25 दिन की बेटी की मौत, किडनी फेल होने से बेटे का निधन। हादसे में पति ने जान गंवा दी। सिंगर का परिवार बिखर गया। बच्चों को याद कर वो निराश हो गईं। उनकी दर्द भरी जिंदगी की कहानी सुनकर लोग हैरान रह गए। मशहूर सिंगर का बयान वायरल हो गया है।
संगीत की दुनिया में अपनी सुरीली आवाज से लाखों दिलों पर राज करने वाली अनुराधा पौडवाल की जिंदगी का एक पहलू सामने आया है, जिसने सबकी आंखें नम कर दी हैं। अपनी आवाज से लोगों को सुकून देने वाली अनुराधा ने अपनी जिंदगी में ऐसा दर्द सहा है जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।
बॉलीवुड में कभी सबसे बड़े सितारों के लिए गाने वाली अनुराधा अपनी जिंदगी में एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई थीं जहां उन्होंने हमेशा के लिए संगीत छोड़ने का फैसला कर लिया था। हां, और इसकी वजह थी उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा गम: अपनी मासूम बेटी को खोना जो सिर्फ 25 दिन की थी।
हाल ही में एक इंटरव्यू में सिंगर ने अपनी जिंदगी के उस दर्दनाक दौर के बारे में बात की जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी खुलकर बात नहीं की थी। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें अपनी जिंदगी में सबसे ज्यादा कमजोर कब महसूस हुआ, तो सिंगर ने अपनी पहली बेटी को खोने का जिक्र किया।
अनुराधा ने बताया कि मेरी बेटी सिर्फ 25 दिन की थी जब वो इस दुनिया को छोड़कर चली गई। इस हादसे ने मुझे अंदर से तोड़कर रख दिया। हालात ऐसे हो गए थे कि मैंने संगीत तक छोड़ने का फैसला कर लिया था। जिस संगीत ने मुझे मेरी पहचान दी थी, वो उस वक्त मुझे मेरे दर्द से दूर रखने के लिए काफी नहीं लग रहा था।
लेकिन अनुराधा की जिंदगी में दुखों का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ। बेटी को खोने के सालों बाद, उन्हें एक और सदमे का सामना करना पड़ा जिसने उनके पूरे परिवार को हिला कर रख दिया। साल 2020 में उनके 35 साल के बेटे आदित्य का निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आदित्य की मौत किडनी फेल होने की वजह से हुई थी। किसी भी मां के लिए जवान बेटे को खोने का दर्द समझ पाना नामुमकिन है।
एक तरफ बेटी को खोने का दर्द, तो दूसरी तरफ बेटे को खोने का गम। सिंगर की जिंदगी में एक और बड़ा दुख तब आया जब उनके पति अरुण पौडवाल का निधन हो गया। अरुण एक जाने-माने म्यूजिक कंपोजर थे, और दोनों ने साथ में संगीत की दुनिया में कई यादगार काम किए थे। अरुण का निधन साल 1991 में हुआ था। कहा जाता है कि उनकी मौत एक हादसे में हुई थी। फिलहाल, उनकी बेटी कविता पौडवाल उनके परिवार का अहम हिस्सा हैं।
अब जरा एक नजर डालते हैं उस सफर पर जिसने अनुराधा को हर घर में मशहूर कर दिया। अनुराधा ने अपने संगीत करियर की शुरुआत 1973 में फिल्म अभिमान से की थी। कहा जाता है कि नवरात्रि से पहले गुलशन कुमार ने उनसे देवी दुर्गा के लिए भक्ति गीत गाने को कहा था। देवी दुर्गा के भजनों से लेकर भगवान शिव के गीतों तक, उन्होंने भक्ति संगीत में अपनी एक अलग पहचान बनाई। आज भी उनके भजन हर किसी की जुबान पर हैं।