राजेश खन्ना ने 18 जुलाई 2012 को दुनिया को अलविदा कहा। उनके निधन के बाद उनकी संपत्ति और वसीयत को लेकर खूब चर्चा हुई। सबसे ज्यादा ध्यान उस वसीयत पर गया, जिसे कथित तौर पर उन्होंने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में तैयार कराया था।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजेश खन्ना ने अपनी वसीयत में अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा बेटियों ट्विंकल और रिंकी खन्ना के नाम किया था।
उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया और दोनों बेटियों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आईं। उनकी संपत्ति में मुंबई का मशहूर बंगला ‘आशीर्वाद’ भी शामिल था, जो उनके प्रशंसकों के लिए किसी धरोहर से कम नहीं था।वसीयत से जुड़ी एक अहम बात यह बताई गई कि राजेश खन्ना ने अपनी संपत्ति के संबंध में स्पष्ट निर्देश छोड़े थे और चाहते थे कि उनकी इच्छाओं के अनुसार ही उसका इस्तेमाल हो।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उन्होंने अपनी पत्नी और बेटियों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए थे।हालांकि वसीयत की पूरी सामग्री सार्वजनिक दस्तावेज के रूप में उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसके बारे में सामने आए हर दावे को अंतिम सत्य मानना सही नहीं होगा।राजेश खन्ना की के बाद उनकी संपत्ति से ज्यादा चर्चा उनके स्टारडम की हुई- वह दौर जब उन्हें हिंदी सिनेमा का पहला ‘सुपरस्टार’ कहा जाने लगा था।