीन तो नहीं हो रहा था

लेकिन वहां जाने की दिलचस्पी जरूर बढ़ सके लेकिन नहीं पता था की हम जिन दावों को हवा में उदा रहे हैं वो हमारे वो छुड़ा देंगे रास्ते भर लोगों के दावे कानों में गूंजते रहे इंसान को खा जाने वाली आंधी मछलियां खजाने की रक्षा करने वाले राजा रानी उनकी फौज ऐसी कहानियों पर ना हमें रत्ती भर यकीन था ना हमसे मतलब हमें तो सिर्फ सैकड़ो साल पुरानी इस कहानी का सच तलाश था कहानी जुड़ी थी sondahi गुफा से और सच की तलाश में हमारा पहला पड़ाव था सुंदरी [संगीत] [संगीत] गांव वालों से गुफा के बारे में पूछा तो कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था बड़ी मुश्किल से कोई बोला भी तो कहानी पुरखे से शुरू की गुफा में अपार सपूत खजाना है और इस खजाने की खोज में कई लोग आए पूर्वज लोग बताते द की बहुत दिनों से वो खजाना हो वहां सोने के खंबा है बोलते हैं हमारे जो सुनाद ही पहाड़ी में जो राजा रानी द वो लोग वहां पर सोना का जो खजाना था उसके पता में वहां खनन कर रहे द 9 लाख गुड़िया जैसे उनके लगभग जो सोना का खजाना जहां है की 9 लाख वहां पर डूब गए और उनके साथ-साथ राजा रानी भी वही भस्म हो गए

कई पीडिया से मिलते हैं अच्छा हर वर्ष हो ये लोग ये आसपास के नदी नाला में आते हैं जो सोना का खजाना है उसे घर्षण होता है घर्षण होता है तो वहां से नदी नाले में वहां पर सोना बा के आता है तो sonajhariya लोग हैं आसपास गांव में वो लोग जब उसका वो करते हैं धारण करते हैं तब वो वहीं से वहां के आए हुए सुने उनको मिलते हैं अब मैं पूछा की अगर इतना खजाना है तो आप लोगों ने क्यों नहीं निकाला ये कोई खोजने के लिए जाते ही नहीं वहां क्या है की अभी सब रक्षक करते हैं वहां जो भी अभी 9 लाख और नहीं भी डूब के हैं।

वो भी देवीपाटन हो गए राजा रानी भी सब हो गए तो वहां कोई माने तो उनका निकलने का प्रावधान नहीं करते मतलब वही खजाना वही राजा रानी की कहानी हमें इनमें कोई दिलचस्पी नहीं लेकिन गुफा तक जाना था तो उसका रास्ता भी पूछना था गांव में बात की तो कोई साथ चलने को राजी नहीं था बहुत गुजारिश के बाद कुछ आदिवासियों ने इतना कहा की बस आपको गुफा के मोहने तक छोड़ सकते हैं हमारे लिए इतना ही काफी था कुछ दूर कर से गए फिर मोटरसाइकिल से सफर शुरू हुआ [संगीत] हो लेकिन आगे चट्टानी रास्तों ने हमारा रास्ता रोक लिया अब हमें बचा हुआ सफर पैदल ही पार करना था [संगीत] जाना छत्तीसगढ़ में आज भी मौजूद है लेकिन कहते हैं की जो भी व्यक्ति इस खजाने की खोज में इस खतरनाक जंगल में उसे रहस्यमई गुफा में गया वो आज तक जिंदा नहीं लौट पाया हम भी इस खजाने की खोज में इस खतरनाक जंगल का सुनने में जितनी मजेदार रोचक और रहस्यमई लग रही है ।

इस जंगल का सबर उतना ही खतरनाक सवाल पर lजंगल घाना होता जा रहा इसलिए नदी के किनारे चलना ही ठीक रास्ता बताएंगे की एक्चुअल जो है गुफा कितनी दूर है किसी को पता नहीं है और कौन कहां जाएगा नहीं पता अच्छा किसी को नहीं पताकुछ देर चले ही द की कुछ लोग दिखा नदी के पानी में कुछ तलाश रहे द पूछा तो बताया की नदी के पानी से सोना निकलता है।

