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करियर की ऊंचाई पर थे राकेश और अदिति, पर बेटे की लाचारी ने कैसे उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार?

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यूके में रहने वाले एक भारतीय परिवार की बेहद दर्दनाक परिस्थितियों में मौत हो गई है। टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार साउथ लंदन के एक पौश इलाके में रहने वाले राकेश पाई, उनकी पत्नी अदिति परालकर और उनके 9 साल के बेटे सिड की 36वीं मंजिल पर स्थित अपार्टमेंट की बालकनी से नीचे गिरने से मौत हो गई है। 27 मई को हुई इस घटना की जानकारी अब सार्वजनिक की गई है। यह परिवार जिस बिल्डिंग में रहता था, वह 45 मंजिला थी। यह भी बताया जा रहा है कि राकेश और अदिति की आर्थिक स्थिति काफी अच्छी थी, लेकिन उनका बेटा जन्म से ही एक लालाज बीमारी से पीड़ित था।

जिसके कारण यह दंपति लंबे समय से भारी तनाव में रह रहा था। यह तीनों लोग 27 मई की सुबह करीब 7:30 बजे अपने अपार्टमेंट की बालकनी से नीचे गिरे थे। बिल्डिंग से कुछ लोगों के गिरने की सूचना मिलने पर इमरजेंसी सर्विस का स्टाफ मौका वारदात पर पहुंचा था। पैरामेडिक्स ने तीनों को बचाने की कोशिश की लेकिन 36वीं मंजिल से गिरने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी और उन्हें घटना स्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया था। डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार 9 साल का सिड आंशिक रूप से विकलांग था। वह बोल भी नहीं सकता था और उसे किडनी की भी गंभीर बीमारी थी। अदिति अपने बेटे को घर पर ही पढ़ाती थी और उसकी देखभाल भी खुद ही किया करती थी।

यह भी सामने आया है कि अस्पताल ने सेठ का इलाज संभव ना होने की बात कहकर उसे डिस्चार्ज कर दिया था। जिससे राकेश और अदिति बेहद व्यथित हो गए थे। वे बेटे का इलाज कराने के लिए 2020 में इंडिया भी चले गए थे। लेकिन उसकी हालत में कुछ सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 2025 में उन्होंने वापस यूके लौटने का फैसला किया था। अतिथि मूल रूप से मुंबई की रहने वाली थी। इंडिया में यह परिवार अपने बेटे के इलाज के लिए 5 साल तक रुका। उस दौरान दोस्तों और परिवार के सप्यों ने पूरा सहयोग उन्हें दिया था। लेकिन 5 साल के बाद अदिति, पति और बेटे के साथ फिर यूके लौट आई थी। इस दंपति को उनके दोस्त अदि और रॉबिन के नाम से जानते थे। अदिति कंस्ट्रक्शन में जबकि राकेश फाइनेंस सेक्टर में कंसलटेंट के रूप में काम किया करते थे और उनकी कमाई भी काफी अच्छी थी। जिन परिस्थितियों में इस भारतीय परिवार की मौत हुई है उसे लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। उनके परिचित पुलिस की शुरुआती थ्योरी से सहमत होने को तैयार नहीं है। लोकल मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि अदिति बेटे की बीमारी के कारण लगातार तनाव में रहती थी और डिप्रेशन का शिकार भी बन चुकी थी।

जबकि रॉबिन स्थिति को काफी शांत तरीके से संभाल रहा था। हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि बीमार बेटे की देखभाल और उसकी लगातार चिंता ने इस दंपति को मानसिक रूप से पूरी तरह थका दिया था। एक पड़ोसी ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया कि इस घटना के करीब एक सप्ताह पहले अदिति और राकेश के अपार्टमेंट से जोर-जोर से चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रॉबिन और अदिति के बीच शायद झगड़े भी हुआ करते थे। पुलिस का कहना है कि तीनों मृतकों के शरीर पर किसी अन्य प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले हैं। इसीलिए किसी के द्वारा उन्हें ऊपर से धक्का दिए जाने की संभावना अभी फिलहाल नहीं दिख रही। हालांकि मेट्रोपॉलिटन पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही तीनों की मौत का आधिकारिक कारण घोषित किया जाएगा। अदिति और राकेश वर्ष 2000 के आसपास इंडिया से यूके आए थे।

जबकि उनके बेटे का जन्म यूके में ही हुआ था। वे जिस अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में रहा करते थे, उसका मासिक किराया 3800 पाउंड के आसपास था। इस दंपति को कोई आर्थिक समस्या नहीं थी, लेकिन बेटे की बीमारी और भविष्य की चिंता उन्हें लगातार परेशान कर रही थी। अदिति बेटे की देखभाल के साथ-साथ अपना पेशेवर काम भी करती थी और वह अपने करियर में काफी व्यस्त रहती थी। इसीलिए परिवार और काम दोनों की जिम्मेदारियां संभालना उसके लिए काफी कठिन हो गया था जिसका असर उसके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ा था। अदिति और राकेश का लंदन में खुद का एक अपार्टमेंट है जिसकी कीमत 5 लाख पाउंड से भी ज्यादा बताई जा रही है। 2025 में यूके लौटने के बाद उन्होंने अपने अपार्टमेंट के ऊपर वाला फ्लैट भी खरीद लिया था और दोनों फ्लैट्स को मिलाकर एक बड़ा घर बनाने का काम चल रहा था। इस दौरान वे कुछ महीनों के लिए दूसरे अपार्टमेंट में शिफ्ट हुए थे। उनके पड़ोसियों और परिचितों ने भी उन्हें एक अच्छे और समझदार दंपति के रूप में याद किया है। उनकी फैमिली का कोई अन्य सदस्य यूके में नहीं रहता है। लेकिन लंदन में उनके कई करीबी दोस्त थे।

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