[संगीत] रणबीर कपूर की रामायण पार्ट वन रिलीज से पहले ही नई मुश्किल में फंसती नजर आ रही है। जिस फिल्म का फैंस लंबे टाइम से इंतजार कर रहे हैं। अब उसी फिल्म को लेकर श्री रामलीला महासंघ ने मेकर्स के सामने बड़ी मांग रख दी है। इतना ही नहीं मांग पूरी ना होने पर प्रोटेस्ट तक की चेतावनी दी गई है। यानी साफ शब्दों में कहा गया है कि पहले फिल्म दिखाइए उसके बाद रिलीज़ करिए। अगर ऐसा कुछ नहीं हुआ तो सिनेमा हॉल्स के बाहर विरोध देखने को मिल सकता है।
दरअसल रणबीर कपूर की फिल्म रामायण पार्ट वन को लेकर शुरुआत से ही काफी एक्साइटमेंट है। रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आने वाले हैं और नितीश तिवारी इस बड़े प्रोजेक्ट को डायरेक्ट कर रहे हैं। फिल्म की पहली झलक सामने आने के बाद फैंस की उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई लेकिन अब रिलीज़ के पहले रामलीला महासंघ ने मेकर्स को एक लेटर भेजकर स्पेशल प्रीव्यू स्क्रीनिंग की मांग कर दी है। रामलीला महासंघ चाहता है कि दुनिया भर में फिल्म रिलीज होने से पहले उनके जो लोग हैं वह रामायण पाठ को जरूर देखें। लेकिन आखिर फिल्म रिलीज होने से पहले देखने की मांग क्यों की जा रही है? इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है आदि पुरुष को लेकर हुआ पुराना विवाद।
प्रभास की आदि पुरुष रिलीज हुई थी तो फिल्म के कुछ डायलॉग्स, लुक्स और रामायण के किरदारों को दिखाने के लिए काफी ज्यादा ट्रोलिंग झेलनी पड़ी थी। फिल्म को लेकर काफी विरोध भी हुआ था। अब रामलीला महासंघ का कहना है कि वो नहीं चाहते हैं कि रणबीर कपूर के रामायण के साथ भी वैसी ही सिचुएशन हो। महासंघ के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार की तरफ से डायरेक्टर नितीश तिवारी और प्रोडक्शन टीम को लेटर भेजा गया। मांग है की रिलीज़ से पहले एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखी जाए ताकि फिल्म में अगर कोई ऐसा सीनियर डायलॉग है जिस पर धार्मिक भावनाओं को लेकर आपत्ति हो सकती है तो उसे पहचान पहले से की जा सके। यानी संगठन चाहता है कि पहले उनके जो लोग हैं
वो फिल्म देखें इसके बाद ऑडियंस तक यह फिल्म पहुंचाई जाए। लेकिन मामला सिर्फ मांगों तक नहीं रुका। रामलीला महासंघ की तरफ से चेतावनी दी गई है कि अगर मेकर्स उनकी मांगों को नहीं मानते हैं तो श्री रामलीला महासंघ और दूसरे हिंदू संगठनों के साथ मिलकर दिल्ली और दूसरे राज्यों में सिनेमा हॉल्स के बाहर प्रोटेस्ट किया जा सकता है। अब इस वार्निंग के साथ रणबीर कपूर की रामायण को लेकर नई बहस शुरू हो चुकी है। सवाल यह है कि क्या मेकर्स रिलीज़ से पहले फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए तैयार होंगे? और अगर मेकर्स ने फिल्म दिखाने से मना कर दिया तो क्या सच में रामायण पाठ को रिलीज से के टाइम प्रोटेस्ट का सामना करना पड़ेगा। अब इस पूरे मामले में आदि पुरुष का नाम आना काफी अहम है। रामलीला महासंघ ने पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा है कि उस फिल्म में लंका से लेकर रावण और उसकी जो इमेज है उसको दिखाने के तरीके पर लोगों ने
आपत्ति जताई थी। दूसरी तरफ सवाल यह भी उठता है कि क्या किसी संगठन को थिएटरिकल रिलीज से पहले पूरी फिल्म दिखाने की मांग करना ठीक है? और अगर संगठन के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग होती है तो क्या आगे दूसरे संगठन भी ऐसी मांग कर सकते हैं? फिलहाल रामलीला महासंघ ने बात साफ कर दी है कि वह रिलीज़ से पहले फिल्म जरूर देखना चाहते हैं और मांग अगर पूरी नहीं हुई तो विरोध का रास्ता अपनाया जाएगा। अब सभी की नजरें नितीश तिवारी और रामायण की प्रोडक्शन टीम पर है। क्या मेकर्स रामलीला महा संघ की मांग मानकर स्पेशल स्क्रीनिंग रखेंगे या फिल्म बिना किसी प्रीव्यू के सीधा ऑडियंस के सामने आएगी। रणबीर की फिल्म रामायण पहले से ही 2026 की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जा रही है। ऐसे में रिलीज के कुछ महीनों पहले आई प्रोटेस्ट की वार्निंग ने फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट और कंट्रोवर्सी दोनों को बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि यह मामला बातचीत से खत्म होता है या फिर फिल्म की रिलीज के टाइम सिनेमा हॉल्स के बाहर भी इसका असर देखने को मिलेगा।