एक बल का जीना फिर तो है जाना तोहफा क्या लेके जाइए एक ऐसे गायक जिनकी आवाज को लोगों ने रूमानी कहा और उस दौर के यंगस्टर्स इनके दीवाने हो गए जाने क्या ढूंढता है मेरा दिल तुझको क्या चाहिए जो 90 के दशक में सनसनी बनकर उभरे और इन्हें म्यूजिक इंडस्ट्री का आइकॉनिक आर्टिस्ट करार दिया गया बरी तेरी आंखें कहे रात भर जिनके पहले इडी पॉप एल्बम का गाना इस कदर हिट रहा कि 60 हफ्तों तक एमटीवी एशिया चार्ट में टॉप 10 में बना रहा और इसके लिए इन्हें ढेरों अवार्ड से भी नवाजा गया शम स तेरी यादें आती है आशिकों के दिल की आवाज कहे जाने वाले सिंगर जिन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपनी एक्टिंग करियर की शुरुआत की और अपने अभिनय से भी दर्शकों का दिल जीता मैं मां खरीदने आया मेरे पास ₹ है रप में तुम मां खरीदना चाहते हो मेरा बाबा बोला पैसे से सब खरीद सकते लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाखों दिलों पर राज करने वाले यह गायक अचानक फिल्म इंडस्ट्री से गायब क्यों हो गए और आखिर अब किस हाल में गुजर रही है इनकी जिंदगी आ जा आ भी जा सु को पता है कि यह बॉलीवुड के कॉमेडी किंग कहे जाने वाले फेमस एक्टर और डायरेक्टर महमूद की आठ संतानों में एक रहे और क्या आप यकीन करेंगे कि तीन शादियां और पांच बच्चे होने के बावजूद ये लोनलीनेस का शिकार हो गए और आज भी इनकी जिंदगी तन्हाइयों में गुजर रही है कुछ तो सीने में रह गए कुछ तो अश्कों में बह गए कुछ तो अरमा तो क्यों इस टैलेंटेड सिंगर का करियर इतना छोटा रहा और क्यों एक करोड़पति पिता की संतान होने के के बावजूद इन्हें ऑयल फैक्ट्री और कारपेट कंपनी में काम करके अपना गुजारा करना पड़ा बताएंगे इनकी जिंदगी से जुड़े और भी कई राज आप बने रहिए हमारे [संगीत] साथ दोस्तों आज हम बात कर रहे हैं 90 के दशक में अपने गानों से लाखों जवां दिलों पर राज करने वाले गायक महमूद मकसूद अली यानी लकी अली की कभी ऐसा लगता है दिल में एक राज है जिसे कहना चाह आज जहां म्यूजिक इंडस्ट्री में रिमिक्स और ट्यूनिंग का दौर जोरशोर से चल रहा है लकी अली इसे शोर का नाम देते हैं और आज भी दिल को सुकून देने वाला म्यूजिक खुद तैयार करते हैं
सैया सैया ये जो वक्त सुहरा है तो इससे पहले कि हम इनकी पर्सनल लाइफ और करियर के बारे में बात करें सबसे पहले जानते हैं कि क्या रहा इनका बैकग्राउंड और कैसे इनका म्यूजिक इंडस्ट्री में आना हुआ लकी अली का जन्म 19 सितंबर 1958 को मुंबई में हुआ इनके पिता हिंदी सिनेमा के ग्रेट कॉमेडियन एक्टर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर महमूद साहब थे जब ये पैदा हुए तो पिता महमूद साहब ने इनका नाम मकसूद महमूद अली रखा हालांकि आगे चलकर यह अपने पुकार के नाम यानी लकी अली के नाम से फेमस हुए चूंकि इनके पिता हिंदी सिनेमा जगत का एक बहुत बड़ा नाम थे तो फिल्म इंडस्ट्री को करीब से देखने और समझने का मौका इन्हें बचपन से ही मिलने लगा इनकी मां का नाम महालेखा था जो हिंदी सिनेमा की ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी