एक महिला कई दिनों से परेशान थी। ना तो बातचीत कर रही थी ना ही खाना पीना खा रही थी। छोटा सा बच्चा होता है उससे भी ठीक से बात नहीं कर रही थी। पति होता है उससे भी ठीक से बात नहीं कर रही थी और सास और ससुर होते हैं उनसे भी अच्छे से बात नहीं कर रही थी।
हालांकि इससे पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि उसने परिवार के किसी सदस्य से इस तरह से बातचीत की हो। पति अपनी पत्नी से पूछता है कि मैंने कभी तुम्हें इस तरह से नहीं देखा कि तुम किसी से भी बातचीत नहीं कर रही हो और देख रहा हूं कि ठीक से खाना भी नहीं खा रही हो। जब पति अपनी पत्नी से बातचीत कर रहा था तो उसे विश्वास में ले उससे पूछता है क्या दिक्कत है?
क्या परेशानी है? मैं तुम्हारी कोई मदद कर सकता हूं क्या? पत्नी कहती है कि मैं बताना नहीं चाहती लेकिन मेरी मजबूरी है। बताना इसलिए नहीं चाहती कि तुम समझोगी कि मैं तुम्हारे माता-पिता से तुम्हें दूर कर रही हूं। जैसे ही पति ने बात सुनी उसने कहा कि जो भी बात है अपनी बात मुझसे नहीं करोगी तो तुम किससे बात करोगी? पत्नी सुनती है.
बातों को, बातों को सुनने के बाद कहती है कि मैं एक ज्योतिषी से मुलाकात हुई थी। ज्योतिषी ने कहा कि तुम्हें अपने परिवार से थोड़ा दूर रहना पड़ेगा। करीब-करीब 4 साल की ये तपस्या है। अगर 4 साल तक तुम अपने परिवार से दूर रह लोगी तो तुम्हारा परिवार पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। यदि दूर नहीं रहोगी तो देख लेना कोई ना कोई हादसा हो सकता है। किसी की हो सकती है और परिवार में कोई अनर्थ हो सकता है।
जब यह बात कही जाती है तो पति इस बात को सुनने के बाद शुरू में तो बड़ा आश्चर्य हो रहा था। लेकिन पत्नी ने पूरी ऐसी बात बताई कि पति को यकीन हो जाता है। उसके बाद वो अपने माता और पिता के पास जाता है और माता-पिता को जाकर बताता है कि घर में कुछ इस तरह की अनर्थ होने वाला है।
कुछ ऐसी अप्रिय घटना होने वाली है। इसलिए हमें अगले 4 वर्षों तक आप लोगों से दूर रहना होगा। माताजी और पिताजी तुम्हें इस बात से कोई ऐतराज तो नहीं है। जब बेटे ने अपने मां-बाप से ये बात कही तो मां-बाप कहते हैं कि बेटा कैसी बात कर रहे हो? औलाद की खुशी के लिए मां-बाप क्या कुछ नहीं करते हैं। जहां तुम खुश रह सकते हो, जहां परिवार ठीक रह सकता है, तुम वहां रह लो।
हमारी इसमें कोई बेमर्जी नहीं है। हमारी मर्जी तुम्हारे साथ शामिल है। अब वो व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ और पांच या छ साल का बेटा होता है। उसके साथ अपना गांव छोड़ता है और गांव छोड़ने के बाद शहर में जाकर रहने लगता है। जिंदगी सब कुछ ठीक-ठाक चल रही थी। जैसे उम्मीद कर रहे थे कि ऐसा ही होता रहेगा। लेकिन उस उम्मीद से बात परे हो जाती है। यानी कि घर में एक मौत हो जाती है। घर में जैसे ही मौत होती है, पूरे परिवार में कोहराम मच जाता है। लोग सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि जैसा ज्योतसी ने कहा था, ठीक था तो वैसा ही लेकिन यह ऐसा हुआ क्यों? लेकिन वो मौत नहीं थी। वो था कत्ल। लेकिन किसी को भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था।
लेकिन मां और बाप ऐसे थे। उन्हें यह सोच लिया कि यह जो कहानी है यह पूरी तरह से मनगढ़ंत कहानी है और वो ज़िद पर अड़ जाते हैं और उनकी ज़िद के बाद फिर जांच पड़ताल जो होती है वो सचमुच कत्ल निकलता है।
लेकिन इसमें कोई भी ऐसी गुंजाइश नहीं थी कि वो कत्ल लग रहा हो। यह सिर्फ एक हादसा लग रहा था और हादसा जब कत्ल का रूप लेता है यह कहानी ये घटनाक्रम जब अखबारों के माध्यम से लोगों को पता चलता है तो लोगों को बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा था कि वो महिला जिसने कत्ल किया वो इतनी शातिर कैसे हो सकती है?
