और आमस एक्ट में संजय दत्त को 5 साल की सजा मेरा बेटा कोई गुजरा हुआ वक्त नहीं है जो लौट कर वापस नहीं आ सकता भारत के जानेमाने अभिनेता स्वर्गीय ऋषि कपूर ने अपनी बायोग्राफी खुल्लम खुल्ला में बताया था कि एक बार जब वह दुबई एयरपोर्ट पर उतर रहे थे तो तभी एक आदमी आकर उनके हाथ में फोन पकड़ा हुए कहता है कि लो भाई बात करेंगे और कॉल की दूसरी तरफ था इंडिया का मोस्ट वांटेड टेररिस्ट दाऊद इब्राहिम जो ऋषि कपूर का बहुत बड़ा फैन था इसीलिए उन्हें वह चाय पर इनवाइट कर रहा था उन्हें दाऊद के पास इस तरह ले जाया गया जिससे उन्हें दाऊद के घर की लोकेशन पता ना चल सके ऋषि कपूर करीब 4 घंटे तक दाऊद के खास मेहमान बने रहे हालांकि यह बात 1988 की है जब दाऊद इब्राहिम इंडिया का मोस्ट वांटेड टेररिस्ट घोषित नहीं हुआ था लेकिन यह छोटा सा इंसिडेंट यह बताने के लिए काफी है कि दाऊद इब्राहिम और बॉलीवुड का कितना गहरा नाता रहा है दाऊद जिसे इंडिया और अमेरिका ने साल 2003 में मोस्ट वांटेड क्रिमिनल की लिस्ट में डाला उसके और बॉलीवुड एक्टर और एक्ट्रेस के बीच के संबंध की कई खबरें बीच-बीच में आती रहती हैं दाऊद का बॉलीवुड से गहरा नाता रहा है
दाऊद इब्राहिम की पार्टी में कई बॉलीवुड स्टार्स नजर आते रहे हैं लेकिन बाकी सब की तुलना में संजय दत्त ने जो नाम जोड़ने की कीमत चुकाई है वह किसी और ने नहीं चुकाई बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त की जिंदगी के बारे में कौन नहीं जानता उनकी जिंदगी काफी उतार चढ़ाव से भरी रही जिसकी झलक हमें साल 2018 में आई फिल्म संजू में भी देखने को मिली थी दोस्तों संजय दत्त के बारे में कहा जाता है कि इनका दाऊद इब्राहिम के साथ बहुत गहरा याराना था यहां तक कि खबरें यह भी चली थी कि दाऊद संजय दत्त को प्रोटेक्शन भी देता था लेकिन क्या यह बात सच है और अगर सच है तो इस सब की शुरुआत आखिर कहां से हुई चलिए जानते हैं आज की इस वीडियो में तो यह पूरी कहानी शुरू होती है 12 मार्च सन 1993 को जब मुंबई 12 बम धमाकों से पूरी तरह दहल चुकी थी बता दें कि 12 मार्च 1993 में हुए मुंबई बम ब्लास्ट में 257 लोगों की मौत हुई थी और करीब 1000 लोग घायल हुए थे देखते ही देखते यह खबर पूरी दुनिया में छा जाती है किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा होता कि आखिर इतनी प्लानिंग के साथ कैसे कोई इतने ज्यादा बम विस्फोट कर सकता है इसके बाद इन्वेस्टिगेशन शुरू हुई
और कुछ नाम निकलकर सामने आते हैं जिनमें सबसे बड़ा नाम था दाऊद इब्राहिम का इन्वेस्टिगेशन से पता चला कि इस अटैक का मास्टरमाइंड असल में दाऊद था जिसने दुबई में बैठकर यह सारा कुछ प्लान किया इसके बाद लोकल कनेक्शन का पता किया जाने लगा जिन्होंने इस पूरे प्लानिंग को अंजाम दिया जिसमें कई नाम सामने आए कई को गिरफ्तार किया गया और जब उनसे पूछताछ की गई तो एक नाम ऐसा सामने आया जिससे पूरा बॉलीवुड हिल गया और व नाम नाम था संजय