की छोटी बहन थी यानी मीना कुमारी लकी अली की मांसी लगती थी महमूद साहब की आठ औलाद में यह दूसरे नंबर पर रहे हालांकि कहा जाता है कि लकी बचपन से ही एक अलग दुनिया में खोए रहते फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से इनका मिलना जुलना होता रहता था लेकिन उन लोगों के साथ कभी इन्हें अपने पिता की तरह जुड़ाव महसूस नहीं हुआ और शायद यही वजह रही कि महमूद से लकी अली के रिश्ते ज्यादा अच्छे नहीं रहे लकी अली की बुआ यानी महमूद साहब की बहन मीनू मुमताज भी अपने दौर की दिग्गज डांसर और एक्ट्रेस रही तो इनके दादा मुमताज अली भी हिंदी सिनेमा के उभरते दौर यानी सन 1930 और 40 के दौर के जानेमाने अभिनेता रहे और उन्हें हिंदी फिल्मों का पहला डांसर भी माना गया लकी जब महज ढाई साल के थे तभी इन्हें बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया हालांकि इन्होंने कई स्कूलों में आगे की पढ़ाई की ये मानक जी कोपर किंडरगार्टन में रहे
बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल में भी पढ़े फिर लखनऊ के सिटी मोंटेसरी स्कूल गए इसके बाद बेंगलुरु के बिशप कॉटन बॉय स्कूल में भी इनका दाखिला कराया गया और बाद में यह मसूरी के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल में भी पढ़े लकी ने जितने भी स्कूलों में पढ़ाई की वो ज्यादातर बोर्डिंग स्कूल ही रहे जिसका असर इनके मेंटल हेल्थ पर हुआ और यह अपने परिवार से दूर होते चले गए वहीं महमूद साहब फिल्मों में इतने ज्यादा बिजी रहते कि उन्हें अपने परिवार के लिए समय निकालने में मुश्किलें आती थी और शायद यही वजह रही कि महमूद साहब ने अपने सभी बच्चों का एडमिशन बोर्डिंग स्कूल्स में करा दिया महमूद साहब चाहते थे कि उनके बच्चे भी उनकी तरह एक्टिंग में अपना करियर बनाए खास तौर से महमूद लकी को फिल्म इंडस्ट्री में अपनी तरह एक बड़ा नाम बनते देखना चाहते थे जब बाद में लकी स्कूल से छुट्टियों में घर आते तो महमूद साहब अक्सर इन्हें अपने साथ फिल्म के किसी सेट पर ले जाते और कोशिश करते कि लकी फिल्मी माहौल में अच्छी तरह से रम जाए कुंवारा बाप यह है जिंदगी छोटे नवाब एक बाप छह बेटे और जिनी और जॉनी जैसी कुछ फिल्मों में महमूद ने लकी अली को बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम करने का मौका भी दिया ट आदमी से ज्यादा जब डैडी फोम लाइन में थे ही वा द कंट्री टॉप कॉमेडियन जो खुद रोते थे और दुनिया को हंसाते थे लेकिन लकी जब बड़े होने लगे तो फिल्मों में काम करने को लेकर इनकी रुचि कम होती चली गई पिता महमूद से अलग लकी ने पैरेलल फिल्मों की ओर रुख किया और पिता की मर्जी के खिलाफ जाकर श्याम बेनेगल साहब से जुड़ गए श्याम बेनेगल के साथ रहते हुए लकी ने साल 1985 में आई श्रि काल जैसी कुछ फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार निभाए और उनके साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम भी किया जानकार बताते हैं कि पिता से बढ़ती तल्ख यों की वजह से लकी अली मुंबई छोड़कर पुडडू चरी चले गए और वहां