नमस्कार, मैं हूं वंदना त्यागी और आप देख रहे हैं N 18 राजस्थान। केतन मर्डर केस को कई दिन बीत चुके हैं। परिवार इंसाफ की मांग कर रहा है और पुलिस जांच में जुटी है। लेकिन इस बीच जांच टीम राजस्थान के एक मंदिर पहुंची। अब आप सोच रहे होंगे आखिर क्यों? तो आज के इस वीडियो में हम आपको उसी सवाल का जवाब देंगे। दरअसल पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस राजस्थान पहुंची और उस मंदिर की जांच की जहां आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के गुप्त विवाह की
बात सामने आई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले लेकिन शादी की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। जांच एजेंसी अब चैट, लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हत्या की साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। पुणे के चर्चित रियलस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब राजस्थान तक पहुंच चुकी है। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम हाल ही में राजस्थान गई। जहां उस मंदिर में सबूत तलाशे गए। जहां आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के गुपचुप शादी करने की बात सामने आई थी। जांच अधिकारियों ने मंदिर के सीसीटीवी फुटेज भी
खंगाले लेकिन उन्हें ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला। पुलिस के अनुसार 20 साल की सिया गोयल और उसके 22 साल के प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले पर ट्रैकिंग के दौरान सिया के मंगेतर 25 साल के केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पुलिस लगातार दोनों आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक दोनों की शादी की पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच के दौरान पुलिस को दोनों के बीच हुई कुछ चैट्स जरूर मिली थी। इन चैट्स के विश्लेषण से संकेत मिला है कि सिया और चैतन्य ने पिछले साल दिसंबर में राजस्थान के एक मंदिर में बिना किसी को बताए शादी की थी।
इस सुराग की तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम राजस्थान पहुंची और मंदिर से जुड़े सभी संभावित सबूत जुटाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की भी जांच की। उम्मीद की टेक उम्मीद थी कि फुटेज में दोनों आरोपियों की मौजूदगी या शादी से जुड़ा कोई अहम सबूत मिल सकता है। हालांकि जांच के दौरान ऐसा कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला जिससे उनकी कथित शादी की पुष्टि हो सके। पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच टीम ने मंदिर प्रशासन से भी जानकारी जुटाई और उपलब्ध रिकॉर्ड की पड़ताल की। लेकिन अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला जो आरोपियों के शादी करने के दावे को साबित कर सके। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है
और राजस्थान दौरे का उद्देश्य केवल शादी की पुष्टि करना नहीं बल्कि दोनों आरोपियों की गतिविधियों और उनके संबंधों की पूरी टाइमलाइन तैयार करना था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और क्या दोनों ने शादी के बाद केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इस मामले में पुलिस डिजिटल सबूतों, मोबाइल फोन, चैट, लोकेशन, डाटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य इस केस की गु्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे महाराष्ट्र में सनसनी फैला दी थी। पुलिस का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और यदि राजस्थान या किसी अन्य राज्य से कोई भी नया सबूत मिलता है तो उसे भी केस का हिस्सा बनाया जाएगा। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई