कभी आपको यह नहीं लगा कि इंडस्ट्री में जितने बड़े फिल्म स्टार्स हैं अलू अर्जुन हैं, चिरंजीवी हैं अब जो तमिलनाडु के चीफ मिनिस्टर बने हैं तो सारे के सारे जो फिल्म स्टार्स हैं इनके पेरेंट्स कहीं ना कहीं इनके फादर फिल्म इंडस्ट्री में बड़े थे। तो उनको जरूर मदद मिली स्टार बनने में। जो भी मदद मिले या ना मिले अल्टीमेटली ऑडियंस डिसाइड करते हैं सर। इसका मतलब यह नहीं कि कोई एक्टर का बेटा एक्टर बन जाएगा और सक्सेसफुल हो जाएगा। थोड़ा मुश्किल रहता है हम लोगों के लिए।
लेकिन उनको भी उनकी दे विल आल्सो हैव देयर ओन ट्रबल्स एंड देयर दे कम विद बिग बैगेज। उनको बहुत बैगेज रहती है। एक्सपीरियंस उनका फादर का एक्सपीरियंस और जो भी है घर में दैट बैगेज आल्सो दे हैव टू कैरी। बट पीपल लाइक अस वो पहली सीढ़ी होती है ना सर वो सीढ़ी ढूंढने में टाइम लग जाती है। जब वो सीढ़ी मिल जाती है आपको, उसके बाद चढ़ना आपके ऊपर है। और लोग होते हैं ना सर, मेरे हिसाब से सिनेमा में ज्यादा मुझे मैं जितना चढ़ा हूं ना उससे ज्यादा लोगों ने चढ़ाया मुझे। मतलब उन्होंने उनका सपोर्ट के।
आपको लगता है कि पब्लिक ने बनाया लेकिन मैं एक स्टेटमेंट देख रहा था अलू अरविंद का। उन्होंने कहा केजीएफ से पहले यश क्या था? उनका कहना है कि प्रोड्यूसर फिल्म बनाते हैं और इसका फायदा एक्टर को होता है। सच है सर। वो है सर। सिनेमा सिर्फ प्रोड्यूसर का नहीं। मैं क्या बोलता हूं? सिनेमा में इतने सारे लोग काम करते हैं। सिर्फ एक्टर को वो सब क्रेडिट मिलती है। बट लेकिन बात यह है कि जो भी मेहनत है सब लोगों की लिखने लेखक की हो या निर्देशक की हो या कोई भी हो डिपार्टमेंट सबकी मेहनत फाइनली कम्स टू एन एक्टर।
अगर उसको वह ताकत नहीं है। अगर वह कैरी नहीं कर पाया तो पिक्चर नहीं चलेगी। मेरा मानना है ऑडियंस हमेशा सही है सर। दुनिया की हिस्ट्री में आप देखते आए तो एक एक्टर को क्यों ज्यादा रिस्पेक्ट देते हैं? मेरा हमेशा मेरा भी एक क्वेश्चन रहा है। अरे सब इतने मेहनत करते हैं क्योंकि मैं हर डिपार्टमेंट में काम करता हूं। इतना मेहनत इसमें जाता जाता है। लेकिन सिर्फ एक्टर को इतना प्यार क्यों देते हैं? जब कैमरा के सामने खड़े होते हैं ना सर और जो की लोगों की नजर होती है नजरिया से जिस नजरिया से लोग देखते हैं और सब प्रेजर होते हैं उसके बावजूद आप अगर उसको कैरी करके प्रोजेक्ट कर पाए और वो इमोशन को इमोट कर पाए तो वही मेरे हिसाब से बहुत इंपॉर्टेंट काम है और ऑडियंस कभी गलत नहीं होती है सर वो इज्जत सबको देती है और जिसको ज्यादा देनी है उनको पता होती है बिल्कुल ठीक है जी लेकिन ये जितने साउथ के स्टार्स हैं रामचरण, अलू अर्जुन, जूनियर एनटीआर, महेश बाबू, विजय ये सब फिल्मी फैमिली से आए थे लेकिन कोई पैन इंडिया स्टार नहीं बन सका जैसा आप बन गए।
नहीं नहीं सर सब उनके जगह में सब आई थिंक दे आर आल्सो डूइंग रियली गुड। आई थिंक दिस स्टारडम एंड ये पैन इंडिया टर्म ये सब सिर्फ एक ही बात कहती है सर द पीस ऑफ आर्ट जो काम आपने किया है उसके लिए कुछ टर्मिनोलॉजी होती है नाम देते हैं लोग मेरे हिसाब से ये कुछ भी परमानेंट नहीं है सर हम इस फ्राइडे आप स्टार हो अगले फ्राइडे आप कुछ भी नहीं हो सकते यू कैन बी नोबडी सो मेरा मानना यह है कि एक बार मैंने कुछ कर दिया प्रीवियस सिनेमा में या उससे पहले तो उसको लेके मैं सेलिब्रेट करके नहीं बैठ सकता हूं।