एक ऑयल फैक्ट्री में नौकरी करने लगे और इसी दौरान इनका झुकाव संगीत की ओर होने लगा पुडडू चेरी में लकी ने एक कारपेट कंपनी में भी नौकरी की जहां यह कारपेट को क्लीन करने और बेचने का काम करते थे और जब नौकरी के अलावा वक्त मिलता तो ये अपना गिटार लेकर सिंगिंग करने निकल जाते खैर कुछ समय बाद लकी ने अपनी दूसरी नौकरी से भी रिजाइन कर दिया और बेंगलुरु चले गए यहां अपने पिता के एक फार्म हाउस में रहने लगे और खेती करने के साथ-साथ म्यूजिक पर फोकस करने लगे यहीं पर रहते हुए लकी अली ने अपना पहला एल्बम लिखा जिसका नाम था सुनो हालांकि सिर्फ एल्बम लिखने से काम नहीं चलने वाला था इस एल्बम को तैयार कर रिलीज करने में लकी को 4 साल का लंबा वक्त लग गया बताया जाता है
कि अपनी गाय की या म्यूजिक के लिए लिए लकी ने कोई ट्रेनिंग नहीं ली लेकिन फिर भी इनकी गायकी निखरती चली गई बताते हैं कि लकी अपना एल्बम लेकर एक दिन अमिताभ बच्चन के पास चले गए इस उम्मीद में कि शायद अमिताभ अपने प्रोडक्शन हाउस एबीसीएल से इनके एल्बम को रिलीज करने में मदद कर दें क्योंकि अमिताभ जब फिल्म इंडस्ट्री में नए थे तो लकी के पिता यानी महमूद साहब ने उनकी खूब मदद की अमिताभ को महमूद ने अपने घर में रखा और काम भी दिलाया हालांकि लकी को अमिताभ से कोई मदद नहीं मिली और एल्बम प्रोड्यूस करना तो दूर अमिताभ ने ने इनके गानों को एक नजर देखा तक नहीं लेकिन लकी ने हार नहीं मानी और इसके बाद भी अगले -4 साल तक कई म्यूजिक कंपनियों के पास अपने गाने को लेकर जाते रहे और रिजेक्ट होते रहे और तभी एक दिन लकी बीएमजी क्रिसेंडो नाम की एक म्यूजिक कंपनी के पास गए जो उस दौर की एक बड़ी प्राइवेट म्यूजिक कंपनी रही और इंडिपेंडेंट इंडोवेस्टर्न म्यूजिक को प्रमोट किया करती थी उस कंपनी ने एल्बम को रिलीज करने के लिए हामी भर दी लेकिन साथ में यह शर्त भी रखी कि एल्बम के पहले सॉन्ग का म्यूजिक वीडियो वीडियो लकी को खुद ही शूट करना पड़ेगा अगर इस वीडियो ने अच्छा रिस्पांस दिया तो फिर कंपनी लकी के बाकी गानों के वीडियो प्रोडक्शन में इनकी मदद करेगी लकी के अंदर भी कुछ अलग करने और खुद को साबित करने का जुनून था इन्होंने जैसे-तैसे पैसों का जुगाड़ किया और अपने दोस्त महेश मठाई के साथ इजिप्ट की राजधानी केरो पहुंच गए महेश मठाई को लेकर लकी ने उस सॉन्ग का वीडियो प्रोडक्शन संभाला और किसी तरह दोनों ने मिलकर वो गाना शूट कर लिया साल 1996 में इस गाने को रिलीज किया गया यह गाना रहा श्याम सरे तेरी यादें आती हैके दिल को रिलीज होते ही इस गाने ने म्यूजिक इंडस्ट्री में धमाल मचा दी और रातों-रात लकी अली 90 के दशक के युवाओं के दिल की धड़कन बन गए मिल के बिछड़ना तो दस्तूर हो गया यादों में तेरी रिपोर्ट्स की माने तो लकी के इस एल्बम की 10 मिलियन से भी ज्यादा कॉपी सेल हुई जिसने एल्बम बिक्री के पिछले साल सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए लकी अली अपने एल्बम से ओवरनाइट सेंसेशन बन गए और अगले कई साल तक इनकी इस एल्बम के कैसेट्स हाई डिमांड में रहे
साल 1996 में इन्हें बेस्ट पॉप मेल सिंगर का स्क्रीन अवार्ड मिला तो वहीं चैनल वी ने भी इन्हें साल 1997 में व्यूवर्स चॉइस अवार्ड से नवाजा 60 हफ्तों तक इनके एल्बम का गाना एमटीवी एशिया चार्ट में टॉप 10 में बना रहा हालांकि लकी के करियर का पहला गाना किसी एल्बम का नहीं बल्कि इनके पिता महमूद द्वारा बनाई गई एक फिल्म दुश्मन दुनिया का से रहा नशा नशा नशे में हम कहते हैं कि फिल्म दुश्मन दुनिया का महमूद साहब ने अपने बेटे लकी अली के जीवन पर ही बनाई थी क्योंकि यह नशा करते थे और फिल्म के मुख्य किरदार को भी महमूद साहब ने लकी ही नाम दिया जो खूब नशा करता हुआ दिखाया गया इस किरदार को लकी के छोटे भाई मंजूर अली ने निभाया थावे मा फिल्म में लकी नशे में कुछ इस तरह गिरफ्तार हो जाते हैं कि अपनी मां को ही मार डालते हैं लकी अली इस फिल्म की कहानी से बेहद नाराज थे और इन्होंने पिता के सामने आकर इससे लेकर विरोध भी जताया बताया जाता है कि इस घटना के बाद महमूद साहब और लकी अली के बीच दूरियां और भी गहरी हो गई खैर अपने एल्बम की सफलता के बाद साल 2000 में इन्हें फिल्म इंडस्ट्री से बुलावा आया और राकेश रोशन की फिल्म कहो ना प्यार है में गाने का मौका मिलाज फ तो है जाना तोफा क्या ले जा लकी अली की आवाज और ऋतिक रोशन के डांस ने ऐसा स बांधा कि यह गाना उस साल का सबसे हिट गाना साबित हुआ और डांस फ्लोर से लेकर गली मोहल्ले हर जगह सुनाई देता रहा खाली हाथ आए थे हम खाली हाथ जाएंगे बस प्यार के दो मीठे इस गाने के लिए लकी अली को बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर के फिल्म फेयर अवार्ड से भी नवाजा गया वहीं इस फिल्म में या या इनका दूसरा गाना भी जबरदस्त हिट र क्यों चलती है पवन क्यों इसके बाद बैक टू बैक इनके तीन और एल्बम रिलीज हुए जिसमें साल 2001 में आया अक्स और गोरी तेरी आंखें और साल 2004 में आया कभी ऐसा लगता है शामिल रहे और यह तीनों ही एल्बम सुपरहिट साबित हुए कभी ऐसा लगता है दिल में एक राज है जिसे कहना र लकी के आगे की करियर की बात करें तो कहो ना प्यार है कि सफलता के बाद इन्हें और भी कई फिल्मों में गाने का मौका मिला तो साथ ही यह अपने एल्बम भी लच करते रहे और कुछ फिल्मों में एक्टिंग भी की इन्हीं में से एक फिल्म रही साल 2002 में आई सुर द मेलोडी ऑफ [संगीत] लाइफ ये एक म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म थी जिसमें लकी अली ने एक सिंगर और म्यूजिक टीचर की भूमिका निभाई थी खोया है
तूने जो दिल वही तो साल 2002 में ही ये एक और फिल्म में नजर आए जो थी मल्टीस्टारर फिल्म कांटे जिसमें इनकी एक्टिंग को खूब सराहा गया बाली ने कुछ बताया कि हम यहां कैसे आए बिरयानी के चक्कर में सुबह सुबह साला आया घर पे बोला चाचा के घर में बिरयानी बन रही है अब एल में घर की बिरयानी तो दूरी ही रही लकी अली ने इस फिल्म के कुछ गानों को कंपोज भी किया और साथ ही अपनी आवाज से भी सजाया जीना तो मौत ना जाने कब आएगा किसे बुला के ये किसे ले जाएगा इसके अगले साल यानी साल 2003 में लकी अली ने बॉयज और चुपके से फिल्मों