अब चूल्हा जलाने के लिए, खाना पकाने के लिए आपको किसी गैस सिलेंडर की जरूरत नहीं पड़ेगी। ना ही आपको कोई गैस पाइपलाइन लगवानी है। आपको पूरी तरह से अब इन सब से आजादी मिलने वाली है। खाना बन पाएगा सिर्फ पानी डालने से। कुछ एमएल आप पानी डालेंगे और उस पानी से आपकी यह गैस जलेगी और उस पर खाना फटाफट तैयार हो जाएगा। कैसे यह पूरा सिस्टम काम करता है आपको दिखाएंगे। लेकिन फिलहाल सर संजीव जी हैं। संजीव जी आप किस फार्मूले पर यह सब कुछ तैयार किया है आपने? यह एक बर्नर है। यह तो हम देख रहे हैं। यह क्या है? यह एक इलेक्ट्रोलाइजर है जिसके थ्रू हम लोग वाटर को दो भागों में बांटते हैं। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन हम लोग अपने कैटलिक बर्नर में यूज़ करके इसे एक फ्लेमलेस अ कुकिंग हम लोग यूज करते हैं फ्लेमलेस कुकिंग के लिए।
और यह बहुत ही कम पानी खाता है। जैसे कि 100 ml वाटर में आप तकरीबन 6 घंटे तक कुकिंग कर सकते हो आप। 100 ml डालेंगे तो छ घंटे चलेगा ये। यस सर। अच्छा इसके लिए पानी कौन सा यूज़ करना पड़ेगा? कैसा पानी? ठंडा पानी, गरम पानी, नॉर्मल पानी। सर हम लोग इसमें डीएम वाटर, डिस्टिल वाटर और आरो वाटर भी यूज़ कर सकते हैं सर। अच्छा। कैसे काम करता है ये? अह पानी में H2O तो हम बोलते ही पानी का फार्मूला है। उससे आप हाइड्रोजन और ऑक्सीजन अलग-अलग कर देते हैं। कैसे हम दिखा सकते हैं क्या इसमें कहीं? हां जी सर। हम आपको पूरा प्रोसेस नहीं ये कैसे इसमें कुछ पाइप्स लगी हुई है क्या? हां ये हाइड्रोजन की पाइप है और ये हाइड्रोजन यहां पे कनेक्ट होता है हमारे बर्नर में और ये ऑक्सीजन की पाइप है जो ऑक्सीजन आती है और ये हां यहां पे ऑक्सीजन हम लोग कनेक्ट कर देते हैं और हमारा कुकिंग जीरो इमिशन और क्लीन फ्यूल पे आधारित है और इसमें कोई भी प्रकार का गैस डिपेंडेंसी नहीं है। ऑन साइड हाइड्रोजन जनरेशन होता है जिससे कि हम लोग जितना हाइड्रोजन गैस की जरूरत होती है उतना हम लोग प्रोड्यूस करके इसमें यूज़ कर लेते हैं और इसमें स्टोर नहीं करते मतलब स्टोर नहीं करते हैं
और कोई भी डिपेंडेंसी भी नहीं है स्टोरेज की कि आपको कहीं से लाना पड़े कुछ करना पड़े ऐसा कुछ भी नहीं है इसमें और सुनने में तो सब कुछ बहुत सिंपल सा लग रहा है कि ये एक बर्नर है इलेक्ट्रोलाइजर है इनोवेशन क्या है इसमें इसका इनोवेशन है दोनों है सर इसमें हम लोग कैटलिक बर्नर यूज़ करते हैं। देख पा रहे होंगे इसमें। ये थोड़ा डिफरेंट टाइप का बर्नर है सर। क्या लगा इसमें? कैटलिक बर्नर है जो क्लोज सिस्टम में है जो हाइड्रोजन फ्लेम को हम लोग फ्लेम करने के लिए यूज करते हैं सर। अच्छा। इसमें क्या है? इसमें बेसिकली 3 लीटर का वाटर टैंक है। हम लोग इसमें वाटर इनलेट करते हैं यहां पर। यहां