आदाब नमस्कार सत श्री अकाल। मैं उस्मान सैफी। 17 जुलाई 2026 की सुबह 6:00 बजे के आसपास का वक्त हो रहा था। मेरठ में एक जगह लगती है हस्तिनापुर और हस्तिनापुर में जे बिलो की शकुंतला कॉलोनी है। दामिनी नाम की एक महिला होती है जिसकी उम्र लगभग 30 या 31 साल के आसपास रही होगी। वो सुबह के 6:00 बजे के आसपास उसकी आंख खुलती है। रसोई जाती है, चाय बनाती है। क्योंकि सबसे पहले उठने के बाद वो अपने पति को चाय पिलाती है। पति पहली चुस्की चाय की लेने के बाद वो बैठा हो जाता है। जैसे ही वो अपने पति को चाय ले जाती है, पति को जगाती है लेकिन पति जागता नहीं है। कई बार आवाज लगाती है लेकिन कई बार भी कोई रिस्पांस नहीं आता तो थोड़ी परेशान हो जाती है।
उसके बाद उसने अपने पति का हाथ पकड़ा और हाथ पकड़ने के बाद उसे उठाने की जब कोशिश की तो हाथ ऐसे ही छूट जाता है क्योंकि हाथ में कोई दम नहीं था। वो पूरा शरीर उसका बेदम जो हो चुका था। इसके बाद उसने अपने पति की नब्ज़ को टटोलने की कोशिश की कि आखिरकार नर्व्स चल रही है नहीं चल रही है। सांस ले रहा है, नहीं ले रहा है। उस महिला ने अपनी तरफ से जो कोशिश कर सकती थी वो कोशिश करती है ।
और जब वहां से कोई किसी तरह का मूवमेंट नहीं हो रहा था तो उसने सुबह-सुबह चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। महिला की चीखें सुनने के बाद जो आसपास के इलाके के लोग रह रहे थे वहां तक वो चीखें पहुंच जाती हैं। वो लोग भी एकदम से दौड़ते हुए भागते हुए सुबह-सुबह लोग अभी जगे भी नहीं थे।
जब इस घर की तरफ आते हैं आने के बाद देखते हैं कि एक व्यक्ति है जिसका नाम है अतुल पवार जिसकी उम्र लगभग 35 साल के आसपास है। अपने ही घर में अपने ही कमरे में बेसुद हालत में पड़ा हुआ था। इसके बाद तत्काल ही उस व्यक्ति को यहां से सीएचसी केंद्र पे लेके जाया जाता है और जैसे ही सीएचसी केंद्र पर लेके जाते हैं तो डॉक्टर उसको देखने लगते हैं। डॉक्टर ने देखा और देखते ही कहा कि यह मर चुका है। इसके बाद फिर यहां लोग सब के सब हैरान थे। सोचने पर सोच कर परेशान थे कि आखिरकार ठीक-ठाक व्यक्ति है।
हुआ क्या है? तो उसके बारे में फिर देखा जाता है। देखने के प्रथम दृश्य ही पता चल जाता है कि इस व्यक्ति की सांप के काटे जाने से मौत हुई है। और जैसे ही सांप के काटे जाने की मौत की सूचना जब डॉक्टर परिवार वालों को देते हैं तो परिवार वालों को बिल्कुल भी यकीन नहीं होता। यहां से फिर परिवार के जो बाकी सदस्य होते हैं क्योंकि जो इस लड़के का जिसका नाम अतुल पवार है उम्र जिसकी 35 साल के आसपास है वो हस्तिनापुर से करीब-करीब 12 से 13 कि.मी. दूर एक बहसुमा थाना क्षेत्र का गांव लगता है। भंडोरा वहां का रहने वाला होता है। उसकी मां होती .