के साथ ही कुछ तेलुगु और तमिल फिल्मों में भी गाना गाया कहते कहते रुक जाती है ना जाने क्यों साल 2004 में इन्होंने फिल्म युवा के लिए गाने गाए घूमते फिरते मिलते हैं मिलते हैं मिलके साल 2008 में इन्होंने फिल्म बचना अ हसीनों के लिए एक गाना गाया जिसे लोगों ने खूब पसंद [संगीत] किया इसके बाद साल 2010 की फिल्म पाठशाला में इनकी आवाज में कुछ मेलोडियस गाने सुनने को मिले तो वहीं फिल्म अनजाना अनजानी में गाया इनका गाना हैरत भी सुपरहिट रहा खुलने लगी है आज रा ल गाने लिखने और इन्हें आवाज देने के अलावा लकी अली ने कई फिल्मों में इनके म्यूजिक कंपोजिशन का भी काम किया साल 2015 में फिल्म तमाशा में गाया इनका गाना दिलों को ठंडक देता नजर [संगीत] आया सलो तो वहीं कांटे फिल्म के बाद इन्होंने साल 2005 में कसक साल 2008 में आई गुड लक साल 2009 में आई रनवे और साल 2021 में आई मर्डर एट तीसरी मंजिल 302 जैसी फिल्मों में अभिनय किया मैं न्हें जगा रहा था अब यह बात याद रखिए कोमा पेशेंट के साथ हमेशा धीमी आवाज में बातें करनी चाहिए बहुत कम ही लोग जानते हैं कि लकी अली ने फिल्मों के अलावा कई टीवी शोज में भी काम किया जिसमें साल 1996 में आया कथा सागर साल 1988 में आया भारत खोज साल 1994 में जरा हट के और साल 2013 में द डेवरी नाम के टीवी शोज शामिल रहे कुछ लोगों को तो यहां यूनिवर्सिटी के सहयोग के लिए रहने दो ना वरना गवर्नर और वाइस चांसलर बंद कर देंगे यूनिवर्सिटी को इसके अलावा यह देश विदेश के सैकड़ों लाइव शोज और कंसर्ट्स में भी नजर आते रहे और अपनी गायकी से सबको मंत्र मुक्त करते रहे हालांकि बॉलीवुड इन्हें ज्यादा समय तक रास नहीं आया दरअसल यह कभी खुद भी बॉलीवुड के कंपैटिबल नहीं बन पाए या यूं कहें कि बॉलीवुड कभी लकी अली के कंपैटिबल नहीं रहा लकी इस मामले में बेहद अनलकी रहे वैसे तो इन्होंने ने कई फिल्मों में गाने गाए और इनके ढेरों गाने सुपरहिट भी रहे लेकिन यह बंदिशों में बंधकर गाने वालों में नहीं रहे इन्हें जो कंपोजिशन पसंद नहीं आती थी उसके लिए यह सीधे और साफ शब्दों में मना कर देते थे जिससे कई बार म्यूजिक डायरेक्टर्स चिर जाया करते अपने आखिरी एल्बम रास्ता मैन के बाद लकी ने एक आद फिल्मों में इक्का दुक्का गाना जरूर गाए लेकिन यह कभी भी बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे नहीं भागे लकी अली मीडिया की सुर्खियों से पूरी तरह गायब हो गए और धीरे-धीरे लोगों ने भी इन्हें भुला दिया कि यह अपने पैशन की खातिर म्यूजिक बनाते थे और आज भी बना रहे हैं और इनके इसी अंदाज ने इन्हें इनके चाहने वालों के करीब रखा आज भी जब सोशल मीडिया पर कहीं लकी अली कुछ गाते या गुनगुनाते नजर आते हैं तो इनके वीडियो वायरल हो जाते [संगीत] हैं