पे वाटर इनलेट करेंगे हम लोग। और वाटर इनलेट करने के बाद यहां पे एक छोटा सा इलेक्ट्रोलाइजर लगा हुआ है जो वाटर को स्प्लिट करता है H2 एंड O2 में और हम लोग जो हमें थोड़ा O2 का भी जरूरत पड़ता है हमारे कैटलिक बर्नर में और जो रिमेनिंग O2 है हम लोग एनवायरनमेंट में वेंट कर देते हैं जिससे कि आपका इंडोर एयर क्वालिटी अप टू 92% इंप्रूव कर देता है। अप टू 92% इंप्रूव कर देगा। यस सर। अरे बहुत बढ़िया। इसके लिए क्या लाइट की जरूरत पड़ेगी हमें इलेक्ट्रिसिटी की? ये एक यूनिट इलेक्ट्रिसिटी इसमें आपको जरूरत पड़ेगी 6 घंटे के लिए। चार से 6 घंटे तक के लिए डिपेंड करता है फ्लेम का स्पीड पे सर। ठीक है सर। तो ठीक है। चलिए सब कुछ फार्मूला आपने समझ गया है। समझ लिया है। बाकी हम बातचीत करते हैं। लेकिन उसके पहले हम भी कुछ डेमो ले लेते हैं। इस बर्नर पर अब संजीव जी चाय बनाकर दिखाएंगे कि चाय बनती कितनी देर में है। इसको जलाने का प्रोसेस क्या होता है। अब इसको स्टार्ट करते हैं। संजीव जी सबसे पहले हम क्या करेंगे? पहले इसमें पानी हम लोग इनलेट कर लेते हैं। डिस्टिल वाटर यस सर डिस्टिल वाटर यहां से नब ओपन कर लेंगे हम लोग और इसमें हम लोग पानी इनलेट करेंगे। कितना पानी डालेंगे एक बार में? ऑलरेडी पानी है इसमें। एक्जिस्टिंग है तो हम लोग थोड़ा पानी अगर आप पहली बार इसको कितना डालना पड़ेगा? अ इसमें सर वाटर लेवल इंडिकेटर लगा हुआ है। तो आपको दिखेगा कि कितना पानी है। नहीं। इसमें ऐसे 3 लीटर का टैंक लगा हुआ है। और इसमें आप लोग जैसे 100 ml यूज़ करते हैं तो आप 1/2 लीटर पानी भी डाल सकते हो मिनिमम और इट्स डिपेंड कितना कर सकते हो। ठीक है? सबसे पहले हम इसमें डिस्टिल वाटर डाल रहे हैं। जितना आपको इस्तेमाल करना है उतना आप डाल सकते हैं। 3 लीटर के अंदर टैंक है। ठीक है? वापस से बंद कर देते हैं। इसको टाइट हम लोग नोब को टाइट कर लेंगे। ये तीन का है।
शायद इसमें करंट तो नहीं आएगा। हम लाइट कनेक्ट करेंगे। पूरी तरह तरीके से सुरक्षित है। कट कर सकते हैं। इससे ये वायर है। कनेक्ट करेंगे। हम अब तो पानी भर के हमने इसमें नब इसका बंद कर दिया। अब अब सिंपली हम लोग इसको प्लग इन कर देंगे प्लग में। कितने व का चाहिए होगा हमें प्लग? 16 एंपियर का है ये। प्लग 16 एंपियर का। यस सर। और फिर हम लोग इसको ऑन कर लेंगे। इधर स्विच ऑन बटन है ये। ठीक है। कितना टाइम लेता है ये? पानी डालने के बाद, प्लग लगाने के बाद कितने टाइम में तैयार होगा? अह 30 सेकंड में आप देख रहे होगे यहां पे हाइड्रोजन बनना स्टार्ट हो गया ऐसे। जो बबल्स बन रहे हैं? हां, यह बबल्स जो बन रहे हैं, यह हाइड्रोजंस के बबल्स हैं सर। अच्छा। इसे यही चाहिए हमें क्या जलाने के लिए? बस सर। अब यहां हम लोग अब इसको फ्लेम कर सकते हैं