अच्छे जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस लोक उजागर रामदूत अतुलित बलधामा अंजनी पुत्र पवन सुत नाम ला इलाहा इल्लल्लाह मोहम्मदुर रसूल्लाह बिस्मिल्लाहिर्रहमान रहीम गुरु प्रसाद जप आद सच जुगाद सच है भी सच नानक हो से भी सच चुनावी मंच सामने भारी भीड़ और हाथ में माइक। जब सायोनी होश बोलना शुरू करती हैं तो विरोधी भी सुनने को मजबूर हो जाते हैं। सोशल मीडिया पर सायोनी का यह भाषण वायरल हो रहा है और उनकी खूब तारीफ भी हो रही है।
तारीफ सायोनी की वाकपटुता की, उनकी प्रभावशाली स्पीच की, कैसे एक सांस में, हनुमान चालीसा, गुरुवाणी और इस्लामिक पंक्तियां गुनगुना देती है ममता बनर्जी की आक्रमक सांसद। या देवी सर्वभे शक्ति रूप संस्थिता नमस नमस नमस नमो नम या देवी सर्वभूते शांति रूप संस्थिता नमस्तेस नमस नमस ला इलाहा इल्लल्लाह मोहम्मदुर रसूल्लाह बिस्मिल्लाहिर रहमान रहीम तो सुना ठीक को गोली देके सुना जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस त लोक उजागर रामदूत अतुलित बलधामा अंजनी पुत्र पवन सुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन वर विराज सुबेसा कानन कुंडल कुंचित केसा एक ओकार सतनाम करता पुरख निर्भो निर्भय अकाल मूरत अजुनी सेम गुरु प्रसाद जप आद सच जुगाद सच सच है भी सच ना कहो से भी सच चुनावी माहौल है सयोनी एकता का संदेश दे रही थी
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सयोनी के इस भाषण की तारीफ की किसी ने कहा कि लंबे इतिहास में उन्होंने इतनी बेहतर नेता और वक्ता देखी ही नहीं है। तो किसी ने आलोचना कर कहा कि सत्ता का लालच ना जाने क्या-क्या करा देता है। बंगाल चुनाव के नतीजे क्या होंगे यह भी भविष्य के गर्भ में है। [संगीत] लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान सयोनी ऐसी उभरी कि उनकी वागपटुता की चर्चा राजनीतिक गलियारों में होने लगी। उनकी भाषण शैली, प्रस्तुति और प्रभावशाली संवाद ने उन्हें जनसभाओं का केंद्र बना दिया है। सायोनी ने बढ़िया मोर्चा संभाला हुआ है। कभी गाना गाते हुए, कभी शेरो शायरी करते हुए। सायोनी ने पूरा बवाल काटा हुआ है बीजेपी के खिलाफ। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो ऐसे आग लगा रहे हैं कि विरोधियों के लिए गर्मी अभी से बढ़ गई है। सयोनी आज ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ी क्राउड पुलर बन चुकी है। अग्रेशन भी, शेरो शायरी भी, तेवरों के कारण इंटरनेट सेंसेशन भी बनी हुई हैं। सीधे मोदी शाह को ललकार रही हैं। ममता और अभिषेक बनर्जी के साथ बंगाल की रैलियों के लिए सबसे ज्यादा किसी की डिमांड है तो वह है सायोनी घोष। क्योंकि उनकी अपील महिलाओं और यूथ में जबरदस्त है। लेकिन आखिर कहां से शुरू होती है ममता की सयोनी की कहानी? पश्चिम बंगाल में 2021 का विधानसभा चुनाव बड़ा हाहाकारी हो रहा था।