आप लोग यहां से आता हैअच्छा नदी से आता है अच्छा तो इसको कैसे झड़ने हैं मिट्टी उठा के लेट हो अच्छा मिल जाता है वहां का वहां क्या सोने की खदान है की क्या है अच्छा खजाना उर्वशी कहां है बताओयह लोग का रहे द की पहाड़ से सोना बा कर आता है शायद उसे खजाने की निशानी है जो आज भी गुफा में छिपा है।

देश कीमती स्वर्ण खजाना होने के सबूत मिलते हैं यह सोनिया समाज के लोग गए जो संजय नदी के मिट्टी और रेट से सोने के कानों को चुने का कम कर रहे हैं ये लकड़ी की परात है और परात में सोने की धातु की तरह चमकने वाले कुछ पीले कान दिखाई दे रहे हैं मान्यता है की सोने की गुफा से पानी के घर्षण की वजह से बेच गई प्रमाण भी मानते हैं यह सोना था या कोई और धातु हम नहीं जानते जो भी था गुफा तक पहुंचने की बेकरारी बढ़ा चुका था कदमों में तेजी ए गई थी आदिवासियों ने कहा जंगल के बजाय नदी के जरिए जाएंगे तो जल्दी पहुंचे लेकिन धीरे-धीरे नदी गहरी होने लगे सोचा टर कर पार करते हैं लेकिन पानी में उतरते ही लगा जैसे दम निकल जाएगाबंद हो गया तो ऐसे में जो है मरने के अलावा दूसरा कोई रास्ता है खतरनाक तो है लेकिन नदी के गर्भ में जाकर मौत के मुंह में संभाले सकता है की हम लोग मेरी मछली चट्टानों के सहारे जंगल में आगे बढ़े ऐसा करना भी बेहद कठिन होगा।

लेकिन इसके अलावा हमारे पास अब दूसरा कोई रास्ता नहीं है हम बर्फीले पानी में टर कर चट्टानों तक पहुंचे और दोबारा चढ़ाई शुरू की [संगीत] सफर अब खतरनाक होने लगा था एकदम खड़ी काटने और सिर्फ पैर रखने भर की जगह नीचे देखते ही पाल भर के लिए आंखों के सामने अंधेरा छा जाता था आगे बढ़ाना मुश्किल था और वापस जाना तो जैसे नामुमकिन पिछले कुछ सालों में मैंने भारत के जंगलों का बेहद खतरनाक सुनने के स्वर से जाने तक पहुंचने के लिए हमें ऐसे रास्ते पर चलना पद रहा है की आपकी एक छोटी सी छोटी और नीचे आपकी जिस रास्ते पर चल रहे हैं वो पथरीली काटने खड़ी काटने और ऐसे में गलती से अगर आपका हाथ पैर फिसला या कोई भी छोटी सी छुपी तो आप इन बदली चट्टानों से टकराकर सैकड़ो फिट गहरी नदी में समा जाएंगे और उसे नदी में सामान्य मेंऐसा लगा जैसे खतरा ताल चुका है लेकिन यह हमारी भूल थी पहाड़ जो हैइस तरीके की कई और मुश्किलों को हमें भी बात करना हैसावधानी से कदम बढ़कर हम आगे बढ़ते रहेलेकिन अचानक रास्ता खत्म हो आगे जाने का अब एक ही सहारा था और ज्यादा उतनी बढ़ती जा रही है अब इस जंगल में हम पहाड़ी रास्ते पर एक ऐसे मोड पर है।

जहां अगर हमें आगे बढ़ाना है तो हमें खरीदी होगा चढ़ने के लिए हमें इन लताओं का सहारा लेना होगा और इन लताओं पर झूलते हुए हम इस रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं आगे और ऐसे कितने खतरों का सामना करना पड़ेगा जंगल में एक छोटी सी भूत और आपका कम तमाम मुश्किलों से लड़ते हम वहां तक ए गए जहां से मंजिल सामने दिख रही अब पहुंचे तो फिर लेकिन यहां तक पहुंचने पहुंचने शाम ढलने लगी थीजंगल में रात का मतलब था तेंदुए और दूसरे जंगली जानवरों का खतरा सूरज के पुरी तरह ढलने से पहले हमें एक सुरक्षित जगह तलाशने के रहस्यमई पहाड़ पर तो हम पहुंच चुके हैं लेकिन कुछ ही देर में सूरज ढाल जाएगा और इस जंगल में घर घर अंधेरा छा जाएगा और उसे अंधेरे में जंगल में एक कदम भी चलना नामुमकिन होगा।