ना। फ्लेम के लिए माचिस का इस्तेमाल करना पड़ेगा। लाइटर माचिस जो भी आपके पास अवेलेबल है जैसे इसको ऑन नहीं करना बस वहां से ऑन किया 30 सेकंड रुके यहां भी है सर नोब ये नोब को ऑन किया हमने आप रेगुलेट कर सकते हो यह सिंपली वैसा ही है जैसा एलपीजी बर्नर होता है ना सेम अब हम आपको चाय बना के दिखाएंगे कैसे चाय बनता है हाइड्रोजन चाय तो ये गैस हमारी जल गई है हां जी सर ठीक है। जैसे हम अपने बर्नर में हम उसको कंट्रोल कर सकते हैं। लो फ्लेम, मीडियम फ्लेम, हाई फ्लेम इसमें वैसा कर सकते हैं। हां जी सर। ये रेगुलेटर है। आप फ्लेम को अपने अनुसार रेगुलेट कर सकते हैं। सर अब हम लोग इसमें दूध डाल देंगे। ये तो मेरे ख्याल से जो नॉर्मल पीजी होता है उससे भी जल्दी गर्म हो गया है। हां थोड़ा सा जल्दी हो जाता है इसमें सर। ठीक है। ऐड करिए। दूध चढ़ा दिया हमने। थोड़ा अब हम स्टीम होने का वेट करते हैं। फिर हम लोग ऐड ऑन करेंगे चाय पत्ती चीनी। जो हम लोग नॉर्मली जो हमारे घरों में होते हैं दो बर्नर्स हैं, तीन बर्नर्स हैं। ये एक ही बर्नर का बनाया आप लोगों ने या फिर और भी है? नहीं। इसमें हम लोगों ने डिफरेंट-डिफरेंट टाइप का बनाया। जैसे सिंगल बर्नर है, ड्यूल बर्नर है, भट्टी टाइप का है और आपके अकॉर्डिंग हम लोग कस्टमाइज भी कर सकते हैं। थ्री बर्नर्स, फोर बर्नर्स हम चाहे यस सर। ठीक है। अब जैसे इसमें जो पूरा ये इंस्ट्रूमेंट है। सेफ्टी सिक्योरिटी के कुछ नॉर्म्स इसके चेक किया गया है। क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं या क्या-क्या आपने सेफ्टी के लिए क्या-क्या यूज़ किया है इसमें? सर पहली बात तो इसमें हम लोग कोई स्टोरेज नहीं करते हैं।
जितना जरूरत होता है हमारा हाइड्रोजन उतना हम लोग प्रोड्यूस करके फ्लेम अपने कैटलिक बर्नर में यूज़ कर लेते हैं। और सेफ्टी के लिए हम लोगों ने इसमें चार फ्लेम बैक अरेस्टर लगाए। इसे फ्लेम बैक अरेस्टर बोलते हैं। मतलब कि कोई भी फ्लेम अगर बैक हो तो उसको यहीं पे ट्रैप करके आगे ना जाने दिया जाए। चार-चार फ्लेम बैक अरेस्टर है। एक यहां पे दो यहां क्या करेगा? ये आग लगने से रोकता है। क्या करेगा ये? ये फ्लेम को पीछे जाने से रोकता है। पीछे जाने का मतलब क्या हो जाएगा उससे? मतलब कि आप जैसे फ्लेम यहां से है अंदर कभी आप एलपीजी में देखे होंगे कि नीचे भी आग लग जाता है ना तो वो उसको उसको प्रिवेंट करने के लिए हम लोगों ने ये लगाया है तो फ्लेम बैक एयरस्टर है इसमें लीक डिटक्टर है और ऑटो शटडाउन सेंसर्स भी है वो किस केस में काम करेगा ऑटो शटडाउन जैसे कहीं भी लीक डिटेक्ट हुआ तो अपने आप ये सिस्टम शट डाउन हो जाएगा ओके अगर कहीं भी लीक होता है तो सिस्टम पूरा अपने आप बंद हो जाएगा और सेंसर भी है इसमें हां जी सर ठीक है। तो