राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया को लेकर वैसे तो कई किस्से मशहूर है, की प्रेमकहांनी हो या राजेश खन्ना और डिंपल के रिश्ते का आखरी पड़ाव, डिंपल कापड़िया का बिना तलाक लिए उनसे अलग रहना।
लेकिन इन सब में भी ज्यादा मशहूर कोई किस्सा है तो वो है राजेश खन्ना की वसीयत का। राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया को वसीयत में कुछ नहीं दिया सारी प्रॉपर्टी उनके बच्चो की हुई। ऐसे में हर बार ये सवाल जरूर उठता है की काका ने ऐसा क्यों किया?
क्या इसके पीछे उनकी डिंपल को लेकर नफरत जिम्मेदार थी? हालांकि इस बात पर कोई पक्की वजह सामने नहीं आई, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में किए गए दावे के अनुसार राजेश अपनी मौत से पहले खूब बीमार रहनेलगे थे और उन्हें इस बात का आभास हो गया था कि वह अब बचेंगे नहीं, ऐसे में उन्होंने अपनी वसीयत बनवाई, लेकिन पत्नी का नाम इस वसीयत में नहीं जोड़ा गया.
यासिर उस्मान की किताब ‘कुछ तो लोग कहेंगे’ में इसका जिक्र भी है. गौरतलब है कि जब डिंपल से वसीयत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा उन्हें कुछ नहीं चाहिए, जो भी देना है उनके बच्चों को दे दीजिए. पत्नी की बात सुनने के बाद राजेश खन्ना ने अपनी पूरी प्रॉपर्टी अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी थी. इसके चलते डिंपल के हिस्से में कुछ नहीं आया.