कहते हैं कि जिंदगी कब करवट बदल ले कोई नहीं जान सकता। कभी जिस इंसान के सामने सपनों की पूरी दुनिया होती है, वही इंसान एक दिन अपनी जिंदगी बचाने के लिए स्ट्रगल करता नजर आ सकता है। बीटाउन के सुपरस्टार सलमान खान की एक हीरोइन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।
महज 17 साल की उम्र में उन्होंने वो मुकाम हासिल कर लिया था जिसका सपना कई कलाकार पूरी जिंदगी देखते हैं। सलमान खान के साथ डेब्यू करके एक्ट्रेस को लगा था कि अब उनका फिल्मी सफर तेजी से आगे बढ़ेगा। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था।
पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली और फिर ऐसी बीमारी की चपेट में यह एक्ट्रेस आई कि भरी जवानी ही बर्बाद हो गई। फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखने वाली एक्ट्रेस पूजा डडवाल की। अपनी पहली फिल्म से एक्ट्रेस की उम्मीदें तो बहुत थी लेकिन वह खास कमाल नहीं दिखा पाई और फिर बड़े पर्दे पर पूजा को वह मौके नहीं मिले जिनकी उन्हें तलाश थी।
हालांकि इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी थी और टीवी की दुनिया का रुख किया। पूजा ने आशिकी और घराना जैसे टीवी शोज़ में भी काम किया। कुछ समय तक उन्होंने एक्टिंग जारी रखी लेकिन धीरे-धीरे उनका फिल्मी करियर पीछे छूटता चला गया। फिर पूजा ने शादी की और जिंदगी को एक नए तरीके से शुरू करने की कोशिश की। वो गोवा चली गई और वहां कसीनो से जुड़े काम को देखने लगी।
देखने में ऐसा लग रहा था कि जिंदगी भले बॉलीवुड जैसी ना रही हो लेकिन अब शायद सब कुछ संभल जाएगा। लेकिन तभी जिंदगी ने ऐसा झटका दे दिया जिसे उन्होंने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा था। साल 2018 में पूजा को बीमारी ने घेर लिया। उनकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। एक वक्त ऐसा आया जब उनकी सेहत इतनी खराब हो गई कि उनके फेफड़ों पर भी असर पड़ा। पुराने इंटरव्यूज में पूजा ने अपनी हालत का दर्दनाक जिक्र किया था।
उन्होंने बताया था कि उन्हें होती थी। उनकी भूख खत्म हो गई थी सोचिए जिस लड़की ने कभी कैमरे के सामने खड़े होकर फिल्मी दुनिया में अपने सपने देखे थे वही लड़की अब बीमारी की वजह से इतनी कमजोर हो चुकी थी कि खुद को संभालना भी मुश्किल था और मुश्किल सिर्फ बीमारी की नहीं थी उनके पास इलाज के लिए पैसे भी नहीं थे परिवार का साथ भी नहीं मिला।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पति और ससुराल की तरफ से भी उन्हें उस मुश्किल वक्त में सहारा नहीं मिल पाया। ऐसे हालात में पूजा गोवा से वापस मुंबई लौट आई।
उनके एक जानने वाले और डायरेक्टर राजेंद्र सिंह ने उनकी हालत देखी और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पूजा को मुंबई के टीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां बीमारी से लड़ते हुए उन्होंने जिंदगी का बेहद दौर देखा।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में उनके सामने कई मरीजों की हो रही थी। उन्हें हर पल यही सताता था कि कहीं अगला नंबर उन्हीं का ना हो। और फिर एक दिन पूजा ने मदद की गुहार लगाई। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने पुराने फिल्मी साथियों और इंडस्ट्री के लोगों से मदद मांगी।
उनकी यह अपील धीरे-धीरे लोगों तक पहुंची और आखिरकार सलमान तक भी बात गई। सलमान और उनकी टीम ने पूजा के इलाज में मदद की। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 6 महीने तक उनके इलाज का खर्च उठाया गया। दवाइयों से लेकर खानेपीने और जरूरत की चीजों तक उनकी मदद की गई।
एक्टर रविकिशन ने भी पूजा की हेल्प की थी। कई महीनों के इलाज के बाद फिर पूजा ने टीबी को मात दी। लेकिन पूजा की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। क्योंकि बीमारी से बच जाना और जिंदगी का दोबारा पटरी पर आ जाना दोनों अलग-अलग बातें थी। पूजा के सामने अब सबसे बड़ा सवाल था कि आगे की जिंदगी कैसे चलेगी? क्योंकि फिल्मों में काम नहीं था।
फाइनेंशियल कंडीशन मजबूत नहीं थी। उन्होंने दोबारा एक्टिंग में लौटने की कोशिश भी की। साल 2020 में वो पंजाबी फिल्म शुक्राना गुरु नानक देव जी का में नजर आई। लेकिन इससे उनका करियर दोबारा उस मुकाम पर नहीं पहुंच सका जहां वो कभी जाना चाहती थी। इसके बाद पूजा ने इंतजार करने के बजाय काम को अपनी जिंदगी का सहारा बनाया। मुंबई की एक छोटी सी चोल के कमरे में उन्होंने जिंदगी को फिर से शुरू किया।
कुछ समय उन्होंने घरेलू काम भी किया और फिर डायरेक्टर राजेंद्र सिंह की मदद से ही टिफ़िन सर्विस को शुरू किया। अब वह खुद खाना बनाती हैं और लोगों तक टिफिन पहुंचाकर अपनी रोजी रोटी कमाती हैं। कभी जिस पूजा को लोग सलमान खान के हीरोइन के नाम से जानते थे। आज उनकी पहचान किसी फिल्म के किरदार से नहीं बल्कि उनकी मेहनत से होती है।
उनकी जिंदगी में शोहरत आई और चली भी गई। बीमारी आई लेकिन वो उससे भी लड़कर बाहर निकली। रिश्तों ने साथ छोड़ा लेकिन उन्होंने खुद का साथ कभी नहीं छोड़ा। और शायद यही पूजा दाडवाल की कहानी की सबसे बड़ी बात है। आज वो किसी बड़े सेट पर कैमरे के सामने नहीं खड़ी हैं।
किसी फिल्म का पोस्टर उनके नाम से नहीं सजा है। लेकिन एक छोटे से कमरे में बैठकर जब वो किसी के लिए खाना बनाती हैं तो शायद हर टिफिन के साथ अपनी जिंदगी का एक नया पन्ना भी लिखती हैं। कभी उन्होंने फिल्मी पर्दे पर अपना सपना देखा था।