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चंदन राठौड़ उर्फ लवगुरु के निधन को लेकर महीपत सिंह ने किया चौंकाने वाला खुलासा, जानकार रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

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एक व्यक्ति जिसे लाखों लोग फॉलो करते हैं और अचानक ऐसी खबर आती है कि उस व्यक्ति का हो गया है और फिर उसकी हो गई है। मैं बात कर रही हूँ लव गुरु की, जो गुज्जू लवगुरु के नाम से मशहूर थे, चंदन राठौड़। कल दोपहर के समाचार के बाद से लगातार इस विषय पर चर्चाएं हो रही हैं। उनसे बात करेंगे। महिपतसिंह, सबसे पहले तो चंदन राठौड़ की की खबर आती है, एक के बाद एक जितने भी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, सभी दुःख व्यक्त कर रहे हैं। आप चंदन भाई को जानते थे, आपकी उनसे बातचीत होती थी? चंदन भाई बहुत मेरे अच्छे दोस्त थे। मिलने का मौका तो हम दोनों को नहीं मिला, लेकिन पिछले डेढ़-दो साल से लगातार हम एक-दूसरे से बातें करते थे। और कल मुझे बहुत दुःख हुआ इस बात का कि भाई ने मुझे प्रॉमिस किया था कि मेरी अगली समूह लग्न में वो हाजिरी देने वाले हैं। लेकिन अचानक जब सोशल मीडिया पर मुझे पता चला कि भाई के साथ ऐसा हुआ है, पहले तो मुझे लगा कि ये मजाक कर रहा है, क्योंकि उसकी आदत है मजाक करने की और वो हमेशा ऐसा बार-बार बोलता रहता था कि भाई जाएँगे, ये हुआ वो हुआ। मुझे लगा कि ये भाई कोई कॉमेडी कर रहा है। फिर जब स्क्रॉल करने के बाद दूसरी रील आती है, तीसरी आती है, तब पता चलता है कि यार ये तो एकदम सच्ची खबर है। एकदम झटका लगा कि ऐसा तो हो ही नहीं सकता।

अचानक जो व्यक्ति, यार मतलब मान ही नहीं आता कि ऐसा हो सकता है, लेकिन सच में बहुत दुःख हो रहा है।एक अद्भुत व्यक्तित्व, ऐसा कहा जाए कि गुजरात में ज़ीरो हेटर्स वाला व्यक्ति। सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स तो हमारे भी हैं और उनके भी थे, लेकिन हमसे नफरत करने वाले लोग हैं, पर ये एक ऐसा व्यक्ति था जिससे कोई नफरत नहीं कर सकता था। इस व्यक्ति के जब भी वीडियो आते, लोग देखते, लोग हँसते, लोग खुश होते, लोगों को सुनना अच्छा लगता। तो ज़ीरो हेटर्स वाला व्यक्ति जब इस दुनिया को छोड़ता है तो निश्चित रूप से दुःख होता है।, सभी लोग इस बात की भी चर्चा कर रहे हैं कि जब उन्होंने आखिरी वीडियो बनाकर पोस्ट किया, उसमें जीवन- की बात की, उससे पहले जो एक रील वगैरह डाली है, उसमें भी गाने में दुःख की बात की गई है। तो सभी इसे कनेक्ट कर रहे हैं कि एक व्यक्ति जो मृत्यु की बात करता है, एक व्यक्ति जो जीवन- के भेद समझाता है और फिर अचानक उस व्यक्ति की मृत्यु की खबर आ जाती है। कोइंसिडेंस है ।

हम ऐसा नहीं कह सकते कि उसका प्लानिंग था या मरने का कारण था, क्योंकि ये बहुत जिंदादिल व्यक्ति है और बहुत खुश रहने वाला व्यक्ति है, बहुत हँसाने वाला व्यक्ति है और दूसरों को हँसाने वाला व्यक्ति है। इसलिए क्या दिल से टूटा हुआ हो, कोई नाराजगी हो, कोई चिंता हो और कुछ ऐसी घटना घटी हो, इसकी संभावना लगभग ज़ीरो है। पर कुदरत ऐसे संकेत देती है। हमने बार-बार कई बार ऐसे किस्से देखे हैं कि कोई घटना होने से पहले शायद ईश्वर उनके मुँह से ऐसा बुलवाता है। ऐसे कई किस्से देखे हैं।मैं सब लोगों से अपील करता हूँ कि प्लीज़ आप ऐसी नेगेटिव बात दिल से कभी भी मत बोलो, क्योंकि भगवान सुनता है। मतलब कहते हैं ना गुजराती में, दीवारों के भी कान होते हैं।

