वो ना रेखा थी ना मधुबाला। लेकिन जब पर्दे पर आती तो समय रुक जाता। जवाहरलाल नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेई तक उनके मुरीद हुआ करते थे। खूबसूरती, आवाज और अदाकारी। ऐसे ही कि दिलीप कुमार और देवानंद को भी पीछे छोड़ दिया जाए। सिर्फ 34 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया। वेल हम यहां बात कर रहे हैं सुरैया की। नमस्कार आप देख रहे हैं वन एंटरटेनमेंट और मैं हूं मेघा। 15 जून साल 1929 1929। लाहौर में एक बच्ची जन्म लेती है। नाम रखा जाता है सुरैया जमाल शेख। जब एक साल की थी तब परिवार मुंबई आ गया। बचपन से ही गाने का शौक। ऑल इंडिया रेडियो के बच्चों के प्रोग्राम में राज कपूर और मदन मोहन के साथ वह गाना गाती।
12 साल की उम्र में मम्मी के साथ फिल्मों के सेट पर जाना शुरू किया और यहीं से किस्मत ने करवट ले ली। फिल्म शारदा में नौशाद साहब ने पहली बार गाने का मौका दिया और फिर सुरैया बन गई बॉलीवुड की सबसे महंगी अदाकारा। दिलीप कुमार, अशोक कुमार और देवानंद से भी ज्यादा फीस लेने वाली। प्यार की जीत दिलगी बड़ी बहन दास्तान हर फिल्म हिट हर गाना सुपरहिट सुरैया का जादू ऐसा कि हर दिल दीवाना हो जाता और एक दिन खुद सुरैया दीवानी हो गई
देव साहब पर सात फिल्मों में साथ में काम करा देव साहब ने उधार लेकर अंगूठी भी खरीद ली शादी का सपना भी बुन लिया लेकिन मोहब्बत हार गई धर्म के सामने सुरैया की नानी ने वो वो अंगूठी समुद्र में फेंक दी और यहीं से दोनों का रिश्ता टूट गया। फिर दोनों अलग हो गए। देवानंद ने कल्पना कार्तिक से शादी कर ली और सुरैया वो जिंदगी भर कुंवारी रही। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया मुझ में हिम्मत नहीं थी। शायद यह मेरी गलती थी या शायद यह मेरी किस्मत थी।
इधर ब्रेकअप होता है तो उनका करियर भी ढलान पर आ जाता है। हालांकि मिर्जा गालिब ने एक बार फिर से उनका करियर चमका दिया। उस दौरान के प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने कहा तुमने गालिब की रूह को जिंदा कर दिया। फिर 1964 में रुस्तम सोहरा जी आई जो कि हो गई सुपर फ्लॉप। और सुरैया ने सिर्फ 34 साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री को बस कह दिया। इसके बाद वह कभी कैमरे पर नहीं आई। ना शादी ना शोहरत। बस एक कमरा और कुछ पुरानी यादें और अकेलापन। 2004 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिन जाते-जाते वो इतना खुश दे गई कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता ने उन्हें मंच पर सम्मानित कर दिया। राज कपूर, नरगिस और कामिनी कौशल के साथ सोवियत यूनियन में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। आज की एक्ट्रेसेस अगर बराबरी की बात करती हैं।
तो इसका श्रेय उन्हें ही जाना चाहिए। कभी सुरैया नाम की एक मिसाल हुआ करती थी जो ना किसी की हो सकी और ना किसी को मिल सकी। लेकिन हिंदुस्तान की धड़कनों में आज भी उनकी आवाज गूंजती है। वेल कई बार ऐसा होता है कि धर्म के आड़े मोहब्बत होते खत्म हो जाती है। बॉलीवुड में कई ऐसे कपल हैं जिन्होंने धर्म की दीवार को छोड़कर अपने प्यार को अपनाया है और कुछ लोगों ने धर्म को बड़ा मानकर अपने प्यार को छोड़ा है। आप ऐसे किसी कपल के बारे में जानते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अभी के लिए इतना ही।