इस वक्त की बड़ी खबर आपको बताते हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा उन्होंने भेजा है प्रधानमंत्री को और इसको लेकर एक पत्र उनकी तरफ से जारी किया गया है। जिसमें वो इस बात का जिक्र कर रहे हैं कि जो कुछ यहां पर हो रहा है उससे वो बहुत आहत हैं। जो स्टूडेंट हैं वो लगातार प्रदर्शन यहां पर कर रहे हैं और अब उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है।
इस वक्त की बहुत बड़ी खबर। आप देख रहे हैं कि देश भर में अलग-अलग जगहों पर इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे और ऐसे में अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने की खबर सामने आ रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा यहां पर भेज दिया है। इस्तीफे की कॉपी हम आपको दिखाते हैं। इस्तीफे में अपने क्या बातें धर्मेंद्र प्रधान लिख रहे हैं। इसमें वह कहते हैं कि मेरे युवा साथियों मैं पिछले चार दशकों से ज्यादा समय से छात्र शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था रहे। सशक्त राष्ट्रीय आधारशिला यह होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं।
भारत की युवा पीढ़ी से पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार करता हूं और इस अह लंबे इस्तीफे में अपने उन्होंने तमाम बातों का जिक्र किया है और इसमें यह भी वो यहां पर लिखते हैं कि अपने करियर पर जो छात्र हैं वो फोकस करें। इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है। तो अब जंतरमंतर पर जो प्रदर्शन चल रहा था जिसमें सबसे बड़ी मांग थी यहां पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा वो अब पूरी होती हुई यहां पर दिख रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है। NDTV पर एक्सक्लूसिव जानकारी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर हम आपको यहां पर बता रहे हैं। अखिलेश जी हमारे साथ हैं। अखिलेश जी धर्मेंद्र प्रधान का जो लेटर है वो हम यहां पर दिखा रहे हैं जिसमें वो लिख रहे हैं कि अपना इस्तीफा उन्होंने प्रधानमंत्री को भेज दिया है।
जी हां एक पत्र के माध्यम से उन्होंने इस बात का सार्वजनिक तौर पर उल्लेख किया है। उन्होंने कहा है कि ये दो पन्नों का पत्र है जो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है। उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही उन्होंने इस मामले की जिम्मेदारी ली थी और कभी भी जो चुनौतियां आई उनसे मुंह उन्होंने नहीं मोड़ा है। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प था कि कोई भी छात्र जो है उसकी परीक्षा खराब ना हो माफिया के कारण।
उन्होंने कहा था किसी भी छात्र के साथ हम अन्याय नहीं होने देंगे। इस बात का उल्लेख उन्होंने इसमें कहा है और कहा है कि 16 जुलाई को जो नतीजा आया उसमें कई बच्चों को इस पर सफलता भी मिली है लेकिन छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की गई जिससे उनका मन काफी व्यतीत हुआ है ये बात उन्होंने इसमें कही है और वो कह रहे हैं कि पिछले 10 दिनों का जो घटनाक्रम हुआ है इस उनका मन दुखी है और ये उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं है। भारत की युवा शक्ति है वो देश की असली ताकत है और जंतरमंतर पर जो कुछ हुआ है देश में जो स्थिति बनी है इसका राष्ट्र विदित रास्ते लाभ ना ले लें देश की एकता बनी रहे भारत के विद्यार्थी को कोई भी परेशानी ना हो ये उनकी कोशिश है और इसीलिए उन्होंने कहा है कि वो आगे भी देश के लिए अपना काम करते रहेंगे तो इस तरह का पत्र उन्होंने जो है वो प्रधानमंत्री को सौंपा है बिल्कुल और ये बहुत महत्वपूर्ण है यहां पर अखिलेश जी क्योंकि अब सीजेपी के साथ बैठक दोपहर बाद होनी थी और उसमें सबसे बड़ी मांग यही थी कि इस्तीफा दें धर्मेंद्र प्रधान।
अब प्रधानमंत्री को उन्होंने यहां पर भेजा है तो यह मान लिया जाए कि इसको स्वीकार कर लिया जाएगा। उनसे कहा गया था इस्तीफा देने के लिए या उनकी पेशकश है यहां पर इस्तीफे की कैसे समझा जाए इसको? देखिए ये तो अभी फिलहाल उन्होंने अपनी ओर से इस्तीफा पीएम नरेंद्र मोदी को भेजा है। क्योंकि पीएम मोदी ही आप जानते हैं कि उन्होंने उनको अपॉइंटमेंट किया था मंत्री परिषद में। तो उन्होंने कहा है कि उन्होंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है। और अब वो यह भी कह रहे हैं कि आगे भी पीएम के साथ मिलकर वह काम करते रहेंगे। राष्ट्र सेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता और उसके सद समर्पित रहेंगे।
उन्होंने यह भी लिखा है कि प्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता उड़ीसा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव [संगीत] रूप से स्वयं को समर्पित रखूंगा। ये के जंतरमंतर के सीजेपी के मंच की जहां पर देखिए आप जब ये खबर यहां पर पहुंची कि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। तो अभिजीत जीत के किस तरह से अपनी खुशी यहां पर जाहिर कर रहे हैं।
यह प्रदर्शन लगभग एक महीने से दिल्ली के जंतरमंतर में चल रहा था और लगातार इस बात की मांग यहां पर जो छात्र थे, जो युवा थे वो उठा रहे थे कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा यहां पर दें और अब इसका दायरा बढ़ने लगा था। आज सुबह से हम तस्वीर आपको दिखा रहे हैं। अलग-अलग चेहरों में कैसे इसका असर देखने को मिल रहा था और अब जैसे ही यह खबर सामने आई कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेजा है तो उसके बाद आप देखिए दिल्ली के जंतरमंतर