प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद अब केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के इंपोर्ट पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। सरकार ने यह ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। इसके लिए 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस लगाया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद सोने चांदी का इंपोर्ट कम करना, विदेशी मुद्रा भंडार का जो उस पर दबाव है उसको घटाना और साथ ही साथ गिरते रुपए को संभालना है।
12 मई को रुपया ऑल टाइम लो पर चला गया था। डॉलर के मुकाबले इसकी कीमत हो गई थी ₹95.50। भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड कंज्यूमर्स में शामिल है। भारत अपनी जरूरत का करीब 99% गोल्ड विदेशों से खरीदता है। फाइनेंसियल ईयर 2025-26 में गोल्ड इंपोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रहा था। विदेशों से खरीदे जाने वाले सामान में ऑयल के बाद गोल्ड दूसरे नंबर पर है। सरकार ने साल 204 के बजट में सोने चांदी पर कस्टम ड्यूटी 15% से घटाकर 6% कर दी थी।
इसके बाद गोल्ड इंपोर्ट तेजी से बढ़ा था। अब सरकार ने कस्टम ड्यूटी फिर से पुराने स्तर पर पहुंचा दी है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि इस फैसले से गोल्ड की डिमांड कम हो सकती है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार करंट अकाउंट डेफिसिट को काबू करने के लिए यह कदम उठा रही है। लेकिन पहले से ऊंची कीमतों के बीच टैक्स बढ़ने से बाजार पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। वहीं कुछ अधिकारियों ने यह भी चिंता जताई है कि ड्यूटी बढ़ने से फिर से गोल्ड बढ़ सकती है। उनका कहना है कि 2024 में ड्यूटी घटने के बाद के मामलों में कमी आई थी। आपको याद ही है कि साल 2024 के बजट में भारत सरकार ने गोल्ड और सिल्वर के साथ जो अन्य कीमती धातु हैं उस पर कस्टम ड्यूटी में बड़ी कटौती की थी।
फाइनेंसियल ईयर 2025-26 में भारत हर महीने औसतन 60 टन सोना इंपोर्ट कर रहा था। इस पर हर महीने करीब 6 बिलियन डॉलर इंडियन करेंसी में बात करें तो 57000 करोड़ खर्च हो रहे थे।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार दो दिन 10 और 11 मई को देशवासियों से वो एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि एक समय था जब संकट आने पर देश हित में लोग सोना दान करते थे। आज दान करने की जरूरत नहीं लेकिन देश हित में यह तय करना होगा कि साल भर तक हम घर में कोई भी कार्यक्रम हो गोल्ड या उससे जुड़े गहने नहीं खरीदेंगे।
विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी। मैं आज समाज के सभी भाई बहनों से मैं आपके परिवार का सदस्य हूं इसलिए आग्रह से कहता हूं। और इसमें तो आपको आगे आकर के मेरी मदद करनी पड़ेगी। सोने की आयात पर भी देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है।
मैं आप सबसे देशवासियों से आग्रह करूंगा कि जब तक हालात सामान्य ना हो हम सोने की खरीद को टाले। गोल्ड की जरूरत नहीं है। मेरी देश के हर नागरिक से अपील है जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर शेयर बाजार में भी दिखा।
11 मई को जब शेयर बाजार खुला तो ज्वेलरी कंपनियों के जो शेयर थे उसमें बड़ी गिरावट देखने को मिली। Titan कंपनी के शेयर करीब 7% तक टूटे। जबकि कल्याण ज्वेलर्स और Senco गोल्ड के शेयर करीब 10% तक गिर गए। इसके अलावा PN gadgil और थंगमयल ज्वेलरी जैसे कई जो ज्वेलरी के शेयर हैं उसमें भी गिरावट देखी गई।