तो जीवन में कभी नेगेटिव मत सोचो, नेगेटिव मत बोलो। कल क्या होने वाला है ये हमें पता नहीं है, तो क्यों हमें ऐसा सोचना चाहिए या ऐसा बोलना चाहिए? ठीक है, गुज्जू लव गुरु एक कंटेंट था, उसके लिए सिर्फ वो कंटेंट था। उसने सिर्फ उसके दिमाग में आइडिया आया होगा कि जो ये रील्स डाल रहा हूँ, वो सच में दो-तीन घंटे में सच बन जाएगी। तो इसे इत्तेफाक ऐसा नहीं मान सकते, पर ऐसी घटनाएं हमें ऐसी सामने दिखती हैं कि यार इसे इत्तेफाक तो नहीं ही कह सकते कि दो घंटे पहले ऐसा ही वीडियो डाला हो और दो घंटे में ऐसी घटना घट जाए। इसलिए ऐसा हमें लगता है, पर मैं सभी को कहता हूँ पॉजिटिव रहो, पॉजिटिव सोचते रहो। बहुत सारे लोग ये भी चर्चा कर रहे हैं, मतलब उनके करीबी लोगों का भी कई लोगों का कहना है कि उनके परिवार के इश्यूज वगैरह भी चल रहे थे। आपको इस विषय पर कोई जानकारी है, क्योंकि आप बात करते थे। क्या कभी चंदन ने ऐसी बात नहीं की? पूरी दुनिया में जितने भी लोग हैं, हर व्यक्ति को कोई न कोई छोटा-बड़ा दुःख तो होता ही है। इस दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, कोई पुरुष या कोई स्त्री नहीं है जिसे दुःख न हो, जिसे तकलीफ न हो, परिवार की समस्या न हो या मतभेद न हो।

पर इसका मतलब ये नहीं है कि इस व्यक्ति के कारण कोई ऐसी घटना घटी हो। तो ये मानने में नहीं आता कभी। चंदन भाई का कंटेंट बहुत वायरल होता था और सभी भले ही ऐसा कहें कि सुईगाम, बनासकांठा और उत्तर गुजरात में बहुत चर्चा है, पर पूरे गुजरात में उनकी चर्चाएं बहुत होती थीं। आपको उनका कंटेंट, आपने कब देखना शुरू किया, आपकी बातचीत की शुरुआत कब हुई? मैं टिकटॉक में जब मेरा फेसबुक पेज भी नहीं था, तब से उसे फॉलो करता था। जब वो टिकटॉक के अंदर वीडियो बनाता था और जिसे कहा जाए प्योर टैलेंट – लुक नहीं, लैंग्वेज नहीं, एजुकेशन नहीं, बट रियल टैलेंट। उस व्यक्ति ने प्रूव किया कि भले ही कम पढ़ा-लिखा था, शायद दिखने में अच्छा नहीं था, या अच्छी तरह से बोलना नहीं आता था, शुद्ध गुजराती भी नहीं, पर अपनी देसी लैंग्वेज में, अपने उसी चेहरे से भी लोगों को खुश किया, हँसाया और लाखों की संख्या में उसके फैन बनाए। और कल जब उसकी दिल से ऐसा फील हुआ कि नहीं यार, इस व्यक्ति ने जिंदगी में, वो अपनी एक रील में भी बोला था कि भाई, जब पूछते हो कि क्या कमाया, क्या कमाया, पर जब इस दुनिया को छोड़ेंगे और जो भीड़ देखोगे, तब तुम्हें लगेगा कि भाई जीवन में क्या कमा कर गया है। तो चंदन ने प्रूव किया कि यार ये कोई छोटी बात नहीं है।

वो जिंदगी में अनगिनत लोगों का प्यार कमा कर गया है। वो व्यक्ति, जैसे मैं नहीं मिला, वैसे लाखों लोग हैं जो चंदन से कभी नहीं मिले, पर आज उसके प्रति दुःख की भावना सब व्यक्त कर रहे हैं, बिकॉज़ ऑफ ए प्योर हार्ट और जीवन में जहाँ भी खुश होने का मौका आया है, वहाँ खुश होने के रीज़न के तौर पर चंदन कई बार लोगों के जीवन में आया है। एक आदमी, मतलब आप खुद भी अपने सोशल मीडिया पर बहुत सारे फॉलोअर्स रखते हैं, लोग आपको पसंद करते हैं। कोई एक आदमी को जिस लेवल पर चंदन भाई थे, उस लेवल पर पहुँचने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है? लगती है पायल, बहुत मेहनत लगती है। आज की जनरेशन में लोगों को रातों-रात स्टार बनना है, रातों-रात फेमस होना है और कई किस्सों में रातों-रात स्टार लोग बनते भी हैं, पर वो रातों-रात स्टार बने हुए लोग लंबे समय तक टिक नहीं पाते, ऐसे किस्से अनगिनत हमने देखे हैं। पर चंदन ने शुरू से ही, सालों से बहुत मेहनत की है। अनगिनत वीडियो, अनगिनत कंटेंट, अनगिनत जगह, मतलब बहुत मेहनत करके कोई रातों-रात स्टार बना हुआ ये व्यक्ति नहीं है। ये चंदन की अपनी खुद की मेहनत है, उसकी अपनी अलग कला है, अपनी अलग पहचान है। किसी की दी हुई पहचान नहीं, किसी के परिवार की नहीं, किसी के दोस्तों की नहीं, किसी नेताओं की नहीं, बल्कि उसकी खुद की बनाई हुई पहचान है। बहुत मेहनत की है उस व्यक्ति ने इस जगह तक पहुँचने में।

