सुबह 7:30 बजे के करीब सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस जंतरमंतर से अस्पताल ले गई। इसके बाद इस मामले पर राजनीति भी तेज हो गई। विपक्ष के कई नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा। अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं। अपना बयान दिया है।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार की राजनीति असत्य और पर टिकी हुई है। सोनम वांगचुक को जंतरमंतर से उस समय हटाना गलत है जब वे शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल पर बैठे थे। पेपर लीक, पढ़ाई का बढ़ता खर्च और छात्रों का जान से जान देना जैसे मुद्दे देश के भविष्य से जुड़े हुए हैं। सरकार चाहे जितनी सख्ती कर ले देश के छात्र और उनके साथ खड़े लोग इन मुद्दों को उठाना बंद नहीं करेंगे।
जैसा कि आप जानते हैं कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने हंगर स्ट्राइक करने का ऐलान किया और वह भूख हड़ताल पर बैठ गए।
इसके बाद अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। उस समय दीपके लोगों को संबोधित कर रहे थे। फिलहाल महिला की पहचान और उसने ऐसा क्यों किया? इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। हालांकि पुलिस ने उस महिला को हिरासत में ले लिया है। दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में लिया। उनका कहना है कि बाद में उन्हें जंतरमंतर के प्रोटेस्ट साइट पर भी जाने नहीं दिया गया। उन्होंने पुलिस की कारवाई के विरोध में पूरे देश में शांतिपूर्ण हड़ताल हड़ताल की अपील भी की है। वहीं दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जल्द से जल्द जंतरमंतर खाली करने की अपील की है। सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद से वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। जंतरमंतर जहां पर यह प्रोटेस्ट हो रहा है।
20 दिनों की भूख हड़ताल के बाद 18 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किए गए सोनम वांगचूक की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पीटीआई के मुताबिक डॉक्टर उनके परिवार को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि बिना देर किए इलाज शुरू करने की इजाजत दे दें परिवार। बताया जा रहा है कि लंबे समय तक अनशन पर रहने की वजह से सोनम वांगचुक के शरीर में पानी की कमी यानी कि डिहाइड्रेशन है। उनके शरीर में पोटेशियम का जो लेवल है वह भी कम हो गया है और कीटोन लेवल भी बढ़ गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक भूखे रहने पर कीटोन बढ़ना सामान्य बात है। लेकिन अगर यह बहुत ज्यादा बढ़ जाए और साथ में शरीर में पानी की कमी हो जाए तो किडनी और शरीर के दूसरे प्रोसेस पर इसका असर पड़ सकता है। इसकी वजह से अस्पताल के डॉक्टर लगातार परिवार को समझा रहे हैं कि इलाज में और देरी ना किया जाए।
लेकिन साथ ही यह भी खबर आ रही है कि सोनम वांगचुक ने अस्पताल में भी कुछ भी खाने से या कुछ भी लेने से इंकार कर दिया है और उनका अनशन अस्पताल में भी जारी है। आपको बता दें कि अस्पताल में भर्ती होने से कुछ देर बाद सोनम वांगचुक की पत्नी जो हैं गीतांजलि जे आंगमो उनका एक बयान आया था। उन्होंने अस्पताल से कहा था कि उनकी अनुमति के बिना इजाजत के बिना वांगचुक को कोई भी इलाज ना दिया जाए। उन्होंने यह भी मांग की थी कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाए। उनका आरोप है कि इलाज को लेकर पूरी जानकारी परिवार के साथ शेयर भी नहीं की जा रही है।