जिसके चलते हुए हम आज रात किसी जगह को खून कर सुरक्षित जगह पर रुकेंगे और उसके बाद फिर कल सुबह की पहली किरण के साथ सोने की रहस्यमई गुफा की पूजा अंधेरा बढ़ाने लगा था हमने कदम संभल कर छोटी के दूसरी तरफ उतरना चालू कियासुरक्षित नीचे पहुंच गए सबसे पहले और जंगली जानवरों सेइतने बड़े खतरे का सामना हमने आज तक नहीं किया लेकिन जो गांव वाले हमारे साथ चल रहे द उनका एक कहना था की ये तो कुछ भी नहीं असल खतरा तो हफ के अंदर उन्होंने यह भी कहा की हम आपको दुखद तो पहुंचा देंगे लेकिन भले कुछ भी हो जाए हम गुफा के अंदर नहीं जाएंगे हमें भी यह सलाह दी की आप भी व के अंदर मच जाइए क्योंकि अंदर जाते ही आपकी हो जाएगी।

अब गांव वाले हमको दारा रहे द और हम ये सोच रहे द की अगर एक बार गुफा दिख जाए बस उसके बाद ये सारा खजाने का जो रहस्य है हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी अगर उसे नदी से खजाना और सोना बा कर बाहर निकलता है तो सोचिए की अंदर कितना खजाना होगा सोच कारी एक्साइटमेंट हो रही थी अब इंतजार था रात के खत्म होने का सूरज की पहली किरण के साथ हमने फिर से गुफा की तलाश शुरू की आराम करने से शरीर तरोताजा हो चुका था शरीर की थकान तो मिट गई लेकिन दिमाग अब भी सवालों से परेशान था गुफा मिलेगी या नहीं मिलेगी तो वहां खजाना मिलेगा भी या नहीं गुफा के अंदर किस तरह के खतरों से सामना होगा बार-बार एक अनजाने खतरे का दर भी सतारा था।

यह सोच ही रहे द की तभी एक छोटी सी मूर्ति बड़ी उम्मीद बंद कर सामने ए गई देवी की मूर्ति सामने थी यानी गुफा आसपास ही कहीं होगी आदिवासियों ने बताया की उनके कुछ लोग ही हिम्मत करके यहां तक आते हैं वह भी देवी के दर्शन करके लौट जाते हैं वो भाग्य अंदर क्या उसके मोहने तक भी कोई नहीं जाता हमने फिर से तलाश शुरू कीअच्छालोगों का आना जाना बिल्कुल नहीं के बराबर है जैसे जलते हुए गुफा का द्वार अब कहां पर है ये किसी को नहीं पता गुफा के सुधार को खो देना पड़ेगा सब लोग बिखर गए और चारों तरफ तलाश शुरू जंगली पेड़ और कुछ नहीं क्या इतनी दूर आकर इतने खतरे उठाकर खाली हाथ लौटना पड़ेगा हम ना उम्मीद होने वाले ही द की तभी एक आदिवासी की आवाज़ सुनाई दी यहां से अगर रुका है कहां 250 फीट के आसपास हो गए यहां सदियों से कोई नहीं आया।

