मेरठ का बहुचर्चित नीला ड्रम केस में अब अलग-अलग बातें निकल कर सामने आ रही हैं। पहले जो कवयत्री थी अनामिका जय नंबर वो अंदर पहुंची थी मुस्कान रस्तौगीवी से मुलाकात करने और इस बात का जो है विरोध जताया था जो कांग्रेस नेत्री हैं पूनम पंडित ने। आज करवा चौथ का दिन है अंदर मुस्कान ने करवा चौथ का व्रत रखा या नहीं रखा.
इसके बारे में जानकारी भी हम लोग लेंगे। लेकिन उससे पहले जो कांग्रेस नेत्री हैं पूनम पंडित वो सौरभ की जो मां है उनके साथ यहां जेल पहुंची हैं। जेल अधीक्षक से मुलाकात करी है और क्या कुछ मांगे रखी हैं? हमारे साथ में यहां पे मौजूद है। मैं बातचीत कर लेता हूं। पूनम जी आप अंदर मिलके आई अभी क्या-क्या मांगे आपने रखी क्योंकि हमने सिर्फ एक मांग वहां पे रखी है कि इन दोनों की जेल ट्रांसफर हो दूर-दूर इनको शिफ्ट किया जाए क्योंकि मुस्कान को परिवार वालों ने साहिल के अपनी बहू मान लिया है और दोनों का वकील भी एक है। दोनों का वकील एक ही केस लड़ रहा है।
तो परिवार को यह शंका है कि इन दोनों के परिवार के ये दोनों मिलकर के और मुस्कान साहिल के परिवार से मिलकर के किसी घटना को अंजाम ना दे क्योंकि न्यायालय में उसने अपील की है। जमानत पे बाहर आते हैं तो किसी घटना को अंजाम ना देते क्योंकि सौरभ राजपूत का जो भाई है राहुल कल 11:30 बजे रात में उसका एक्सीडेंट कर दिया गया फोर व्हीलर गाड़ी से वो भी हमारे साथ आने वाले थे लेकिन उनकी बैकबोन में बहुत ज्यादा चोट लगी है इस के रिगार्डिंग एप्लीकेशन भी लगाई है.
एफआईआर कराने की भी रिक्वेस्ट किया है ब्रह्मपुरी थाने में तो इनको यही है कि कहीं किसी जमानत से बाहर आकर के परिवार के साथ मिलकर के किसी घटना को अंजाम ना दे दें इसलिए इन दोनों की दूर-दूर जेल शिफ्टिंग की जाए बस ये हमारी रिक्वेस्ट है ये रिक्वेस्ट इसके अलावा जो है ये चर्चाएं भी आ रही हैं कि करवा चौथ का भी व्रत मुस्कान ये उसका अपना अधिकार है। जब उसको बहू मान लिया किसी के परिवार ने और किसी के साथ मिलकर अपने पति को ही मार दिया तो ये उसका अपना अधिकार है कि व्रत करवा चौथ का रखे ना रखे हमें इस बात से कोई लेना देना नहीं है और हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। ये इंसान के खुद के मूल अधिकार हैं। भारत का नागरिक है तो सीधी सी बात है। हम उस पे रोक भी नहीं लगा सकते हैं।
हम क्यों लगाएंगे रोक? उसका उसका अपना मन है। उसकी अपनी मर्जी है। तो जब किसी को दिल से इतना प्रेम करती है। उसकी अपने पति की हत्या कर दी 9 साल बाद। 9 साल रहने के बाद एक बेटी होने के बाद भी तो वो उसके लिए फिर व्रत रखे कुछ करे अंजाम से तक वो नहीं डरी रही है तो इस बात से क्या ही फर्क पड़ता है और जेल वरिष्ठ अधीक्षक ने हमें आश्वासन दिया है कि हां हम लोग जो है इस बात को आपकी मानते हैं और जब भी पहली मीटिंग में ये शिफ्टिंग की बात होगी तो हम इसकी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करते हैं। हम आपकी पूरी मदद करेंगे।
हाई कोर्ट में जो वो केस लेके गए थे अपील करी थी वहां पे जो है मान ली गई है। उनकी अपील अब 30 नवंबर की सुनवाई वहां पर बताई जा रही है। तो अब क्या वहां तक भी पहुंचेंगे? देखिए बिल्कुल अब वो हाई कोर्ट पहुंचेंगे तो हम भी सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। क्या फर्क पड़ रहा है? हम हक अधिकार के लिए जा रहे हैं। हम हक के लिए जा रहे हैं। हम एक सच के लिए जा रहे हैं। हम एक पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। तो हाई कोर्ट हो, चाहे सुप्रीम कोर्ट हो, हम लोग भी जाएंगे। जरूर जाएंगे। हमारे साथ में जो सौरभ की मां है वो भी यहां पर मौजूद हैं।
आंटी आप अभी खुद अंदर मिलके आई हैं आज जेल से। तो क्या-क्या मांगे रखी हैं जेल से? हमने तो यही मांग रखी है भाई जो सजा यहां पर मिली है उसको आगे भी यही सजा की बरकरारी होनी चाहिए और इन दोनों की जेल अलग-अलग करनी चाहिए क्योंकि हमें डर है क्योंकि अब साहिल का परिवार और मुस्कान का परिवार आपस में मिल चुका है क्योंकि हमें डर है कि हमारे परिवार के साथ कुछ भी हादसा हो सकता है और अभी हम सोच ही रहे थे और रात हमारे लड़के के साथ बहुत बुरा एक्सीडेंट हो गया.