दत्त मीडिया रिपोर्ट्स में संजय दत्त का नाम छाने लगा लेकिन उस वक्त संजय दत्त इंडिया में नहीं थे वह मॉरिशस में थे और किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे जब यह खबर आग की तरह फैलने लगी तो तब संजय दत्त के पिता ने अपने बेटे को फोन कर सारी जानकारी ली कि क्या सच में उनका कुछ इसमें इवॉल्वमेंट है और संजय दत्त ने ऐसा कुछ होने से साफ मना कर दिया 19 अप्रैल 1993 को संजय दत्त अपनी फिल्म आतिश के क्लाइम मैक्स की शूटिंग करके मॉरिशस से वापस लौट रहे थे और इधर मुंबई पुलिस उनको गिरफ्तार करने की तैयारियां कर रही थी
संजय दत्त की फ्लाइट रात 2:5 पर मुंबई पहुंची संजय जैसे ही एयरपोर्ट की इमीग्रेशन एरिया से बाहर आए तुरंत पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया इसके बाद संजय दत्त को एयरपोर्ट से सीधे मुंबई क्राइम ब्रांच ले जाया गया अब इसके बाद संजय दत्त से जो बयान लिया गया उसमें कई चौकाने वाले राज निकलकर सामने आए संजय दत्त के ऊपर उस समय दो आरोप लगे जिसमें से पहला आरोप यह था कि वह मुंबई बम ब्लास्ट की प्लानिंग में शामिल थे और दूसरा उन पर आरोप इल्लीगल वेपन रखने का था संजय दत्त ने बताया कि यलगार फिल्म की शूटिंग के लिए संजय दत्त समेत पूरा क्रू फिरोज खान के साथ दुबई शूटिंग के लिए गया और वहीं पर फिरोज खान ने पहली बार संजय दत्त की मुलाकात दाऊद इब्राहिम से करवाई हालांकि तब तक दाऊद का नाम इतना फेमस नहीं था दाऊद के साथ उनका भाई अनीश इब्राहिम भी था दोनों ने संजय दत्त की फिल्मों की भी खूब तारीफ की और यहीं से इन दोनों की पहली बार पहचान हुई इसके बाद अनीश अक्सर संजय दत्त की फिल्म की शूटिंग जहां होती वहां आ जाता और ऐसे आते-जाते इन दोनों की मुलाकात होती रहती और इससे दोनों के बीच अच्छी दोस्ती भी हो गई अब अगर आपको यह लग रहा होगा कि अनीश इब्राहिम ने ही एके 47 संजय दत्त को दी होगी तो ऐसा नहीं है दरअसल संजय दत्त ने आगे बताया कि समीर हिंगोरा और हनीफ कड़ा ने सनम मूवी प्रोड्यूस की थी और संजय दत्त भी
उस मूवी में थे इसलिए वह बार-बार संजय दत्त से डेट लेने के लिए आते थे और ऐसे ही बातों-बातों में जब उन्हें पता चला कि संजय दत्त को बंदूक और शिकार करने का शौक है तो उन्होंने संजय दत्त को ऑटोमेटिक गन देने की बात कही जिसे संजय दत्त ने शुरू में तो मना किया लेकिन हनीफ ने जब बार-बार यह बात कही तो संजय दत्त का मन भी फिसल गया और एक दिन उन्होंने हनीफ को इस बंदूक के लिए कह ही दिया बस फिर क्या था कुछ ही समय बाद हनीफ और समीर रात के समय संजय दत्त के घर पहुंचे उनके पास एक 47 बंदूक थी लेकिन उनके साथ एक और भी व्यक्ति था जो आगे चलकर भारत का एक मोस्ट वांटेड आतंकवादी बना उसका नाम था अब्बू सलेम ये तीनों गाड़ी से उतरे और उन्होंने संजय दत्त को बंदूकों का जखीरा दिखाया संजय दत्त एक ही बंदूक लेना चाहते थे पर उनके पास तीन राइफल भी थी संजय दत्त के मना करने पर भी उन्होंने