बॉलीवुड में ऐसे कई एक्टर्स है जिन्होंने हीरो बनकर नहीं लेकिन विलन बनाकर खुद की पहचान बनाई है ऐसे ही एक एक्टर है संजय। संजय दत्त का निजी जीवन भले ही विवादों से भरा हुआ हो लेकिन फिर भी उन्होंने बॉलीवुड में विलेन का किरदार निभा कर एक अलग ही पहचान खड़ी की।
संजय दत्त इंडस्ट्री के पहले ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने ज्यादातर खलनायक बनकर ही पर्दे पर सबका फैंस का दिल जीता है. फिर चाहे वह खलनायक हो या शमशेरा या वास्तव संजू बाबा ने अपने अनोखे अंदाज से हमेशा फैंस का दिल जीतने के साथ-साथ मेकर्स को भी मालामाल किया है.
करियर की शुरुआत से ही संजय दत्त अब तक खतरनाक,, क्रोध, , खलनायक, आतिश, वास्तव, कांटे और शमशेरा जैसी कई ऐसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं. जिनमें उनके निभाए भाईगिरी वाले किरदारों को काफी पसंद किया गया था. साल 2003 में आई मुन्नाभाई से तो उनकी इमेज पूरी तरह चेंज हो गई थी. अब संजय दत्त ने अपने इस तरह के किरदारों के निभाने वाले राज से पर्दा उठा दिया था. साथ ही इस बात का खुलासा भी किया कि वह क्यों इस तरह के किरदारों में ज्यादा नजर आते हैं.
इस बात पर से पर्दा उठाते हुए एक्टर ने कहा कि अपने करियर में अब तक कई फिल्मों में इस तरह के रोल निभाए हैं, और मेरे फैंस ने मेरा वो काम पसंद भी किया है. लेकिन इस तरह के रोल निभाने का भी अपना एक अलग ही मजा है. लेकिन मैं एक टिपिकल हीरो की इमेज से ही हमेशा रोल करता रहूंगा तो शायद लोग उतना एंजॉय ना कर पाए जितना शायद वह मेरे ग्रे शेड वाले किरदारों को पसंद कर रहे हैं. इस तरह की खबर हो या कोई किरदार लोग उनके बारे में जानने के लिए और उन्हें देखने के लिए एक्साइटेड रहते हैं कि आखिर ये क्या करने वाला है.
बता दें कि अपने इंटरव्यू में संजू बाबा ने इस बात का भी खुलासा किया था कि सुभाष घई के साथ ब्लॉकबस्टर फिल्म बनाने के बाद भी संजय ने दोबारा कभी उनके साथ काम नहीं किया था. इस बात का खुलासा करते हुए संजय ने कहा कि मैं तो हमेशा से ही उनके साथ काम करना चाहता था. लेकिन अब वह शाहरुख सलमान संग करने लगे थे, इश फिल्म के बाद वह कभी दोबारा मेरे पास नहीं आए और ना ही किसी प्रोजेक्ट के लिए कभी उन्होंने मुझे अप्रोच किया.