मुख्य द्वार है जिसके अंदर देश कीमती स्वर्ण खजाना के दावे किए जाते हैं लेकिन संदेह की गुफा का यह मुख्य द्वार पुरी तरीके से खेलों की dastaon शाखा और पत्तियों से दब चुका है और यह इस बात के सबूत है की दशकों से यहां पर किसी इंसान तक पहुंच पाएंगे लेकिन यहां से गुफा के अंदर देखकरपहुंच पाएंगेधड़कने तेज हो रही अब सारे सवालों का जवाब सामने इसके अलावा कुछ दूसरा चारा भी नहीं है सुनने की रहस्य तक पहुंचने के लिएअब इरादा पक्का है तो नीचे तक जाएंगे दूर-दूर तक जमीन नजर नहीं ए रही थी रस्सी को मजबूती से पकड़ कर चट्टानी दीवारों पर पैर जमाते हुए हमने नीचे उतरना शुरू किया एक जगह सहारा मिला तो रुक लिए उतरते उतरते सांसे भूल गई हाथ रस्सी से छुट्टी छुट्टी बचे और हर बार आंखों के सामने नाच गए यहां पहली चूक ही जिंदगी की आखिरी गलती बन सकती थी हिम्मत छूटने ही वाली पैर जमीन से छू गएजब इंसान जमीन पे आता है उसे वक्त बिल्कुल मुश्किलऔर वो भी हमारे साथ होलीअंदर तक नहीं पहुंच पाएंगे गुफा का एक चौड़ा रास्ता नीचे की तरफ जा रहा था हम भी उसे ओर चल पड़े [संगीत] इतनी गहराई में खूब अंधेरा था हम कैमरे की रोशनी और टॉर्च के सहारे सावधानी से आगे बढ़ते रहेखजाना क्या यहां तो एक टुकड़ा सोने का नहीं था तूफान नीचे ढलान की ओर बढ़ती जा रही थी अचानक आगे जाकर गुफा का रास्ता बंद हो गया पानी की उत्पाद खींच लेता है सब कुछ सुनने में ये कहानी और किसी फिल्म में स्टोरी की तरह लग रहा है लेकिन हम लोग भी गुफा में पहली बार आया है हमारे साथ जो लोग आए हैं वो भी सुनते हो पहली बार आया है

और इस पानी का जो रंग है वह चटक हरा पानी का हरा रंग पानी की गहराई गलता और थोड़ी दूर जाने का पानी दे रहा है [संगीत] [संगीत] लेकिन हम जोश में होश भी नहीं खोना चाहते द इसलिए हम एक दूसरे का सहारा बने हम इस पानी के अंदर उतर रहे जहां तक हो सकता है वहां तक जाने की कोशिश करेगी लेकिन ख्वाब में पानी कहां दम है क्या आगे पानी के आगे जाने का कोई रास्ता है जब इस तरीके के पानी में कोई गड्ढा होता है तो वहां जगह बहुत कम होती है और आप उसे गड्ढे के अंदर एक बार घुस जाए तो कई की वजह से अब आसपास की चट्टानों के आसपास की जावी को पकड़ नहीं सकते अब सीधा गाडो के अंदर नीचे घुसते हुए चले जाते हैं पता नहीं आगे कोई गड्ढा है जहां से पानी दूसरी तरफ निकल रहा है जिसकी वजह से अंदर जो है अंदर खिंचाव की ऐसी परिस्थिति में यहां पहुंच जाता है आगे सिर्फ पानी था कोई खजाना कोई राजा रानी कोई सी कुछ नहीं हमने उन आदिवासियों से पुरी तसल्ली करवाई गुफा में आगे बढ़ाने की हर मुमकिन कोशिश की खजाने की हर मुमकिन तलाश की और आदिवासियों को इस बात पर यकीन दिलवाया की बरसों से चली ए रही कहानियां सिर्फ फ़साना है देखकर रूह कैंप जाए हम उसे सफर से गुजर कराए द जिन पर यकीन करना नामुमकिन है हम उन कहानियों को सुनकर आए द वह खौफ जो आप तस्वीरें में महसूस कर रहे हम उसे खौफ से लड़कर आएं

ऐसा खतरा जिसकी कोई इम्तिहान नहींमुकाबला खड़ी चट्टानों पर ऊंची चढ़ाई छोटी सी छोटीऐसी कोशिश जो टीवी इतिहास में से पहले कभी नहीं हुईlलेकिन ऐसा था क्या वहां क्यों हमें इतना बड़ा खतरा उठाना पड़ा क्यों नदियों से लड़े लहरों से भिड़े क्यों चट्टानों से चुनौती लेनी पड़ी क्यों इस घनघोर वीराना में रात गुजारनी पड़ेगी आधी हकीकत आधा फ़साना में आज एक ऐसा सफर [संगीत] यह कहानी है।

छत्तीसगढ़ की जहां हमने इस खौफनाक रहस्य के लिए इतने खतरों का सामना किया लेकिन ऐसी क्या जरूरत पड़ी थी की हमने इतना बड़ा खतरा उठा लिया

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