कहा कि अभी रख लो फिर हमें जब जरूरत पड़ेगी तो हम ले जाएंगे और संजय दत्त अंदर से कपड़ा लाते हैं उसमें लपेटकर बंदूक अंदर ले जाते हैं जिसके बाद यह तीनों अपने घर चले जाते हैं संजय दत्त ने यह भी बताया कि उनके पास बहुत सारे ग्रेनेड भी थे और उन्हें भी वह संजय दत्त को देना चाहते थे लेकिन संजय दत्त ने उन्हें रखने से मना कर दिया हालांकि संजय अच्छी तरह जानते थे कि इस तरह के वेपन रखना पूरी तरह से इलीगल है और अगर वह पकड़े गए तो इस पर सजा भी हो सकती है लेकिन इसके बावजूद संजय दत्त ने इन्हें अपने घर में रखा अब बात तब तक तो ठीक थी
जब तक बॉम्बे ब्लास्ट नहीं हुआ लेकिन जैसे ही बॉम्बे ब्लास्ट हुआ तो उसकी इन्वेस्टिगेशन शुरू हुई तो हनीफ और समीर के नाम सामने आने पर पुलिस ने इन्हें अरेस्ट कर लिया और जब इनसे तहकीकात की गई तो संजय दत्त का नाम भी सामने आ गया संजय दत्त क्योंकि उस वक्त भारत में नहीं थे इसीलिए पुलिस उनके घर इन्वेस्टिगेशन करने के लिए गई लेकिन उन्हें कुछ खास नहीं मिला जब संजय दत्त मॉरिशस में फिल्म आतिश की शूटिंग कर रहे थे तो उन्हें पता चला कि पुलिस ने हनीफ और समीर से पूछताछ की है इसलिए उन्होंने अपने एक दोस्त को फोन कर सबूत मिटाने के लिए कहा लेकिन उसके बावजूद पुलिस को कई अहम सबूत और गवाह मिल चुके थे जो संजय दत्त को गुनहगार बता रहे थे संजय दत्त पर आरोप था कि उन्होंने ak47 राइफल अपने घर पर रखी थी उस राइफल के लिंक सीधे मुंबई बम धमाकों से थे इस आरोप में एक्टर को गिरफ्तार किया गया था संजय दत्त को अब्बू सलेम और रियाज सिद्दीकी से अवैध बंदूकों की डिलीवरी लेने उन्हें रखने और फिर नष्ट करने का दोषी माना गया था हालांकि संजय ने कहा कि उन्होंने हथियार अपने परिवार की सुरक्षा के लिए रखे थे
क्योंकि 1992 में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने के बाद उनके पिता सुनील दत्त को धमकियां मिल रही थी यह धमकियां इसलिए मिल रही थी क्योंकि वह मुंबई में भड़के दंगों में पीड़ितों की मदद कर रहे थे एक बार भीड़ ने उनकी कार पर हमला भी किया कहते हैं कि संजय दत्त और सुनील दत्त ने पुलिस सुरक्षा की मांग की लेकिन उन्हें सुरक्षा देने से इंकार कर दिया गया जिस वजह से उन्हें अपने घर में हथियार रखने पड़े आगे केस हुआ और संजय दत्त बम ब्लास्ट के मास्टर माइंड वाले आरोप से तो बरी हो गए लेकिन अवैध हथियार रखने के जुर्म में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 5 साल की सजा सुनाई तो शॉर्ट में कहे तो यस संजय दत्त और दाऊद के बीच संबंध थे लेकिन हथियार देने का काम दाऊद ने नहीं किया फिलहाल जो आधि िक रिकॉर्ड्स में दर्ज है उससे तो यही पता चलता है अब आपका इस बारे में क्या मानना है क्या वाकई में संजय दत्त के दाऊद इब्राहिम के साथ संबंध थे आप अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताएं मिलते हैं आपसे अगली एक और नई इंटरेस्टिंग वीडियो में धन्यवाद