बॉलीवुड में कुछ जोड़ियां स्क्रीन पर बनती है। एसआरके और काजोल, एसआर के और माधुरी, एसआर के और दीपिका। लेकिन एक ऐसी जोड़ी है जिसने ना सिर्फ स्क्रीन पर साथ में काम किया है बल्कि एक साथ सपने देखे हैं। एक साथ कंपनी बनाई है। एक साथ फिल्म प्रोड्यूस की है। और फिर एक दिन बिना किसी झगड़े के दोनों के रास्ते अलग हुए। नाम है शाहरुख खान और जूही चावला। यह कहानी है बॉलीवुड की उस जोड़ी की जो स्क्रीन पर तो थी ही लेकिन असल जिंदगी में भी एक ऐसा बॉन्ड शेयर करती थी जो बहुत कम लोग जानते थे। और उस बॉन्ड पर एक मैगजीन [संगीत] ने आरोप लगाया कि शाहरुख ने उनका ऑफिस तोड़ दिया। 1991 से लेकर 1992 तक शाहरुख खान मुंबई में थे। दिल्ली से आए थे। मां-बाप दोनों जा चुके थे। जेब में ज्यादा पैसे नहीं थे। एक काली जिप्सी थी जो बाद में यह माइना भरने की वजह से चली गई थी।
मुंबई में कोई घर नहीं था। सेट्स पर आते थे। यूनिट के साथ चाय पीते थे और रात को कभी यहां कभी वहां रुक जाते थे। जूही चावला उन दिनों बॉलीवुड में ऑलरेडी सेटल डाउन थी। कयामत से कयामत में काम कर चुकी थी। जूही के घर में शाहरुख का आना-जाना था। एक ऐसे वक्त में जब शाहरुख के पास कुछ नहीं था। जूही की फैमिली ने उन्हें अपना मारा। जूही की मां जो बेहद केयरिंग थी। शाहरुख के बर्थडे पर केक बनाती थी। और 1992 में राजू बन गया। जेंटलमैन आती है। फिर नजर कर रहे हो? गुंडा लोफर। अरे आप गुंडा लोफर किसे कह रही है? दोनों का पहली बार साथ में काम करना और ये पहली ही फिल्म में वो केमिस्ट्री दिखी जो आगे आने वाले पूरे के पूरे डेकेड में पहचान बनने वाली थी। जूही ने उन दिनों को याद करते हुए कहा शाहरुख खान उन दिनों बहुत ज्यादा मेहनत करते थे। वो एक साथ कई-कई फिल्मों की शूटिंग करते थे। राजू बन गया, जेंटलमैन, दीवाना तीन फिल्म एक साथ कर रहे थे। उनके पास एक काली [संगीत] जिप्सी थी। लेकिन एक दिन वो भी चली गई।
शायद ईएमआई नहीं भरने की वजह से। लेकिन उसके बावजूद भी वो काम करते रहे। वो भी एक दौर था और आज शाहरुख खान बिलेनियर है जो मुंबई में रहते हैं। है ना? और उस वक्त पर ईएमआई ना भरने की वजह से गाड़ी चली जाती है। और जूही जो उस वक्त एक्टैब्लिश एक्टर थी। उन्होंने उस लड़के के साथ दोस्ती की बराबरी की दोस्ती की। फिर भी एक के बाद एक फिल्म्स आती रही डर 1993। इस फिल्म में जूही चावला हीरो की लव इंटरेस्ट थी और शाहरुख खान एक ऑब्सेस टॉकर थे। ही रोल [संगीत] इतना डार्क था कि इंडस्ट्री को यकीन नहीं था। लेकिन शाहरुख खान ने वो किरदार जिया पूरी इंटेंसिटी के साथ कि जूही उनके साथ उनके हर सीन में जो टेंशन दिखता था वो दोनों ने बखूबी निभाया। फिर राम जाने 1985 में यस बोस 1997 में डुप्लीकेट 1998 में हर फिल्म में हर रंग में दोनों की केमिस्ट्री अलग ही थी। जूही की वो हंसी जो एसआरके के किसी भी जोक पर इतनी जेन्युइन लगती थी कि लगता था कि यह कोई एक्टिंग नहीं है। [संगीत] यह एक्टिंग थी ही नहीं। यह दोनों की केमिस्ट्री थी। जूही डुप्लीकेट के बारे में बात करते हुए बेहद इमोशनल बात शेयर करती है।
उस फिल्म की शूटिंग के दौरान जूही की मां अचानक चली जाती है। वो सुबह वॉक पर गई और वापस ही नहीं आई। वो सबसे डार्क मोमेंट था। शाहरुख खान उस टाइम जूही के साथ थे। हर पल उन्होंने जूही को संभाला एक दोस्त की तरह एक भाई की तरह। जूही ने कहा था जब मां गई शाहरुख मेरे साथ थे। वो [संगीत] कंसोल करते थे। वो मोमेंट मैं कभी नहीं भूल सकती हूं। और फिर 1990 के बीच में एक मैगजीन ने एक स्टोरी छापी। डर के एक स्टिल का इस्तेमाल करते हुए। शाहरुख के साथ जूही थी। उन्होंने क्लेम किया कि दोनों [संगीत] के बीच में अफेयर है। जब ये खबर शाहरुख तक पहुंची