तो सबको वही है सर। सब एक्टर्स बहुत मेहनत करते हैं सर। मतलब अभी एक इस हफ्ते किसी और का नाम होगा। अगले हफ्ते किसी और का नाम होगा। बात उस पे नहीं है कि सर कौन अभी आगे है, पीछे है। बात इसकी है। कौन बहुत देर तक टिक पाएगा और लोगों के दिल में रह पाएगा।बहुत अच्छी आपने बात कही है। वाकई में पब्लिक के ऊपर है। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए आपको स्ट्रगल भी काफी करना पड़ा। थिएटर करना पड़ा, थिएटर में पोछा लगाना पड़ा, थिएटर में चाय पिलाना पड़ा।
सर सच बोलूं तो अभी बोलने से लोगों को लगता है कि वो मेहनत है या व्हाटएवर स्ट्रगल बोलते हैं ना। मेरे हिसाब से स्ट्रगल किसकी क्या स्ट्रगल है? मतलब आज यहां बैठ के आप सोचेंगे कि हां मैं इतना सब है लग्जरी मेरे पास तो तब स्ट्रगल था। वैसा नहीं है सर। मेरे हिसाब से आज भी स्ट्रगल है। उस दिन भी स्ट्रगल था। अगर अब आपको लगेगा कि वह स्ट्रगल है। आपको लगेगा कि जॉय है। मैं एंजॉय कर रहा हूं। झाड़ू पोछने से भी मजा आ सकती है और अब सबसे बड़े अवार्ड लेने से भी मजा नहीं आ सकता। लेकिन आपकी ईगो हमेशा हीरो वाली थी। सेल्फ रिस्पेक्ट सर।
अगर अगर ईगो मानते हैं तो ईगो है हमारे लिए वो सेल्फ रेस्पेक्ट है। हां एक एग्जांपल बताता हूं मैं आपको। एक फिल्म स्टार थे कनाडा के जिनको आप बहुत प्यार करते थे। रेस्पेक्ट करते थे। उनके फैन थे। उन्होंने आपको ऑटोग्राफ देने से मना कर दिया। आपने उनकी फिल्में देखना बंद कर दिया। नहीं सर वो बचपन में वो बचपन में वो बड़े स्टार भी नहीं थे। एक एक्टर थे। नो आई एम नॉट डिसरिस्पेक्टिंग एनीबडी मतलब देयर आर सो मेनी स्टार्स इन माय इंडस्ट्री लेकिन वो भी शायद नए दो-तीन पिक्चर किए थे मेरे स्कूल के पास शूटिंग चल रहा था आई जस्ट वेंट देयर एंड आई इट हैपेंस आज मुझको भी बोलते हैं लोग देखो कल भी मेरा इवेंट था और मेरा डबिंग चल रही है और बहुत काम चल रही है लेकिन बाहर फैंस खड़े हैं तो उनको लगता है कि अरे 10 मिनट आके हमें मिल नहीं सकते क्या अभी 26 को रिलीज़ है तो करता ये होती रहती है। कहीं पे मैंने बताया था एक इंटरव्यू में आपने पकड़ लिया है बस मतलब उतना यह भी नहीं है कि मैंने छोड़ मैंने छोड़ दिया था देखना क्योंकि मुझे लगा था अरे यार ये क्या है यार आदमी मतलब ही वास् वैरी रड इसका ऑटोग्राफ नहीं दिया वो नहीं है ही वास् वैड उसके लिए ऐसा था बस जो भी फैंस होते हैं.
वही किसी फिल्म स्टार को बनाते हैं और आपको आप कह रहे हैं कि बनाने में पेरेंट्स ने भी बहुत बड़ा रोल प्ले किया आप बचपन में कैसे थे उसको कुछ तस्वीरें मेरे पास है जवानी में कैसे थे उसकी की तस्वीरें मेरे पास है और आपने अपने को क्या बना लिया उसकी तस्वीरें वो आपको दिखाना चाहते हैं। कैन वी प्ले द वीडियो प्लीज? इतना प्यारा सुंदर सा चेहरा था। क्या बना लिया आपने? बढ़ाने की यू आर साउंडिंग लाइक माय मदर सर।
बच्चा था सर अभी थोड़ा बड़ा हो गया हम लेकिन ये है कि अच्छा नहीं दिख रहा हो सर। मैं पहली बार आपको मिला था तब आपके ऐसे बियर्ड नहीं थी। हां टिकट का रोल प्ले तो मुझे भी पहचानने में मुश्किल हुई थी। आई आई ऑलवेज लाइक बियर्ड सर। तो मुझे जल्दी बड़ा बनना था सरlबचपन में भी