मान लिया गया था कि 2019 में धमाका कर चुकी बीजेपी ममता को हराकर सत्ता में आएगी। चुनाव का बिगुल बज चुका था। उस दौर में सयोनी घोष बंगाली फिल्मों की ग्लैमरस [संगीत] स्टार एक्ट्रेस थी। तभी आता है ममता बनर्जी का एक फोन कॉल। ममता ने कहा सयोनी लड़ना है। सयोनी ने ना आओ देखा ना ताओ मेकअप फैन छोड़ी सीधे चुनावी मैदान में उतर गई। उसी दिन तय हो गया था कि लड़की लंबी रेस वाली बंगाल टाइगरर्स बनेगी जिस पर ममता बनर्जी ने दांव लगाया। क्लावर की दुनिया से इस इंस्टेंट शिफ्ट ने पूरे बंगाल को चौका दिया। तब आसनसोल दक्षिण से बीजेपी के अग्निमित्रा पॉल से हार गई। लेकिन उनकी फाइटिंग स्पिरिट ने दीदी का दिल जीत लिया। [संगीत] पहला चुनाव हारने के बाद सयोनी राजनीति में टिकी रही। ममता ने तेवर दिखाकर टीएमसी की यूथ विंग का नेशनल प्रेसिडेंट बनाकर सीधे पार्टी के पावर सेंटर में एंट्री दे दी। तब से सयोनी घोष की पोजीशन हर दिन स्ट्रांग हो रही है। वीक होने का तो सवाल ही नहीं है। सयोनी का बचपन कोलकाता में बीता। जहां उन्होंने छोटी उम्र से ही सिंगिंग डांसिंग की ट्रेनिंग शुरू की जो आगे चलकर एक्ट्रेस बनने में काम आया। सयोनी ने अपनी करियर का आगाज 2010 में स्टार जलसा के टेली फिल्म इच्छे दाना से किया।
इसके बाद उन्होंने अपराजिता प्रलय आशय और केयर कोरीना जैसे लोकप्रिय बंगाली धारावाहिकों में काम किया जिससे वह घर-घर में पहचानी [संगीत] जाने लगी। 2010 में उन्होंने फिल्म नटोबोर नॉट आउट में एक छोटी भूमिका के साथ फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। 2011 में राज चक्रवर्ती की फिल्म शत्रु में जीत के [संगीत] साथ स्क्रीन शेयर करने के बाद उन्हें असली पहचान मिली। फिर सायोनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कान्हा माची, राजकाहिनी और ब्यमकेश ओ चिड़िया खाना जैसी फिल्मों में दमदार एक्टिंग से लोहा मनवाया। उसी दौर में आया बंगाल का चुनाव और उसी के साथ ममता दीदी का फोन जिसने हमेशा के लिए सयोनी की जिंदगी बदल दी। 2011 से बंगाल पर राज कर रही ममता बनर्जी ने हर चुनाव में बड़ा मास्टर स्ट्रोक चला। बंगाल के ग्लैमर वर्ल्ड को राजनीति पार्टी में लेकर आई। चाहे शताब्दी रॉय हो, देवश्री रॉय हो, सायंतिका बनर्जी हो, मिमी चक्रवर्ती हो, नुसरत जहां हो, कई ऐसे ग्लैमरस फसेस की लिस्ट है जिन्हें ममता ने विधायक सांसद बनाया। सायोनी घोष पिक्चर में आई तो लोग यह भी कहने लगे कि तृणमूल कांग्रेस का वो फ्यूचर है।
वही ममता की उत्तराधिकारी हैं। 2024 में ममता ने सायोनी को ना केवल टिकट दिया बल्कि उस जाधवपुर से उम्मीदवार बनाया। जहां कभी ममता ने खुद अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। सयोनी की एंट्री जितनी फिल्मी थी उतनी ही विवादित भी थी। राजनीति में कदम रखते ही उनका 2015 का एक पुराना ट्वीट वायरल हो गया। शिवलिंग पर कंडोम वाली इस तस्वीर ने बवाल काटा कि बीजेपी ने हिंदू भावनाओं का अपमान बताकर सयोनी को घेर लिया। लेकिन सयानी झुकी नहीं। सयानी घोष की सबसे बड़ी ताकत और पहचान उनका भाषण। बंगाल के गांव गलियों से लेकर संसद तक सयोनी घोष के हर भाषण वायरल होते रहे। संसद में जब सयोनी माइक संभालती हैं तो लोगों को याद आता है ऐसा कभी तो यंग ममता बनर्जी के तेवर हुआ करते थे। सयोनी घोष सिर्फ एक अच्छी एक्ट्रेस और नेता नहीं बल्कि एक बेहतरीन सिंगर भी हैं। कई बंगाली फिल्मों में उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग की है और अक्सर अपनी रैलियों में भीड़ को जोड़ने के लिए वो लोकगीत भी गाती हैं। आपका इस रिपोर्ट पर क्या कुछ कहना है? कमेंट्स में लिखकर अपनी राय जरूर दें। न्यूज़ तक ब्यूरो [संगीत]