संतोषी जिसकी उम्र लगभग 70 साल के आसपास होती है। लड़के की पिता होते हैं जिसका नाम है अजब सिंह जिनकी उम्र 72 साल के आसपास होती है जो कि पेशे से किसान होते हैं और लड़के का भाई होता है जिसका नाम कुलदीप होता है। कुलदीप रिटायर्ड फौजी होता है जो कि अपने बच्चों के साथ बहसुमा थाना क्षेत्र में रह रहा था। जैसे ही परिवार को यह सूचना मिलती है परिवार एकदम तुरंत मौके पर आता है और मौके पर आने के बाद अब यहां डॉक्टर से वही बार-बार परिवार वाले पूछ रहे थे कि डॉक्टर साहब क्या हुआ था?
कुछ तो बता दीजिए। डॉक्टर साहब जो पहले बताया था डॉक्टर साहब उस बात को फिर से रिपीट कर देते हैं कि हां आशंका जताई जा रही है कि इसकी सांप के काटे जाने से मौत हुई है। जब सांप का काटे जाने वाली बात आती है तब उसके बाद फिर सपेरे बुलवाए जाते हैं और सपेरे बुलवाने के बाद जिस कमरे में वो लड़का सोया हुआ था तो सोने उसी ही कमरे के फिर तलाशी ली जाती है तो सचमुच एक सांप निकल के आता है। वो सांप बड़ा जहरीला किस्म का सांप था।
साइज भले ही उसका छोटा था लेकिन वो था बड़ा खतरनाक और उस सांप ने उसे एक नहीं बल्कि दो जगह काटा हुआ था। सांप जो सपेरे होते हैं उन्होंने उस सांप को अपने कब्जे में ले लिया और कब्जे में लेने के बाद फिर यहां से वो सांप सपेरे तो चले जाते हैं। लेकिन जो मां और बाप होते हैं इस लड़के के जो मर चुका है मां और बाप को बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा था। मां-बाप ने कहा कि जब तक हमारे बेटे का नहीं हो जाएगा जब तक की रिपोर्ट नहीं आ जाएगी।
वहां से जब तक क्लियर नहीं हो जाएगा तब तक हम इस बात को मानेंगे ही नहीं। आखिरकार उन्होंने जब जिद कर लेते हैं तो पुलिस मौके पर आती है और पुलिस मौके पर आने के बाद इस को कब्जे में लेती है और पोस्टमार्टम कराया जाता है और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से ही पता चल जाता है कि सांप के काटे जाने से ही इस लड़के की मौत हुई है।
अब इसके बाद जब उसके अंतिम संस्कार कराने के लिए यहां से इस बॉडी को लेके जाने वाले थे तो जो उस लड़के के माता और पिता होते हैं संतोषी देवी और अजब सिंह उन्होंने कहा कि हम इसको यहां से लेके नहीं जाने देंगे।
यानी कि इसकी अर्थी आज इसकी चिता जलेगी ही नहीं जब तक पुलिस नहीं आएगी और पुलिस हमारे सवालों का जवाब नहीं दे देगी। जब इस तरह की बात आती है तो फिर नजदीकी पुलिस स्टेशन जो लगता है साथ ही जो सर्किल ऑफिसर होते हैं एसएओ और सर्किल ऑफिसर मौके पर पहुंच जाते हैं। वो आने के बाद बुजुर्ग दंपति से पूछते हैं कि आखिरकार तुम चाहते क्या हो? तुमने कहा होना चाहिए। पोस्टमार्टम हो जाता है। तुमने जो भी कहा हम तुम्हारी सारी बात माने।