अभी ये हम घरों के लिए बना चुके हैं। घर के यूज़ के लिए मतलब डोमेस्टिक यूज़ के लिए। हां जी सर। ये डोमेस्टिक, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल पर्पस सबके लिए हम लोगों ने बनाया है सर। देखिए अब दूध खोलना शुरू हो चुका है। जितना टाइम नॉर्मल एलपीजी सिलेंडर में लगता है किसी चीज को बनने में, उतना ही टाइम इसमें भी लगता है या कम लगता है या ज्यादा लगता है? उससे थोड़ा कम लगता है सर कम एलपीजी से आपका समय भी बचेगा हां और वर्किंग सेम है जैसे एलपीजी काम करता है उसी प्रकार से ये भी हमारा काम करता है आप देख सकते हो स्टोप वही है फ्लेम वही है सब कुछ वही है बस डिफरेंट है हम सिलेंडर की जगह इलेक्ट्रोलाइजर यूज़ करते हैं। यूजुअली ये जो फार्मूला है इलेक्ट्रोलाइजर वाला ये मेरे ख्याल से इतनी छोटी यूनिट में शायद कहीं नहीं था। बड़े-बड़े जो हाइड्रोजन प्लांट्स हैं वहां जरूर यूज़ करते होंगे शायद। हां जी सर। अभी बहुत बड़ी-बड़ी कंपनीज़ हैं जो पावर जनरेशन के लिए, अदर-अदर चीजों के लिए यूज करते हैं। हाइड्रोजन बड़े-बड़े प्लांट्स में लगाए जाते हैं सर। लेकिन ये गैस के लिए इस्तेमाल करना है। डोमेस्टिक उसमें कमर्शियल उसमें ये आप लोगों ने शुरू किया। यस सर। ये एक नया कांसेप्ट है और हम लोगों ने इंट्रोड्यूस किया है। सर्टिफिकेशन होता है इसमें? हां सर। अभी हम लोगों ने सर्टिफिकेशन के लिए अप्लाई किया है सर। वो जल्दी आ जाएगा सर। ठीक है। कितने सालों से आप लोग लगे हुए थे और कितना टाइम लगा इसको तैयार करने में? पिछले तीन चार सालों से हम लोग इसके आरएडी में लगे हुए थे प्रोडक्ट डेवलपमेंट में और अब पिछले साल ही हम लोगों ने इनका इसका प्रोटोटाइप कंप्लीटली बना लिया सर। ठीक है। तो अभी कितनी डिमांड है इसकी? कितना मार्केट में आ चुका है? कितना आना? अभी हमारे पास मोर देन 2000 इन कंफर्म इंक्वायरीज आ चुकी है सर जो हम लोगों को यस सर एक साल में ही विद इन टू थ्री मंथ्सर विद इन टू थ्री मंथ्स यस कौन सही है सर चीनी कम पीते हो
या ज्यादा ओके सही है ठीक है सर ओके तो अब मुझे ये बताइए कि जो एलपीजी फ्लेम से जो बनती बनता है खाना और जो इसकी फ्लेम है स्वाद में या फिर किसी भी तरह से ये नुकसानदायक तो नहीं है स्वाद तो कम नहीं हो जाएगा नहीं सर ये हेल्थ बेनिफिट और भी देता है सर ये क्योंकि सर ये कार्बन इमिशन नहीं करता है पहली बात और दूसरी बात कि ये एकदम क्लीन फ्यूल है सर तो इसमें हेल्थ बेनिफिट्स बहुत ज्यादा है ना कि आपको वो कुछ तरह का डैमेज करेगा सर सब कुछ हम इस पे रख सकते हैं मतलब कुकर कढ़ाई तवा सब कुछ स्पेशल यूटेंसिल का जरूरत नहीं होता है कोई भी बर्तन का जैसे इंडक्शन में आपको अलग बर्तन चाहिए अलग बर्तन चाहिए होता है लेकिन इसमें ऐसा कुछ नहीं है