तो वो चुप नहीं रहे। गौरी खान ने बाद में फिल्म फेयर को एक इंटरव्यू देते हुए बताया शाहरुख ने जूही के साथ अफेयर वाली स्टोरी पर उस [संगीत] मैगजीन का ऑफिस तोड़ दिया था। उन्होंने वहां जाकर इक्विपमेंट्स तोड़े। शाहरुख जो पब्लिकली हमेशा चुपचाप रहते हैं, काम रहते हैं। वो कंट्रोवर्सी में बिल्कुल चुप रहते हैं। वो जर्नलिस्ट के सवालों पर मुस्कुरा देते हैं। उस इंसान ने मैगजीन के ऑफिस को तोड़ा। इसलिए नहीं कि इमेज खराब हुई थी बल्कि इसलिए कि एक ऐसी औरत के साथ नाम उछाला गया था जो उनकी सबसे पुरानी दोस्त थी जिसकी मां उसके बर्थडे पर केक बनाती थी। जूही ने बताया कि मैंने उसके बाद सीखा इन स्टोरीज को सीरियसली मत लो। मुझे शाहरुख पर भरोसा है और मैं उनकी कोस्टार थी। मुझे अच्छे रिलेशन उनके साथ हमेशा रखने थे। और फिर 1999 में दोनों ने मिलकर एक सपना देखा।
ड्रीम्स अनलिमिटेड शाहरुख खान जूही चावला और डायरेक्टर अजीज मिर्जा जिन्होंने शाहरुख को मुंबई में एक साल रहने की जगह दी। तीनों मिलकर एक प्रोडक्शन कंपनी बनाते हैं। बॉलीवुड में यह पहली बार था कि एक सुपरस्टार और एक एक्ट्रेस साथ में मिलकर एक कंपनी खड़ी कर रहे हैं। पहली फिल्म फिर भी दिल हिंदुस्तानी 2000 में [संगीत] आई। यह फिल्म शायद उस वक्त के लिए बहुत बोल्ड थी। फिर अशोका आई 2001 में फिर ग्रैंड हिस्टोरिकल फिल्म थी क्रिटिकली क्लेम बॉक्स ऑफिस पर उतनी नहीं चली। फिर चलते-चलते 2003 में जिसकी एक अलग ही कहानी है जिसमें ओरिजिनली ऐश्वर्या राय होनी थी जो सलमान के सेट पर आने के बाद रानी मुखर्जी बन गई। लेकिन वो जूही और एसआरके के प्रोडक्शन की थी। ड्रीम्स अनलिमिटेड की तीन फिल्में आई और फिर कंपनी बंद हो गई। शाहरुख ने 2004 में ड्रीम्स अनलिमिटेड को रेड चिल्ली एंटरटेनमेंट में ट्रांसफॉर्म कर दिया गौरी खान के साथ। जूही के लिए पल बहुत तकलीफ देह था। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि मुझे पता नहीं क्यों यह हुआ। लेकिन जब ड्रीम्स बंद हुई तो एक वक्त था जब शाहरुख और मेरी बातचीत बंद हो गई थी। मैं नहीं जानती थी क्यों। शायद वो बहुत बिजी हो गए थे। शायद कुछ और था। लेकिन उस वक्त हम नहीं बोलते थे। यह कनंफेशन बहुत ऑनेस्ट था और बहुत दुखद भी। दो लोग जिन्होंने एक साथ सपने देखे, कंपनी बनाई, एक दूसरे [संगीत] के साथ खड़े रहे। फिर धीरे-धीरे चुप साइलेंस हो गया। लेकिन यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
2008 में केकेआर बनी कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल की टीम और उसमें शाहरुख खान के साथ जूही और उनके हस्बैंड जय मेहता भी थे। पार्टनर्स बने। एक रिश्ता जो टूट चुका था उसकी नई शुरुआत हुई। शाहरुख और जूही की कहानी क्या थी? आठ फिल्म साथ में की। बॉलीवुड में किसी एक्ट्रेस ने शाहरुख के साथ इतनी फिल्म्स नहीं की। खाजोल से भी ज्यादा एक प्रोडक्शन कंपनी साथ [संगीत] में चलाई और वहीं से निकला एक रिश्ता दोस्ती का रिश्ता। यह 30 साल से भी पुरानी दोस्ती है और अफेयर वाली बात वो अफेयर था नहीं। शाहरुख ने खुद कहा गौरी ने खुद कहा एक मैगजीन में क्लेम किया और शाहरुख ने उनका ऑफिस तोड़ा था। यह अफेयर से कुछ ज्यादा बड़ा था। यह दोस्ती थी। तब शुरू हुई शाहरुख के पास [संगीत] जब कुछ नहीं था। है ना? तो तुम मुझे बताओ कमेंट करके। क्या तुम्हें लगता है कि शाहरुख और जूही की फ्रेंडशिप बॉलीवुड की सबसे जेन्युइन फ्रेंडशिप थी और क्या उनकी ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री के पीछे एक रियल मोड था? मैं तुम्हें नेक्स्ट वीडियो में मिलूंगी। तब तक तुम चैनल को सब्सक्राइब कर लो। वीडियो को लाइक और शेयर कर लो और प्लीज बेल आइकॉन दबाना मत भूलना।