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जब ‘सस्ता गोविंदा’ का टैग बना वरदान: बॉलीवुड के महा-फ्लॉप एक्टर कैसे बना करोड़ो का मालिक?

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हिंदी सिनेमा का वो महा फ्लॉप एक्टर [संगीत] जिसका करियर गोविंदा की वजह से तबाह हो गया। लेकिन फिर किस्मत ने ऐसी पलटी मारी कि दुनिया [संगीत] देखती रह गई। 70 और 80 के दशक में कई फ्लॉप एक्टर आए जिसमें [संगीत] एक नाम सुमित सहगल का भी है। सुमित का जन्म 18 फरवरी 1966 को मुंबई में हुआ था क्योंकि इनका परिवार सिनेमा से जुड़ा था तो बॉलीवुड में आने के लिए इन्हें ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। सुमित के पिता कृष्ण सहगल उस समय के जाने-माने सिनेमेटोग्राफर हुआ करते थे क्योंकि पिता से फिल्म में लोगों का अक्सर मिलना-जुलना लगा रहता था तो इसका प्रभाव उन पर भी पड़ा। साल 1981 और 82 के आसपास सुमित कुछ 15-16 साल के रहे होंगे उनके [संगीत] पिता मैं आवारा हूं नाम की एक फिल्म में काम कर रहे थे। पिता सेट पर जा रहे थे जो एक सुमित भी उनके साथ हो लिए।

जब उन्होंने सेट पर शूटिंग देखी उसका सुमित पर खासा प्रभाव पड़ा। उन्हें यह सब बहुत रोमांचित करने लगा। अब तो पापा जब भी सेट पर जाते वो [संगीत] भी उनके साथ हो लेते। यहीं से उनको भी एक्टर भी बनने का शौक हुआ। थोड़े बड़े हुए तो पिता से अपनी एक्टर बनने की इच्छा जाहिर कर दी। क्योंकि पिता की जान पहचान अच्छी थी तो उन्होंने जुगाड़ लगाना शुरू किया। इसी दौरान डांस मास्टर कमल एक फिल्म प्लान कर रहे थे। उन्होंने सुमित को साइन कर लिया। इसके लिए वह सुमित को डांस और घुड़सवारी की ट्रेनिंग देने लगे। [संगीत] लेकिन फिल्म नहीं बन सकी। इसके बाद उन्हें एक फिल्म नाचे मयूरी में मौका मिला लेकिन 3 दिन के भीतर ही उन्हें निकाल दिया गया। लेकिन फिर साल आया 1987 राजकुमार कोहली राज बब्बर और धर्मेंद्र को लेकर एक फिल्म बना रहे [संगीत] थे इंसानियत के दुश्मन। इस फिल्म में सुमित को भी मौका मिला। यह फिल्म तो चल गई। हालांकि उनकी इस पहली फिल्म में उनका किरदार कुछ खास नहीं था। लेकिन उनके काम को पसंद किया गया क्योंकि पिता की जान पहचान [संगीत] अच्छी थी और चेहरा भी अच्छा था। इसके बाद सुमित को कई और फिल्मों में काम करने का मौका मिला। साल 1987 से 1995 तक सुमित शहगल ने तकरीबन 30 फिल्मों में काम किया और इस बीच वे कई बड़े स्टार्स की फिल्मों का हिस्सा बने। लेकिन ऐसी कोई भी फिल्म नहीं थी जो सिर्फ उनके चेहरे [संगीत] की बदौलत चल गई हो। इसी बीच उनकी तुलना गोविंदा से की जाने लगी। लोगों को उनका लुक गोविंदा की तरह लगता था।

उन्होंने अपने करियर में बतौर सेकंड लीड बनकर [संगीत] ही काम किया। वह कभी लीड स्टार नहीं बन पाए। लेकिन सुमित सहगल को लोग गोविंदा जैसा चेहरा होने के चलते भी पहचानने लगे थे। हालांकि उनकी हाइट गोविंदा से ज्यादा थी। साल 1988 में एक मल्टीस्टारर फिल्म तमाचा आई जिसमें जितेंद्र, रजनीकांत, अमृता सिंह, भानुप्रिया और किमी काटकर जैसी कई कलाकार नजर आए थे। यह फिल्म पहले गोविंदा को ऑफर की गई थी। लेकिन बिजी शेड्यूल के चलते वो यह फिल्म नहीं कर पाए। बाद में मेकर्स ने सुमित सहगल को अप्रोच किया क्योंकि उनका लुक और [संगीत] हेयर स्टाइल गोविंदा से काफी मिलताजुलता था। सुमित के फिल्म साइन करने के बाद इंडस्ट्री में ऐसी अफवाहएं उड़ने लगी [संगीत] कि अगर गोविंदा के पास फिल्मों में काम करने का वक्त नहीं है तो आप सुमित को साइन कर सकते हैं। हद तो तब हो गई जब सुमित सहगल पर सस्ता गोविंदा होने का टैग लग गया। हालांकि इसके बाद भी

[संगीत] सुमित सहगल ने कई मल्टीस्टारर फिल्मों में काम किया और उनकी फिल्में हिट होने लगी। लेकिन वो लीड हीरो बनते इससे पहले ही गोविंदा इंडस्ट्री के टॉप स्टार बनकर सामने आए और वह [संगीत] इतने बड़े स्टार बन गए कि मेकर्स उन्हें अपनी फिल्मों में लेने के लिए लाइन लगाकर खड़े होने लगे। ये वो दौर था जब गोविंदा ने सुमित सहगल तो क्या शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार जैसे बड़े स्टार्स [संगीत] को भी पीछे कर दिया था। कामयाबी ना मिलने के कारण सुमित सहगल ने अचानक फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया।

लेकिन 90 के दशक का यह महा फ्लॉप अभिनेता एक्टिंग छोड़ते ही चमक गया। सुमित आखिरी बार 1995 में फिल्म [संगीत] साजन की बाहों में नजर आए। सुमित सहगल ने एक्टिंग में फ्लॉप होने के बाद प्रोडक्शन लाइन में अपनी किस्मत आजमाई और यहीं से उनकी पूरी किस्मत पलट गई। उन्होंने सुमित आर्ट नाम की एक [संगीत] कंपनी बनाई जो दूसरी भाषा की फिल्मों की हिंदी में डबिंग करने लगी। इस कंपनी ने कुछ ही सालों के बाद उन्हें इतना कामयाब बना दिया कि वह करोड़ों में खेलने लगी। इस कंपनी को बेशुमार काम मिला। इससे उन्होंने इतना पैसा कमाया कि अब वह बॉलीवुड फिल्मों में भी पैसे लगाने लगे। फिलहाल वह इन दिनों अपनी पत्नी फराह के साथ करोड़ों की कंपनी संभाल रही हैं। एक जमाने का महा फ्लॉप एक्टर एक्टिंग छोड़ते ही किस्मत और दौलत का धन हो गया। दोस्तों इस कहानी में [संगीत] फिलहाल इतना ही। मिलते हैं अगले वीडियो में एक नई कहानी के साथ।

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