अब तुम इसका अंतिम संस्कार का विरोध क्यों कर रहे हो? जब पुलिस यह बात कहती है वो कहते हैं कि हमें शक है हमारे बेटे की यह मौत नहीं कोई हादसा नहीं बल्कि यह कत्ल है। पुलिस वालों को यकीन नहीं हो रहा था। पुलिस वाले पूछते हैं कि तुम ऐसा कैसे कह सकते हो? वो कहते हैं कि आए दिन खबर मिल रही है कि जो पत्नियां हैं वो अपने पति को किसी ना किसी रूप में मार रही हैं। हो सकता है कि हमारी बहू ने भी हमारी बेटी का कत्ल किया हो। तो जिस व्यक्ति ने भी यह बात सुनी उन व्यक्ति को यकीन नहीं हो रहा था कि बुजुर्ग दंपति आखिरकार किस तरह की बातें कर रहे हैं कि यह महिला अपने पति को क्यों मारेगी। लेकिन बुजुर्ग दंपति ज़िद पर अड़ जाते हैं और जब जिद पर अड़ जाते हैं तो पुलिस को आखिरकार इस मामले में जांच आगे बढ़ानी पड़ती है। जांच आगे बढ़ानी पड़ती है। इत्तेफाक से वो महिला भी पास में खड़ी हुई थी।
उससे जो सवाल जवाब किए जा रहे थे वो नॉर्मली जवाब दे रही थी। उससे पूछा जाता है कि तुम कहां थी जब इसने इसको सांप ने काटा? उसने कहा कि मैं भी उसी घर में थी। लेकिन मुझे कुछ गर्मी ज्यादा लग रही थी। गर्मी ज्यादा लगने की वजह से वो अपने बेटे के साथ जाकर दूसरे वाले कमरे में लेट जाती है। जहां पर थोड़ी हवा वगैरह आती है। लेकिन उसका पति यहां पर अकेला था। उसको सांप ने काट लिया। पुलिस को यकीन हो जाता है कि बात तो ठीक है। लेकिन अचानक ही पुलिस के दिमाग में क्या आता है कि जो उसका मोबाइल था पुलिस उसे अपने हाथ में लेती है और मोबाइल लेने के बाद वहां पर एक्सपर्ट थे जो सर्विलांस के एक्सपर्ट होते हैं और फॉरेंसिक के एक्सपर्ट थे वो मौके पर मौजूद थे। अब उन्होंने क्या काम किया कि उस मोबाइल को उन्होंने देखना शुरू कर दिया और जैसे ही मोबाइल को देखते हैं तो पुलिस एकदम से सन रह जाती है।
सन इसलिए रह जाती है कि एक फोटो होता है जो WhatsApp के माध्यम से आया हुआ था। वो फोटो एक बोतल का होता है और बोतल को जब गौर से ज़ूम करके देखा जा रहा था तो उसके अंदर एक सांप था। अब पुलिस वाले इसी बात को देखते हुए हैरानी में पड़ जाते हैं। क्यों हैरानी में पड़ जाते हैं? क्योंकि अभी जो सपेरों ने सांप पकड़ा है उस सांप का जो फोटो लिया जाता है और इधर जो ये सांप का फोटो जो इसके मोबाइल में पहले से ही मौजूद था वो दोनों मैच कर जाते हैं। यानी कि बिल्कुल एक जैसे होते हैं। अब पुलिस को भी यकीन हो जाता है कि बुजुर्ग दंपति ने जो बोला है वो तो बात बिल्कुल सच निकल आई।
अब पुलिस ने उस महिला का जो नंबर था वो सर्विलांस पे लगाया और सर्विलांस पे लगाने के बाद उसे उसका जो सीडीआर था यानी कि कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड जो थी जब निकलवाई जाती है तो पता चलता है कि एक स्कूल है जो उन्हीं इसी दामिनी नाम की महिला का उसके पति का जो स्कूल है तो उस स्कूल में एक ड्राइवर भी आता है यानी कि एक नौकर है उस नौकर से ड्राइवर से इस महिला की बहुत ज्यादा बातें होती हैं।