फोर व्हीलर से कहां चोट आई वो उनके कोहनी में पैर में पसली में मुझे तो अभी उसे उठा नहीं जा रहा क्योंकि क्योंकि अभी हमने रात ही एफआईआर दर्ज करवाई है पुलिस वालों के साथ। अभी उन्होंने वापस बुलाया पुलिस थाने में वापस बुलवाया कि यहां आके तुम एक बार एप्लीकेशन लिख दो तो तुम्हारी एफआईआर दर्ज हो जाएगी और वो लोग पहुंचे हुए हैं सीसीटीवी वगैरह खंगालने के लिए जो बिजली घर है टीपी ये शॉप हां वहां पर बिजली घर के बराबर में कैमरा वगैरह है तो वो कहने लगे आंटी हम जाके जा रहे हैं कैमरे वगैरह सब खंगा लेंगे कि क्या चीज है क्या चीज नहीं है क्योंकि फोर व्हीलर वाला पहले तो खुद भी आके सिगरेट वगैरह पी रहा था फिर उसके बाद जाके गाड़ी में बैठ गया गाड़ी में बैठने के बाद गाड़ी इतनी तेज स्टार्ट करी उसने कि जाके पूरी टक्कर मारी फिर पीछे ले गया फिर आगे ले गया फिर ऐसे करके और जनों को भी मारता चला गया तो आपको मतलब जान का खतरा भी सता रहा है आप अब हमने पहले भी अभी पूनम पंडित जी हमारे घर आई थी तो जब हमने उसे जताया था कि हमें डर है भय है क्योंकि हमें लगता है कि कोई ना कोई हमारे साथ हादसा हो सकता है
क्योंकि उन लोगों को भी अभी यह है ना कि भाई जब ये दो जने पैरवी कर रहे हैं अगर यही नहीं रहेंगे तो मुकदमा तो वैसे ही खत्म हो जाएगा खारिज हो जाएगा हमें डर है कि भाई हम हम यह नहीं कह रहे कि उन लोगों ने ही कुछ करा या कुछ हमें आशंका है कि उन लोगों ने मिलकर किसी के साथ कर सकते हैं वो और रात हुआ ही है। अभी पुलिस वाले सब चीज निकालेंगे। मुझे चोट बहुत आई है। उठा ही नहीं जा रहा। उसको उठा के बैठा रहे हैं। कर रहे हैं। दूध पानी मुस्कान तो जो है आपके घर की बहू थी। लेकिन अब साहिल के परिवार ने उसको अपना बहू मान लिया है। चर्चाएं चल रही है। ऐसी अंदर ये भी चर्चा है कि करवा चौथ का भी व्रत है। हां तो हमें तो बहुत खुशी की बात है कि उन्होंने अपना लिया। अभी तो उसने हमारे एक लड़के को मारा है। उनके तो घर के तीन-तीन लड़के हैं। तीन-तीन लड़कों को मारेगी वो कल को उसको कोई दूसरा अच्छा मिल जाएगा तो हम तो चाहते हैं कि अच्छा है
तुम्हारे परिवार में वो जाए जब पता चलेगा तुम्हें कि कैसे किसी के लड़के को मारते क्योंकि हमारे तो चलो एक मारा उसने तुम्हारे परिवार में तो तीन-तीन लड़के हैं। तीनों लड़कों को अपने बचा के रखना। एक तो यहीं मरेगा फांसी से। अच्छा एक फांसी की सजा उनको यहां मिल गई। लेकिन अब उन्होंने जब हाई कोर्ट में अपील करी तो वहां पे उनका केस एक्सेप्ट कर लिया गया। अब सुनवाई जानी होगी तो एक तरीके से ये मान लिया जाए कि यहां पे जो सजा मिली थी वो सजा तो अब पूरी तरीके से हट गई है।
निरस्त हो गई है। अब हाई कोर्ट में नए तरीके से वो सुनवाई होगी। तो क्या आप मानते हैं कि जो है आप भी वहां पे पहुंचेंगे अब इस केस की पैरवी हम लोग भी जाएंगे वहां पर और हम तो यही गुहार लगाएंगे कि जो भी सजा बरकरार है उस सजा को बरकरार रहना चाहिए। चाहे कोई सी भी कोर्ट में जाए कुछ भी हो जाए जज साहब को यह देखना चाहिए कि जब कोई इतना बड़ा क्राइम करके आया हुआ है तो उसके आधार पे ही उन्हें भी सजा सुनानी चाहिए। तो देखिए जो सौरभ की जो मां है उनके परिवार के जो लोग हैं वो यहां पर मौजूद हैं। मेरठ जिला कारागार के बाहर इस वक्त मैं यहां मौजूद हूं। मांग यही है कि दोनों की जेल यहां से शिफ्ट कराई जाए और एक बड़ा आरोप भी यहां पे लगाया गया है जो सौरभ के बड़े भाई हैं जिनका नाम बबलू और राहुल उनको कहा जाता है। उनका एक्सीडेंट करवा दिया गया। ऐसे आरोप हैं। उनके काफी चोट आई है। वो भी आज यहां पे जेल में जेलर से मिलने पहुंचने वाले थे। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अभी अपनी जांच कर रही है।