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जब मीडिया ने अमिताभ बच्चन को कर दिया था बैन.. बजह जानकार हैरान

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नमस्कार दोस्तों, एक बार फिर आप सभी का स्वागत है मनोज फिल्मी पडकास्ट में। बॉलीवुड की सबसे रॉयल शादियों में से एक थी अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की शादी। साल 2007 में हुई इस शादी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। लेकिन इसी शादी ने बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी मीडिया बहिष्कार की घटना को भी जन्म दिया। जिस परिवार को देश का सबसे पावरफुल खानदान माना जाता था, उसी पर पेपरा ने महीनों तक बैन लगा दिया। क्या है यह किस्सा? चलिए आपको बताते हैं। लेकिन दोस्तों, वीडियो में आगे बढ़ने से पहले प्लीज मेरे चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन को जरूर प्रेस कर दीजिएगा। तो चलिए दोस्तों वीडियो को शुरू करते हैं।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में सितारों और मीडिया का रिश्ता हमेशा से मिलाजुला रहा है। कभी दोनों के बीच गहरा प्यार दिखता है तो कभी भारी तनाव। बॉलीवुड के सबसे बड़े और प्रभावशाली परिवारों में से एक बच्चन परिवार भी इस उतार-चढ़ाव से अछूता नहीं रहा है। साल 2007 में जब देश की सबसे बड़ी शादियों में से एक अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की शादी हुई, तो पूरा देश इसकी तस्वीरें देखने को बेताब था। लेकिन इसी भव्य शादी के जश्न के बीच कुछ ऐसा हुआ, जिसने बॉलीवुड के सबसे बड़े मीडिया बॉयकॉट को जन्म दे दिया। फोटोग्राफर्स और बच्चन परिवार के बीच कड़वाहट काफी बढ़ गई थी। मीडिया ने पूरे 1 महीने तक अमिताभ बच्चन सहित पूरे परिवार की तस्वीरें खींचना बंद कर दिया था। इस शादी के दौरान कुछ ऐसा हुआ था कि फोटोग्राफ़र्स ने इस परिवार को बॉयकॉट करने का फैसला किया।

चलिए बताते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ था और कैसे खुद महानायक अमिताभ बच्चन को इस विवाद को सुलझाने के लिए आगे आना पड़ा था। हाल ही में जाने-माने फोटोग्राफर हर्षवर्धन पाठक ने हिंदी रस के दिए एक इंटरव्यू में उस दौर को याद किया। उन्होंने बताया कि अभिषेक और ऐश्वर्या की शादी उस समय की सबसे बड़ी खबर थी। मीडिया के लिए यह एक बड़ा इवेंट था और हर कोई तस्वीरें लेना चाहता था। उन्होंने बताया कि शादी के दौरान ऑफिशियल फोटोग्राफी का अधिकार एक व्यक्ति को दिया गया था। लेकिन अन्य फोटोग्राफर भी तस्वीरें लेने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि 4 दिन तक चले समारोह में मीडिया कर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। फोटोग्राफर घंटों लाइन में खड़े रहते थे। कभी छिपकर तस्वीरें लेने की कोशिश करते थे तो कभी किसी झलक का इंतजार करते थे। इसी दौरान कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों का व्यवहार उन्हें अपमानजनक लगा। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षाकर्मी मीडिया पर पानी के पाउच फेंकते थे। खाने की बात तो छोड़ो पानी ही ऐसे दिया जाता था जिससे फोटोग्राफरों को सम्मान नहीं मिलने का एहसास होता था। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार से सभी फोटोग्राफर काफी निराश थे। इसके बाद कई फोटोग्राफरों ने मिलकर बच्चन परिवार का बहिष्कार करने का फैसला किया। उन्होंने तय किया कि अब वह परिवार की तस्वीरें नहीं खींचेंगे। उन्होंने आगे बताया कि शुरुआत में बच्चन परिवार को इस बॉयकॉट की जानकारी नहीं थी। करीब 1 महीने बाद अमिताभ बच्चन फिल्म चीनी कम के प्रेस शो में पहुंचे।

वहां दर्जनों फोटोग्राफर मौजूद थे, लेकिन किसी ने उनकी तस्वीर नहीं ली। बताया जाता है कि अमिताभ बच्चन कई बार फोटोग्राफरों के सामने से गुजरे, लेकिन किसी ने कैमरा नहीं उठाया। अमिताभ बच्चन भांप गए थे कि दाल में कुछ काला है। यह बॉलीवुड के इतिहास का सबसे बड़ा और संगठित मीडिया बॉयकॉट बन चुका था। इस बैन के दायरे में सिर्फ अमिताभ बच्चन ही नहीं बल्कि जया बच्चन, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय भी शामिल थीं। बाद में उन्होंने फोटोग्राफरों से बातचीत की और कथित तौर पर उनके साथ हुए व्यवहार के लिए माफी भी मांगी। इसके बाद धीरे-धीरे यह विवाद खत्म हुआ और रिश्ते सामान्य होने लगे। आपको बता दें कि जाने-माने सेलिब्रिटी फोटोग्राफर वरिंदर चावला भी बच्चन परिवार के बॉयकॉट का जिक्र कर चुके हैं। उन्होंने बताया था कि शादी के दौरान मीडिया को तस्वीरें लेने से रोकने के लिए कई इंतजाम किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ फोटोग्राफर घायल भी हुए थे।

बॉयकॉट के दौरान जब भी बच्चन परिवार किसी कार्यक्रम में पहुंचता था, फोटोग्राफर कैमरे नीचे कर लेते थे, या दूसरी दिशा में घुमा देते थे। कई बार समूह फोटो में भी अमिताभ बच्चन की तस्वीर लेने से इंकार कर दिया जाता था। दिलचस्प बात तो यह है कि यह पहली बार नहीं था जब अमिताभ बच्चन को मीडिया के इस तरह के कड़े बहिष्कार का सामना करना पड़ा हो। साल 2017 में अपने एक ब्लॉक पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने एक और पुराने और लंबे बॉयकॉट का जिक्र किया था। यह घटना देश में लगी इमरजेंसी के दौर की है। उस समय प्रेस के एक बड़े हिस्से ने अमिताभ बच्चन को पूरी तरह से बैन कर दिया था। सालों तक उनके बारे में अखबारों या पत्रिकाओं में कुछ भी नहीं छापा जाता था। उनकी फिल्मों और उनके काम को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जाता था। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा था कि स्थिति यह थी कि फिल्मों के क्रेडिट रोल में भी उनका नाम गायब कर दिया जाता था। उदाहरण के लिए फिल्म नास्तिक के क्रेडिट में लिखा गया था हेमा मालिनी और प्राण। अमिताभ ने मजाकिया और दर्द भरे लहजे में लिखा था कि उस क्रेडिट लाइन में वो सिर्फ एक कॉमा बनकर रह गए थे। तो दोस्तों आज का वीडियो यहीं समाप्त करते हैं। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। तब तक के लिए आप सभी को टाटा बाय-ब टेक केयर।

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