इसलिए और ज्यादा दुःख होता है। कोई रातों-रात स्टार बना हो और शायद कोई ऐसी घटना हो तो इतना दुःख न हो, पर निश्चित रूप से ये व्यक्ति बहुत मेहनत करके आगे आया हुआ, एक सामान्य परिवार का, एक छोटे से गाँव से आगे बढ़ा हुआ व्यक्ति है, इसलिए निश्चित रूप से दुःख होता है। हमने फिर उनके फैमिली बैकग्राउंड की भी जितनी बात की या जितना हमने पढ़ा, उसके अनुसार पिता किसान थे, बहुत सामान्य परिवार से आते थे, उत्तर गुजरात के थे और परिवार में बच्चे भी हैं। तो अभी जो परिवार की स्थिति है, बहुत गंभीर है। एक के बाद एक सभी लोग कह रहे हैं कि हम परिवार के साथ हैं, हम भी। पर जो कमी है, वो कभी पूरी नहीं हो सकती, ऐसी कमी है। सोशल मीडिया पर भी इसे किस तरह से लोग, मतलब आपको भी लोगों के फोन आते होंगे कि चंदन भाई का सुनकर लोग आपको क्या कह रहे हैं? कोई ऐसी घटना होती है तब लोग सहानुभूति देते हैं, सांत्वना देते हैं कि हम चंदन भाई के परिवार के साथ हैं, ये परिवार के साथ है, पर वो महीना, दो महीना, तीन महीना बाद शायद पायल कोई देखने भी नहीं जाता।

ऐसे अनगिनत किस्से हमारे गुजरात में, भारत में लोगों ने देखे हैं। पर निश्चित रूप से मैं पर्सनली जाने वाला हूँ चंदन के घर और जहाँ भी मुझे लगेगा कि वहाँ जहाँ किसी मदद की जरूरत है, मैं पर्सनली वहाँ जाकर उसके लिए काम करूँगा। क्योंकि भले उस व्यक्ति से मिलना नहीं हुआ, पर उस व्यक्ति का काम बोलता है। उस व्यक्ति ने बहुत गुजरात के लोगों को हँसाया है, प्योर हार्ट जिसे कहा जाए। तो निश्चित रूप से मैं तो पर्सनली उसके घर जाने वाला हूँ और गुजरात के जो भी लोग शायद जो उसे जानते हों या उसके परिवार के कॉन्टैक्ट में हों या उसके बच्चों के कॉन्टैक्ट में हों, जहाँ भी जो मदद की जरूरत पड़े तो निश्चित रूप से मदद कीजिए। क्योंकि सफलता की शुरुआत, जिसे कहा जाए एक सक्सेस होने के बाद जो जिंदगी की शुरुआत थी, चंदन के जीवन में वो अभी आई थी कि भाई बहुत स्ट्रगल किया, बहुत मेहनत की और एक नाम बनाया और नाम बनाने के बाद जो जिंदगी जीने की शुरुआत होती है, वहीं उसने जिंदगी में दम तोड़ दिया। तो उसका परिवार इतना स्टेबल तो निश्चित रूप से अभी तक नहीं पहुँच पाया होगा।

पर गुजरात के दूसरे लोगों से भी अपील करूँगा कि भाई आप भी निश्चित रूप से चंदन के घर जाइए और जो भी बन पड़े मदद है, हम ध्यान देंगे और करनी चाहिए। है, भले ही वो इस दुनिया में अभी नहीं है, इस दुनिया को छोड़ चुका है। उसकी आत्मा और उसके विचार, उसका काम, उसकी जो विचारधारा है, उसका जो कर्म है, वो हमेशा जीवित रहने वाला है, सालों तक जीवित रहने वाला है। क्योंकि उसके इतने सारे वीडियो हैं कि कहीं न कहीं तुम्हें चंदन साल, दो साल, पाँच साल बाद भी तुम्हारे सामने आएगा। तो चंदन हमेशा हमारे लोगों के दिलों में जीवित रहने वाला है और निश्चित रूप से एक व्यक्ति की कमी हमेशा गुजरात को रहेगी।

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