इतनी बातें होती हैं कि इतनी बातें तो वो महिला अपने पति से भी नहीं करती थी। बस यहीं से थोड़ी शक और बढ़ जाता है और जब पुलिस ने उस ड्राइवर को भी अपनी हिरासत में लिया। उस ड्राइवर का नाम होता है तुषार उर्फ़ निक्की जो कि इन्हीं के स्कूल में जो इनका अपना एक स्कूल है जो नर्सरी से लेके कक्षा पांच तक का होता है। उसी स्कूल में वो ड्राइवर का काम करता है। अब उस लड़के यानी कि तुषार उर्फ़ निकू निक्की को पकड़ा जाता है। जो महिला होती है जिसका नाम दामिनी होता है। उसको भी पुलिस हिरासत में ले लेती है। अब इनसे पूरी कहानी जानने की कोशिश कर रहे थे कि आखिरकार पूरा मामला क्या है और कैसे तुमने इस कत्ल को अंजाम दिया।
कहानी शुरू होती है 2018 से उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर लगता है मेरठ जिले में तो यह वहां पर एक कॉस्मेटिक की दुकान होती है। कॉस्मेटिक की दुकान के अंदर यह महिला जिसका नाम दामिनी होता है उस वक्त लड़की थी ये कुछ खरीदारी करने के लिए आई थी और जब खरीदारी करने के लिए आती है तो इत्तेफाक से यहां पर तुषार पवार भी आ जाता है। यानी अतुल पवार भी आ जाता है और जैसे ही अतुल पवार आता है तो यह दोनों पहली बार जब एक दूसरे को देखते हैं तो देखते ही एक दूसरे को मोहब्बत हो जाती है। प्यार हो जाता है। एक दूसरे से नंबर एक्सचेंज कर लेते हैं और नंबर एक्सचेंज करने के बाद बहुत सारी बातें किया करते थे और बात करने के बाद फिर उन्होंने फिर फैसला कर लिया कि क्यों ना हम शादी कर लें।
लड़की जो होती है दामिनी वो अपनी माता से बातचीत करती है। अपने भाई से बातचीत करती है। जो लड़का होता है इसका नाम अतुल पवार होता है। वह अपने पिता से बात करता है। अपनी मां से बात करता है। अपने भाई जो फौजी होता है उससे बातचीत करता है और वह कहते हैं कि हम दोनों आपस में एक दूसरे से शादी करना चाहते हैं। दोनों ही परिवार इस शादी को लेकर तैयार नहीं थे। राजी नहीं थे। लेकिन उनकी मर्जी के खिलाफ इन दोनों ने शादी कर ली। साल 2019 में शादी कर लेते हैं। हालांकि परिवार वाले मजबूरी में शादी में शामिल जरूर हो जाते हैं लेकिन वो शादी को लेकर तैयार नहीं थे। धूमधाम से शादी होती है और ये दोनों बिल्कुल साथ रहने लगते हैं। लड़की अपने घर मायके से विदा होने के बाद वो अपने ससुराल में गांव भंडोरा में रहने लगती है। वहीं जो भैसुमा थाना क्षेत्र में लगता है वहां रहती है और एक साल के बाद यानी कि साल 2020 में उसको एक बेटा भी पैदा हो जाता है। इस महिला की अगर दामिनी की बात करें तो दामिनी ने डबल एमए किया हुआ है।
