नमस्कार साथियों। मैं अभी भी जिंदा ही हूं। यह 25वां दिन है मेरे अनशन का। 25वें दिन तक लगभग मेरा 11 किलो वजन कम हुआ है और और काफी मांसपेशियां कम होने लगी हैं। मगर ठीक ही हूं। कल मैं रात को यहां गुड़गांव के एक निजी हस्पताल में लाया गया हूं
सबदर जंग से और मैं दाद देना चाहता हूं उन सभी छात्रों को जिन्होंने इतने शांतिपूर्ण तरीके से खुद पर लाठियां खाते हुए वापस कोई हमला ना करते हुए हालांकि बहुत उकसाने पर भी और कुछ तत्वों को पत्थर फेंकने के लिए लाए जाने पर भी आपने सब्र से काम लिया।
मैं बहुत ही मेरा दिल पिघल गया इससे। और क्योंकि उन पर बहुत ही बर्बरता से हमले हो रहे थे, इसलिए मैंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया था। अब भी मेरे पास बहुत से नेताग आए अनशन तोड़ने की अपील के साथ जिसमें शासक दल के मंत्री भी आए और सांसद लगभग 65 के हस्ताक्षर और यहां आकर अपील कर रहे हैं कि मैं अनशन तोड़ूं और वापस देश सेवा में लग जाऊं।
मैं खुद भी ऐसा ही करना चाहता हूं। मेरे लिए मेरा काम बहुत जरूरी है। मगर मैं सरकार से विनती करता हूं कि वह और ऐसे ताकत बल का प्रयोग ना करें बच्चों पर। और दूसरी बात उन पर आरोप और एफआईआर जिससे कि उन्हें सताया जा सके जेल या पुलिस द्वारा यह ना
करने की मुझे आश्वासन चाहिए और वह आश्वासन अगर जल्द मिल जाए तो मैं आप सबके और जो नेताग यहां पर आए उनकी बातों का इज्जत करते हुए अनशन आज ही तोडूंगा। मगर अगर ऐसा कोई आश्वासन नहीं आए तो बदकिस्मती से मुझे यह अनशन जारी रखना पड़ेगा। जय हिंद। एबीपी गंगा खबर आपकी जुबां आपकी।