अपनी दमदार एक्टिंग से सामाजिक विषय पर बनी फिल्मों में अपना लोहा मनवाने वाली यामी गौतम आज किसी भी पहचान की मोहताज नहीं। यानी नंदबली की दूसरी अभिनेत्री की कंपैरिजन में बेहद कम करने की हो लेकिन उन्होंने जितना भी किया है उसमें उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है।
आज के दौर में हर कोई उनकी एक्टिंग का दीवाना है। लेकिन क्या आपको पता है एक दौर ऐसा भी था जब यामी गौतम खुद इस बॉलीवुड से संन्यास लेना चाहते थे
दरअसल एक इंटरव्यू के दौरान बात करते हुए यानी गौतम ने कहा कि विक्की डोनर फिल्म के बाद उन्हें कोई भी पसंदीदा रोल्स नहीं मिल रहे थे।
यही वजह है कि वह अपना एक्टिंग करियर छोड़कर अपने परिवार के पास वापस जाना चाहती थी उन्होंने कहा कि इस फैसले में उनके माता-पिता ने भी उनको सपोर्ट किया था। माता-पिता ने कहा था कि जब भी तुम घर वापस आना चाहो आ सकती।
यामी गौतम ने कहा कि एक अच्छी किरदार की तलाश में उन्होंने कई ऐसी किरदार भी किया जो करने का उनका मन नहीं था।यामी गौतम आगे कहती हैं, ‘अजीब बात यह है कि जिस पल मैंने डर की वजह से इस इंडस्ट्री से चिपके रहना छोड़ा, सब कुछ बदल गया. मुझे ‘उरी’ मिली, फिर ‘बाला’ हुई और देखते ही देखते मेरी जिंदगी रातों-रात बदल गई.’ यामी का मानना है कि उस मुश्किल दौर ने उन्हें उनके करियर का सबसे बड़ा सबक सिखाया कि कभी भी डर के दबाव में आकर फैसले न लेना.’
उन्होंने कहा, ‘पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि वही मेरे करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट था. डर इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन होता है. जिस दिन मैंने आउट ऑफ साइट, आउट ऑफ माइंड होने के डर से हर फिल्म को हां कहना बंद किया, मैं आजाद हो गई. बिना मन का काम करने से बेहतर है कि मैं किनारे हो जाऊं और इसी एक फैसले ने मेरे लिए सब कुछ बदल दिया.’