बीएड की पढ़ाई की हुई है और बीएड की पढ़ाई के साथ-साथ उसने फिर एक नौकरी करने लगती है। कंप्यूटर की कंपनी में नौकरी कर रही थी। ज़िंदगी में उसका सब ठीक-ठाक चल रहा था। एक दिन उसने अपने पति से कहा कि हम मैं नौकरी छोड़ना चाहती हूं। तुम भी जो अपना कारोबार करते हो उसको छोड़ दीजिए और हम मिलकर एक स्कूल चलाते हैं। मैंने बीएड किया हुआ है। मुझको पूरी समझ भी है। तब उसका पति कहता है यह तो बहुत अच्छी बात है। इसलिए साल 2022 में ये दोनों अपनी-अपनी नौकरियां छोड़ने के बाद फैसला कर लेते हैं और हस्तिनापुर में एक विद्यालय खोलते हैं जो कि हस्तिनापुर रामलीला ग्राउंड के पास होता है। और विद्यालय का नाम होता है कृष्णा Kids प्ले स्कूल। और ये स्कूल खोलते हैं तो नर्सरी से ले कक्षा पांच तक यहां पढ़ाई होती है। शुरुआत में बच्चों को जोड़ने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी।
लेकिन वक्त के साथ बच्चे बढ़ने लगते हैं और बच्चों की संख्या हो जाती है लगभग 150 के आसपास। पति और पत्नी इस विद्यालय को आगे बढ़ाने के लिए पूरी शिद्दत से पूरी ईमानदारी से लगे हुए थे और सब कुछ ठीक चल रहा था। साल 2024 की बात है। तुषार उर्फ़ निक्की नाम का एक व्यक्ति होता है। वो इनके विद्यालय में जाता है। विद्यालय में जाने के बाद कहता है कि साहब मुझे नौकरी की जरूरत है। मैं आपके यहां पर नौकरी करना चाहता हूं। तो वो जो दंपति हैं वो कह देते हैं कि हमें कोई दिक्कत नहीं है। कितनी सैलरी लोगे? तो बोले हम जो भी आप देना चाहो तो ₹10,000 प्रति महीना के हिसाब से वो सैलरी के लिए तैयार हो जाता है और उससे पूछा जाता है कि तुम रहते कहां हो? तो अपना गांव बताता है मैं कोहला का रहने वाला हूं। लेकिन फिलहाल वो हस्तिनापुर में रामलीला ग्राउंड है। उस रामलीला ग्राउंड के ही पास में रहता है। तो यहां पर यह व्यक्ति रहना शुरू कर देता है। लेकिन जैसे ही इसने यहां पर एंट्री करता है तो इसकी बातें इस दामिनी नाम की महिला को इतनी ज़्यादा पसंद आती हैं कि उसका पति से तो मोह भंग हो जाता है और इस ड्राइवर के वो इश्क में पड़ जाती है और ऐसे इश्क में पड़ जाती है कि वो अपने पति को बिल्कुल पूरी तरह से भूल जाती है और जब भी मौका होता था तब वो उससे मिलती थी बातचीत करती थी और दोनों के बीच में अवैध संबंध भी स्थापित हो जाते हैं और इस बात का किसी को भनक तक नहीं था। लेकिन पति और पत्नी जो होते हैं वो स्कूल से अपने गांव जुड़ जाया करते थे। डेली का आना जाना यह सिलसिला चलता रहता था और वक्त का पहिया ऐसे ही आगे बढ़ रहा था। तभी उससे पूछा जाता है कि तुमने जो मुझसे रिलेशन मेंटेन किए हैं तो वो क्यों किए हैं?