कोई भी बर्तन किसी प्रकार का बर्तन आप यूज़ कर सकते हो आप देख सकते हो चाय बनके रेडी है हमारा चाय बन के रेडी हो गया है अब जरा यह बता दीजिए कि कितनी कॉस्ट कॉस्ट पड़ेगी इसकी सर अभी के लिए तो सिंगल बर्नर ₹15,000 का ₹15,000 का हां थोड़ी ज्यादा है रकम हां डोमेस्टिक के लिए अभी थोड़ा ज्यादा है लेकिन कमर्शियल के लिए जाओगे तो आप वो आरओआई इसका बहुत जल्दी रिकवर कर सकते हो कमर्शियल हमारे पास अलग-अलग मॉडल्स है जैसे ड्यूल बर्नर है उसका ₹1.5 लाख का है और जो कमर्शियल बर्नर है वह ₹35 लाख का है। भट्टी टाइप में भी है, सिक्स बर्नर में भी है।
तो उसमें आप जो डेली टू टू थ्री सिलडर्स यूज़ होता है तो उसको आप रिप्लेस कर सकते हो बस कुछ पानी और थोड़ा इलेक्ट्रिसिटी से। अभी हम ये माने कि ये कमर्शियली जो लोग रेस्टोरेंट चला रहे हैं, बड़े होटल्स जो चल रहे हैं उनके लिए एक बड़ा फायदेमंद ये हो सकता है। हां जी सर। और ये भी फायदेमंद होगी अगर सरकार इसमें सब्सिडी दे और ये लार्ज स्केल पे मास स्केल पे प्रोडक्शन इसका स्टार्ट होगा तो डेफिनेटली इसका प्राइस रिड्यूस होगा सर। मतलब जितनी महंगी हाइड्रोजन कार है उतनी महंगी ये हाइड्रोजन बर्नर हम कह सकते हैं बर्नर गैस है। हां अभी के लिए कह सकते हैं सर। कैसे इसका रेट कम कर सकते हो और आपने इसको डोमेस्टिकली सोचा ही नहीं सोचा अभी तक? क्योंकि कमर्शियली तो मुझे लगता है कि लोग जाएंगे एक बार को। जिनके यहां बहुत खपत है वो जाएंगे। लेकिन जो डोमेस्टिक है वहां के लिए क्या कुछ सोच रखा है आपने? सर हमारा टारगेट ही यही है कि हर घर तक हाइड्रोजन स्टॉप पहुंचे ताकि डिपेंडेंसी दूसरे देशों पर जो अभी है गैस क्राइसिस है। कितने मजदूर प्लान कर रहे हैं। इन सब चीजों को पूरा खत्म करना है सर। कोई डिपेंडेंसी ही नहीं रखना है। बस पानी डालो और चलाओ घर में। तो हम लोग हमारा टारगेट ही है कि हर घर तक पहुंचे ये स्टो।
तो उसके लिए हम लोग को भी अभी पता है कि यह प्राइस ज्यादा है लेकिन आने वाले समय में डेफिनेटली इसका प्राइस रिड्यूस होगा। रिड्यूस होगा और 6 घंटे ये चल सकता है। एक बार कितना पानी डालने पर? 100 ml 100 ml 100 ml पानी आप डालेंगे तो 6 घंटे ये बिना रुके चलेगा। कोई कार्बन एमिशन नहीं है। हालांकि अभी आप देख रहे हैं कि इसकी कॉस्ट जो सिंगल बर्नर है उसकी ₹15,000 है। जो डबल बर्नर होगा लगभग ₹1.5 लाख के आसपास है। कॉस्ट थोड़ी सी ज्यादा है। लेकिन अगर यह आगे चल पड़ा मास प्रोडक्शन की तरफ गया तो हो सकता है इसकी कॉस्ट और भी कम हो जाए। लेकिन कम से कम जो बात इन्होंने कही कि हम सिलेंडर के लिए हम एलपीजी के लिए जब किसी दूसरे देश पर निर्भर हैं तो कम से कम वह निर्भरता यह खत्म कर सकता है और आत्मनिर्भर बनने की तरफ यह एक कदम तो बढ़ाता ही है।