दस्तूर हो गया वहीं इनकी निजी जिंदगी की बात करें तो इन्होंने तीन शादियां की लकी की पहली पत्नी न्यूजीलैंड की मेगन रही जिनसे साल 1996 में इनकी शादी हुई लकी के सबसे पहले और सुपरहिट सॉन्ग ओ सनम में जो नकाब कोश महिला नजर आती थी वो लकी अली की पहली पत्नी मेगन ही रही लकी बताते हैं कि चूंकि उस वक्त इनके पास मॉडल हायर करने के लिए पैसे नहीं थे तो इन्होंने उस वीडियो के लिए अपनी पत्नी को ही बतौर मॉडल इस्तेमाल किया लकी और मेगन के दो बच्चे हुए एक बेटा और एक बेटी चूंकि मेगन न्यूजीलैंड की रहने वाली थी तो उनका ज्यादातर वक्त न्यूजीलैंड में ही गुजरता था कुछ वक्त के लिए तो लकी भी मेगन के साथ न्यूजीलैंड ही शिफ्ट हो गए लेकिन बाद में इन्हें मुंबई वापस आना पड़ा फिर मेगन और लकी के बीच दूरियां बढ़ने लगी और लकी काफी अकेलापन महसूस करने लगे उसी दौरान इनकी मुलाकात एक पारसी लड़की अनंता से हुई और कुछ समय की डेटिंग के बाद दोनों ने शादी कर ली अनंता पारसी से मुस्लिम बन गई और उन्होंने अपना नाम इनाया रख लिया लकी और इनाया के दो बच्चे हुए एक बेटा और एक बेटी कुछ साल तो सब कुछ ठीक चला लेकिन फिर साल 2009 में लक्की की जिंदगी में आई तीसरी महिला जो फिल्म उड़ान एक्सप्रेस में काम कर रही थी और लकी इसमें गाना गा रहे थे ये थी मिस इंग्लैंड रह चुकी केट एलिजाबेथ कहते हैं
कि यह फिल्म तो कभी नहीं बन सकी लेकिन केट और लकी की जोड़ी जरूर बन गई और लकी ने तीसरी शादी कर ली शादी के बाद लकी और केट बेंगलोर रहने आ गए जहां इन्हें केट के साथ एक बेटा हुआ लेकिन 8 साल के बाद साल 2017 में केट ने लकी से यह कहकर तलाक ले लिया कि लकी तीन परिवारों के बीच फंसे हुए हैं और वह किसी भी परिवार या उसके किसी भी इंसान को पूरा टाइम नहीं दे पाते हैं लकी से तलाक लेकर केट वापस इंग्लैंड चली गई और वहां बाद में किसी दूसरे शख्स से शादी कर ली तब से लकी अकेले हैं और अपनी म्यूजिक की दुनिया में ही खोए रहते हैं हालांकि इनके पांच बच्चे हैं और यह कभी-कभी उनके साथ नजर जरूर आते हैं लेकिन उनमें से कोई भी इनके साथ नहीं रहता लकी अब अपना ज्यादातर वक्त बेंगलोर स्थित अपने फार्म हाउस में ही बिताते हैं मौजूदा दौर के शोर शराबे वाले संगीत को लकी अली पसंद नहीं करते और इसलिए यह अब खुद को पूरी तरह से म्यूजिक इंडस्ट्री से दूर कर चुके हैं चूंकि लकी को फार्मिंग पसंद है है इसलिए अपने फार्म हाउस में कई तरह की फसल उगाते हैं और उन्हीं के सहारे अपना जीवन यापन करते हैं कभी-कभार यह कुछ कंसर्ट्स में चले जाते हैं और उसमें परफॉर्म भी करते हैं यह खुद के बनाए कई नए गाने अपने कंसर्ट्स में गाते रहते हैं सांस में हवा जान में जमी लकी अली ने हमेशा अपने दिल की सुनी जिसका कभी इन्हें फायदा हुआ तो कभी नुकसान भी उठाना पड़ा हालांकि बॉलीवुड में इनकी सुरीली आवाज और इनकी बेबाकी को हमेशा याद रखा जाएगा विभाग बॉलीवुड की टीम की तरफ से लकी को इनके खुशहाल जीवन के लिए ढेरों शुभकामनाएं ली हाथ जाएंगे बस प्या के दो तो दोस्तों आपको आज का हमारा लकी अली स्पेशल वीडियो कैसा लगा हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं साथ ही अगर आपके पास भी लकी अली से जुड़ी कोई इंटरेस्टिंग जानकारी हो तो वह भी हमारे साथ जरूर शेयर करें बॉलीवुड की किसी बेबाक स्टोरी के साथ अगले वीडियो में आपसे फिर होगी मुलाकात तब तक के लिए नमस्कार [संगीत]