वो कहता है कि मैं जिंदगी भर तुम्हारे साथ रहना चाहता हूं। लेकिन वो तुषार खुद भी शादीशुदा होता है। जब स्कूल की मालकिन दामिनी जब यह बात पूछ रही थी उसने कहा कि आप आगे क्या करोगे? उसने कहा कि मैं अपने पत्नी को तलाक दे दूंगा और मैं तुम्हारे साथ शादी करना चाहता हूं। लेकिन जब आज शादी की आती है क्योंकि ये जो अतुल पवार होता है अतुल पवार ने विद्यालय खोलने में पूरी मेहनत की थी। उसका बराबर का शेयर था। सब कुछ वो मालिक होता है। तभी उसने फैसला किया था कि मेरे पति की लगभग ₹20 लाख की बीमा राशि है। अगर उसे कोई हादसे में मौत हो जाती है तो ₹20 लाख मिलेंगे। हमें आगे बढ़ने में और मदद मिल सकती है और मेरा पति रास्ते से भी हट जाएगा।
इसलिए कुछ ऐसा काम करते हैं कि इस पति को रास्ते से हटाते हैं और रास्ते से हटाने के लिए उसने बहुत बड़ी संख्या में मतलब मात्रा में रिसर्च करना शुरू कर दिया। बहुत सारी डॉक्यूमेंट्री देखना शुरू कर दिया। फिल्में देखना शुरू कर दिया। थ्रिलर फिल्में देखते थे और बहुत सारी तैयारी कर रही थी। अभी तक पूरे देश भर में पिछले एक साल में जितनी भी घटनाएं घटी हैं पतियों को मारने वाली उसने उनसे बढ़िया एक बेहतरीन प्लानिंग की कि वो खुद ना पकड़ी जाए ऐसी वो प्लानिंग कर रही थी और इस प्लानिंग में वो सक्सेस होने के लिए कोशिश कर रही थी।
एक दिन उसने अपने पति का रोड पर एक्सीडेंट भी करा दिया और एक्सीडेंट कराया तो उसका पति बच जाता है कि उसने हेलमेट पहना हुआ था। जब वहां से सफलता नहीं मिलती है तभी वह फैसला करती है कि मैं गांव से अपने पति को शहर की तरफ शिफ्ट करती हूं और एक ज्योतिषी का सहारा लिया जाता है कि ज्योति ने ऐसा बोला है कि परिवार पे कोई बहुत बड़ा संकट है। पति के साथ कई हादसे हो चुके थे वो मरते-मरते बच जाता था। तभी उसने अपने पति को विश्वास में लिया। पति ने परिवार को विश्वास में लिया और वो अपना गांव छोड़कर शहर में आ जाता है और जब शहर में आ जाता है तो रहना सहना शुरू हो जाता है। महज अभी 3 महीने ही हुए थे उसे शहर में रहते-रते। तुषार ने प्लानिंग किया। उसने कहा कि मैं किसी सपेरे से बातचीत करता हूं और उससे कहूंगा कि एक बढ़िया सांप का इंतजाम कर जो काटे उसका कांटा पानी ना मांगे। इस तरीके की जब बात आती है तो यहां पर एक उदय नाम का लड़का होता है और एक सोनू होता है। दोनों ही पेशे से सपेरे होते हैं जिनका काम होता है सांपों को पकड़ना या फिर काटे हुए जो सांप के द्वारा काटा हुआ व्यक्ति होता है।
उसका जहर उतारना। जब उससे बातचीत की जाती है इन दोनों लड़कों से तो दोनों लड़के तैयार होते हैं ₹5 लाख में। यानी कि ₹5 लाख आप हमें दे दो और जैसा चाहोगे हम वैसा ही कर देंगे। जैसा उनसे कहा गया था वह वैसा ही कर रहे थे और एडवांस में उनको ₹15,000 की रकम दे दी जाती है और जब ₹15,000 की रकम दे दी जाती है तो उसके बाद फिर यह तारीख आती है 16 जुलाई 2026 की रात। हालांकि ऐसी कोई रात नहीं होती थी जब यह महिला अपने पति को नींद की गोलियां नहीं देती थी। नींद की गोली इसलिए देती थी क्योंकि जब वो एकदम से नशे में हो जाया करता था। वह उठने की स्थिति में नहीं होता था। तब वो अपने प्रेमी को अपने पास बुलाती थी और उसके साथ वह आराम से वक्त बिताया करती लेकिन एक मन में डर रहता था कि पति कहीं जाग ना जाए। तभी उन्होंने कहा था कि इसे रास्ते से हटाना है और वो 16 तारीख की रात आती है।
