मुसलमानों को ही केवल अल्पसंख्यक बना दिया गया है। क्या अल्पसंख्यक कश्मीर का हिंदू नहीं है? [संगीत] उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज 54 साल के हो गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 27 साल पहले संसद में अपने पहले भाषण में योगी आदित्यनाथ ने मुस्लिमों और मुस्लिमों के नाम पर तुष्टीरण करने वालों पर क्या बयान दिया था?
यह बयान जब आप तो आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। उस समय भी सांसद योगी ने ऐसी सटीक बात कह दी थी जिसके बारे में कोई बोलता नहीं था। यह बयान हम आपको आगे सुनवाएंगे। संसद में एक बार वह समय भी आया जब 2007 में सांसद योगी आदित्यनाथ फूट-फूट कर रोने लगे।
उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सरकार पर अपने खिलाफ बदले की राजनीति करने और जेल में करने का आरोप लगाया था। उस समय उत्तर प्रदेश में माफियाओं का भी समानांतर राज था। फिर योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने और ऊपर चढ़ते गए और माफिया जमीन के नीचे मिट्टी में मिलते रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम योगी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। कहा है कि मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी सीएम योगी को बधाई दी है।
ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर ने भी हिंदी में सीएम योगी को जन्मदिन की बधाई भेजी है। बहरहाल अब आपको सीएम योगी का मुस्लिमों पर वह बयान सुनवाते हैं जो उन्होंने करीब 27 साल पहले संसद में खड़े होकर दिया था। यहां पर अल्पसंख्यकों की भी बात हुई थी। क्या अल्पसंख्यक वही लोग हैं कि जहां पर हिंदू बहुमत पर है वहां पर जो मुसलमान कम संख्या में है क्या अल्पसंख्यक वही है क्या अल्पसंख्यक कश्मीर का हिंदू नहीं है क्या कश्मीर के उस हिंदू के बारे में उन अल्पसंख्यक हिंदू के बारे में जो आज तीन सा 3 लाख की से अधिक संख्या में इस देश में शरणार्थी के रूप में जगह जगह भटक रहा है ।
क्या उसके बारे में कभी सोचने का की फुर्सत इस सदन में बैठे हुए माननीय सदस्यों को कभी फुर्सत आई है या पूर्वोत्तर के राज्यों में जो कुछ हो रहा है वहां मिजोरम में रंग जनजाति के 51,000 से अधिक शरणार्थियों को मिजोरम से निकाल दिया गया है। लेकिन क्या कभी यहां पर बैठे हुए माननीय सदस्यों ने इस पर सोचने की कोशिश की? केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए मुसलमानों को ही केवल अल्पसंख्यक बना दिया गया है। पूर्वोत्तर के राज्यों में जो अल्पसंख्यक हैं उनके बारे में क्यों नहीं चर्चा होती है? कश्मीर में जो अल्पसंख्यक हैं।
उनके बारे में क्यों नहीं यहां पर चर्चा होती है? और अगर अल्पसंख्यकों की बात होनी है तो 1984 में जो इस देश में हुआ था क्या सिर्फ अल्पसंख्यक इस देश में नहीं है स्थिति और इस सदन के माध्यम से जो कुछ हो रहा है अध्यक्ष महोदय भावनाएं तो तब इस देश की इस देश की जनता के भावनाओं के साथ खिलवाड़ हम तब नहीं करते हैं जब सदन में इतनी उदंडता होती है