अमिताभ बच्चन को सुपरस्टार बनाया। बेटे ने कराई प्रेमिका से मुलाकात। रहस्यमई थी मौत। वेल, बेहद दर्दनाक है इस डायरेक्टर की कहानी। देख रहे हैं आप इवन एंटरटेनमेंट और मैं हूं मेघा। किसी भी एक्टर के करियर में एक अच्छे निर्देशक की भूमिका बेहद अहम होती है। हिंदी सिनेमा में एक ऐसे ही महान फिल्म मेकर हुए जिन्होंने अपने करियर में 23 फिल्में बनाई। उनमें से 15 फिल्में हिट हुई। यह वह निर्देशक थे जिन्होंने अमिताभ बच्चन को कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी। हम बात कर रहे हैं मशहूर फिल्म निर्देशक मनमोहन देसाई की।
उनके शुरुआती जीवन की बात करें तो 26 फरवरी 1937 1937 को मुंबई के एक गुजराती परिवार में उनका जन्म होता है। उनके पिता केकू भाई देसाई फिल्म निर्माता थे और उन्होंने 1931 में पैरामाउंट फिल्म स्टूडियो की स्थापना की थी। हालांकि मनमोहन की जिंदगी में बचपन से ही मुश्किलें आ गई थी। जब वह सिर्फ 4 साल के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया। परिवार पर काफी कर्ज था। लेकिन समय के साथ हालात संभले। अपने बड़े भाई की मदद से मनमोहन ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। उन्होंने कई साल तक असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया और लगभग 20 साल की उम्र में अपनी पहली फिल्म बनाई। कम उम्र में ही उनका टैलेंट सबके सामने आ गया। जब उन्होंने अपनी फिल्म का पहला गाना शूट किया तो मशहूर अभिनेता निर्देशक राज कपूर भी उनके काम से काफी प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्में बनाई जिनमें ब्लफ मास्टर सच्चा झूठा और रोटी रामपुर का लक्ष्मण भाई हो तो ऐसा शामिल है। लेकिन मनमोहन देसाई के करियर का सबसे बड़ा मोड़ आया फिल्म अमर अकबर एंथनी से। इस फिल्म में अमिताभ, ऋषि कपूर, विनोद खन्ना मुख्य भूमिका में थे और यह फिल्म सुपरहिट रही।
खास बात रही 1977 में उनकी चार फिल्में एक साथ रिलीज हुई और चारों ही ब्लॉकबस्टर रहीं। फिल्म थी परवरिश, धर्मवीर और चाचा भतीजा, अमर अकबर, एंथनी। इसके बाद अमिताभ बच्चन और मनमोहन देसाई की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई हिट फिल्में भी दी। उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो वह भी काफी दिलचस्प रही। उन्हें अपनी पड़ोस में रहने वाली प्रभा नाम की लड़की से प्यार हो गया। वह अक्सर प्रभा के पीछा करते थे। धीरे-धीरे दोनों का रिश्ता गहरा हो गया। लेकिन प्रभा के परिवार वाले इस शादी के लिए राजी नहीं थे। काफी मनाने के बाद आखिरकार उन दोनों की शादी हुई। शादी के बाद उनके घर में एक बेटे का जन्म हुआ जिसका नाम केतन देसाई रखा गया। साल 1979 1979 में मनमोहन देसाई की जिंदगी में एक बड़ा झटका आया। उनकी पत्नी प्रभा का निधन हो गया। इस घटना से वह टूट गए। उस कठिन समय उनके बेटे केतन ने उनका साथ दिया और उन्हें फिर से फिल्मों की दुनिया में लौटने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने कुली और देश प्रेमी फिल्म बनाई। कुछ ही समय बाद केतन को पता चला उनके पिता मशहूर अभिनेत्री नंदा को पसंद करते हैं। तब केतन ने अभिनेत्री वहीदा रहमान जो नंदा की करीबी दोस्त थी उनसे मदद मांगी। व
ही रहमान ने दोनों को एक डिनर पर मिलवाया। इसी मुलाकात में मनमोहन देसाई ने नंदा को अपने दिल की बात कही और नंदा ने भी उनका प्रस्ताव मान लिया। इसके बाद दोनों की सगाई हो गई। जब मनमोहन और नंदा की सगाई हुई तब देसाई की उम्र 52 साल थी। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुट गए। लेकिन 1 मार्च 1994 1994 को मनमोहन देसाई अचानक अपने घर की बालकनी से गिर गए जिससे उनकी मौत हो गई।
उनकी यह मौत आज भी काफी रहस्यपूर्ण है। इस घटना ने पूरी इंडस्ट्री को झझोड़ दिया। नंदा जो उनसे शादी करने वाली थी इस घटना से टूट गई और उन्होंने अपने जीवन में कभी दोबारा शादी ही नहीं की। मनमोहन देसाई हिंदी सिनेमा के उन निर्देशकों में शामिल हैं जिन्होंने कम फिल्मों में बड़ी सफलता पाई। उन्होंने अपने करियर में सात सिल्वर जुबली फिल्में, चार गोल्डन जुबली फिल्में बनाई। आज भी उनकी फिल्में दर्शकों को उतना ही मनोरंजन देती हैं। इसी वजह से ही मनमोहन देसाई को हिंदी सिनेमा के सबसे सफल निर्देशकों में गिना जाता है। आपको यह स्टोरी कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अभी के लिए इतना ही। फिर मिलेंगे एक नए गसिप पे। वीडियो यहां तक देखने के लिए धन्यवाद।