26 साल पहचान बदली, नाम बदला, शहर बदले लेकिन एक छोटी सी गलती ने पूरा [घंटी की आवाज़] खेल पलट दिया। क्या है वो गलती जिसने एक मृत्यु [संगीत] घोषित शख्स को फिर से जिंदा कर दिया? कैसे? एक यूबर की पहचान ने खोला 1995 के हत्याकांड का राज। और आखिर क्यों अब उसकी गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया भी दो हिस्सों में पड़ता नजर आ रहा है।
दिल्ली एनसीआर से सामने आई एक हैरान कर देने वाली कहानी जहां 26 साल पहले मरा हुआ घोषित किया गया एक शख्स अचानक जिंदा मिल जाता है और फिर सीधे पहुंचता है सलाखों के पीछे। यह कहानी है सलीम खान उर्फ सलीम वास्तिक की जिसकी एक छोटी सी गलती ने उसके 26 साल पुराने राज को उजागर कर दिया। मामला है 1995 का जब [संगीत] एक नाबालिक की हत्या के आरोप में सलीम खान का नाम सामने आया। इसके बाद वह कानून के शिकंजे में आया। लेकिन साल 2000 में जमानत पर बाहर आने के बाद उसने ऐसा खेल रचा जिसने पुलिस को सालों तक गुमराह रखा।
सलीम ने अपने ही गांव में अपनी मौत की अफवाह फैला दी। उसके भाई ने गांव वालों को बताया कि सलीम की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। क्योंकि सलीम कभी गांव नहीं लौटा। लोगों ने इस कहानी [संगीत] पर यकीन कर लिया। जबजब पुलिस उसकी तलाश में गांव पहुंची, हर बार उन्हें यही जवाब मिला। सलीम मर चुका है और इसी झूठ के सहारे सलीम करीब 26 साल तक कानून से बचता रहा। लेकिन दिसंबर 2025 में एक छोटी सी गलती ने उसकी पूरी कहानी पलट दी। सलीम अपने पुश्तैनी मकान को बेचने गांव पहुंचा और यहीं उसकी पहचान उजागर हो गई। गांव के लोगों ने उसे पहचान लिया और मृत सलीम के जिंदा होने का राज खुल गया। इसके बाद अपराध शाखा की टीम सक्रिय हुई। एक बुजुर्ग ने पुलिस को अहम जानकारी दी कि लूनी में रहने वाला सलीम वास्तविक ही असल में सलीम खान है।
पुलिस ने चुपचाप जांच की और पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि सलीम ने हरियाणा के करनाल, अंबाला समेत कई इलाकों में छिपकर वक्त बिताया। फिर 2010 में उसने अपनी पहचान बदलकर गाजियाबाद के लोनी इलाके में नया जीवन शुरू किया। यहां [संगीत] उसने महिलाओं के कपड़ों और संबंधित सामान की दुकान खोली और [संगीत] धीरे-धीरे सलीम वास्तविक के नाम से पहचाना जाने लगा। इतना ही नहीं सलीम ने सोशल मीडिया का भी सहारा लिया। उसने एक YouTube चैनल शुरू किया। जहां वह धार्मिक मुद्दों और सामाजिक विषयों पर वीडियो पोस्ट करता था। उसके बयानों को लेकर वह अक्सर चर्चा में रहता था। लेकिन इस बीच उसकी जिंदगी में एक और बड़ा मोड़ आया।
27 फरवरी 2026 को उसके ऑफिस में घुसकर दो लोगों ने उस पर जानलेवा हमला किया। चाकुओं से हमला कर उसका गला रेतने की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां करीब 1 महीने के इलाज के बाद वह ठीक हुआ। हमले के आरोपियों को बाद में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के करीब एक महीने बाद ही पुलिस ने सलीम को गिरफ्तार कर लिया। अब उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
दिल्ली पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मान रही है क्योंकि एक ऐसा आरोपी जो सालों से मृत घोषित था। आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। वहीं सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग इसे कानून की जीत बता रहे हैं तो कुछ सलीम की कहानी को अलग नजरिए से देख रहे हैं। एक बात साफ है झूठ के सहारे जिंदगी ज्यादा दिन नहीं चलती और एक छोटी सी गलती भी कभी-कभी सालों पुराने राज खोल देती है। वीडियो डेस्क अमर उजाला.com अगर आप यह वीडियो YouTube पर देख रहे हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर बेल आइकन दबाएं और Facebook पर देख रहे हैं तो हमारे पेज को लाइक करें।