तो उस रात में उसने दूध में मिलाकर लगभग 10 या 12 गोलियां दी थी नशे की और जैसे 10-12 गोली देती हैं वो आराम से कमरे में जाकर सो जाता है। तभी जो सपेरे होते हैं जिसका नाम उदय और सोनू होता है उनको बुलवाया जाता है और जब बुलवाया जाता है तो उससे पहले ही पूछा जाता है सांप ठीक-ठाक खतरनाक है कि नहीं है? उस महिला ने कहा वो कहता है सपेरे कहते हैं कि मैडम कैसी बात कर रहे हो? आप देख लीजिए। यानी कि उसे WhatsApp पर एक फोटो भेजा जाता है।
सांपकार कहा कह कहा जाता है कि ये सांप छोटा भले ही है लेकिन है बहुत खतरनाक। जब इस तरह की पूरा इत्मीनान हो जाता है और तो अब वो सांप आते हैं उसके घर में उसकी चारपाई पर छोड़ देते हैं। ऊपर से उसको कंबल उड़ा देते हैं यानी कि वो जो सांप था उस कंबल से बाहर ना जा सके। और रात के जब पूरी रात बीत जाती है। दिन निकलता है उस वक्त सांप उसे लगभग दो बार काट चुका था और दो बार काटने में ही उसकी मौत हो जाती है। वो पहले से ही एक तो नशे में था। दूसरा सांप के जहर से उसकी जब मौत हो जाती है तब फिर लोगों को यकीन नहीं हो रहा था। सब के सब लोग इसे हादसा मान रहे थे। लेकिन दो ही ऐसे शख्स थे उस लड़के के माता और पिता जिन्हें इस बात का बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा था। यह हादसा है। वो कह रहे थे पहले से ही हत्या है और पुलिस ने जब इस घटनाक्रम का खुलासा किया। सर्विलांस की टीम हो, की टीम हो या फिर जो भी सीसीटीवी कैमरे मिले हो, WhatsApp की चैटिंग मिली हो या कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड मिली हो, जो भी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे, उन साक्ष्यों के आधार पर आखिरकार ये क्लियर हो जाता है कि यह हादसा नहीं बल्कि कत्ल है।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। प्रेमिका को भी गिरफ्तार किया, प्रेमी को भी गिरफ्तार किया और गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा। उनके फोटो जब अखबारों में प्रकाशित होते हैं, छपते हैं, सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर वायरल होते हैं तो यकीन नहीं हो रहा था कि एक महिला जो डबल एमए है, बीएड की पढ़ाई की हुई है, बाहर नौकरी भी करती थी, खुद का अपना विद्यालय भी चला रही थी, वो इतनी शातिर कैसे हो सकती है? दोस्तों, इस पूरे घटनाक्रम को सुनाने का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है। किसी का दिल दिखाना नहीं है। बल्कि आपको जागरूक करना है। आपको सचेत करना है।
और जाते-जाते छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं ध्रुव कुमार और जालंधर की रहने वाली हैं निकिता। आज इनका जन्मदिन है। इन दोनों को जन्म जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत मुबारकबाद।
और जाते-जाते कुछ लोगों ने नाम लेने की अपील की है। जिसमें अंजलि भारती हैं, मेहताब फारूक, रिंकी रानी, राम सिंह, खुर्शीद अहमद, जतन प्रजापति, अखिल कुमार, प्रियंका पांडे, शकील खान, छोटू तिवारी, परवेज अहमद, निशांत अख्तर, सुशीला, निषाद अख्तर, सुशीला ठाकुर, नन्हे खान।