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60-70 रुपये में पेट्रोल-डीजल ! गडकरी का बड़ा बयान

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कच्चे तेल की कीमतों में उछाल। क्या भारत में कम होंगे तेल के दाम? क्या वाकई 60 से 70 में [संगीत] मिलेगा पेट्रोल डीजल? आप सोचिए कि अगर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत 60 से 70 हो जाए तो [संगीत] बढ़ती महंगाई जमीन पर आ जाएगी और आप लोगों को कितना फायदा होगा और यह ऐसा हकीकत में हो भी सकता है। ऐसा हम नहीं बल्कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खुद [संगीत] इसके संकेत दिए हैं। तो ऐसा सच कैसे हो सकता है? यह जानते हैं

हमारे इस खास रिपोर्ट में। फैमिली कितनी बड़ी है चाचा ज्यादा बड़ी ना है छोटे ऑन कर दे पैक कर दे समबर कूल सबर कूल कूल हवा ऐसी छोड़े पूरी फैमिली को ठंडक से जोड़े सबर कूल लाइफ बनाए वंडरफुल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और ऊर्जा संकट के बीच में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत को भविष्य में 100% एथेनॉल ब्लीडिंग हासिल करने का टारगेट रखना चाहिए क्योंकि पश्चिम एशिया संकट के बीच में तेल निर्यात में आई अस्थरता ने [संगीत] देश के लिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत को अनिवार्य बना दिया है। नितिन गडकरी ने कहा कि कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी थर्ड स्टैंडर्ड जो अगले साल 1 अप्रैल से लागू होंगे इलेक्ट्रॉनिक और फ्लेक्स फ्यूल वाहनों पर बहुत कम प्रभाव डालेंगे।

नितिन गडकरी ने कहा कि निकट भविष्य में भारत को 100% एथेनॉल ब्लीडिंग हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए और इसी के साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमें इसकी आवश्यकता है। तो अब आखिरकार समझते हैं कि यह एथेनॉल ब्लीडिंग है क्या जिसके [संगीत] जरिए पेट्रोल डीजल के मोर्चे पर सरकार के साथ-साथ आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है। पेट्रोल या डीजल जैसे पारंपरिक ईंधनों में एथेनॉल को एक निश्चित अनुपात में मिलाने की प्रक्रिया को एथेनॉल ब्लेडिंग कहा जाता है। एथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है। यह प्रमुख रूप से [संगीत] गन्ने के रस, शीरे, मक्का, सड़े गले आलू और खराब हो चुके चावल या गेहूं से बनाया जाता है। खास बात यह है कि यह एक रिन्यूएबल फ्यूल है। केंद्रीय मंत्री [संगीत] नितिन गडकरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का करीब 87% तेल आयात करता है और हर साल लगभग 22 लाख करोड़ का जीवाश्म ईंधन आयात किया जाता [संगीत] है जिससे प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए वैकल्पिक ईंधन और जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ाना बेहद जरूरी है।

हरित हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बताते हुए उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन पंप के संचालन [संगीत] की लागत कम करना जरूरी है ताकि यह आर्थिक रूप से व्यवहारिक बन सके। उन्होंने यह भी कहा कि हाइड्रोजन के परिवहन में भी चुनौतियां [संगीत] हैं और इसकी लागत घटाकर करीब $1 प्रति किलोग्राम करना होगा ताकि भारत ऊर्जा निरार्थक बन सके। गडकरी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल वाहनों के उपयोग को हस्तोत्साहित करना जरूरी है। लेकिन लोगों को इन्हें खरीदने से जबरन नहीं रोका जा सकता। उन्होंने वाहन कंपनियों से लागत के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देने को कहा ताकि वह नए बाजारों में बेहतर तरीके से अपनी पहुंच बना सके। वहीं इसी के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एथेनॉल ब्लेडिंग को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए गेम चेंजर बता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि 20% [संगीत] E20 एथेनॉल मिश्रण से देश ने 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल का आयात बचाया है। जिससे लगभग 1.5 लाख करोड़ की विदेशी [संगीत] मुद्रा बची है।

अब जानते हैं कि 100% एथेनॉल ब्लीडिंग से क्या मतलब है। 100% एथेनॉल मिश्रण ई00 का मतलब लगभग शुद्ध जल युक्त एथेनॉल से बने ईंधन से है। जिसका उपयोग स्टैंडर्ड पेट्रोल इंजन के बजाय स्पेशल फ्लक्स फ्यूल व्हीकल में किया जाता है। यह टिकाऊ ईंधन [संगीत] गैसोलन का एक स्वच्छ हाई ऑक्टेन विकल्प है जिसका उद्देश्य उत्सर्जन को कम करना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है। इसलिए भारत इसके उपयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। 100% एथेनॉल ब्लेडिंग के लागू होने पर वाहन चालकों के लिए पेट्रोल की निर्भरता खत्म हो जाएगी। [संगीत] जिससे भारत के कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी। शुद्ध एथेनॉल जलने पर कार्बन और जहरीली गैसों का उत्सर्जन ना के बराबर होता है। ऐसे में प्रदूषण मुक्त बनने में भी यह [संगीत] ईंधन बड़ी भूमिका निभाता है। क्योंकि एथेनॉल कृषि पदार्थ से बनाया जाता है। इसलिए इसका उपयोग बढ़ाने से देश के किसानों यानी कि गन्ना, मक्का, चावल उगाने वाले किसानों और [संगीत] उत्पादन करने वाले फैक्ट्रियों को फायदा होगा।

अब जानते हैं कि इसके [संगीत] आने से कितनी कीमत कम हो सकती है। शुद्ध पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल की उत्पादन लागत यानी कि प्रति लीटर आमतौर पर कम होती है। 100% एथेनॉल फ्यूल पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता होता है। भारत में इसके 60 से 70 प्रति लीटर के आसपास रहने का अनुमान है। वर्तमान में भारत में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जा रहा है। इस 20% ब्लीडिंग वाले ईंधन को E20 कहा जाता है। आपको बता दें कि 2023 में नरेंद्र मोदी ने 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल E20 की शुरुआत की थी। ब्राजील जैसे देशों में 100% एथेनॉल मिश्रण पहले से लागू है और अब इसे भारत में भी लागू करने की तैयारी की जा रही है। जिसके संकेत खुद [संगीत] केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दे चुके हैं।

यानी कि जिस तरीके से अगर भारत के अंदर एथेनॉल ब्लीडिंग 100% लागू हो जाती है तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी कम होगी। यहां तक कि जो पेट्रोल और डीजल अभी हमें ₹90 से ₹95 प्रति लीटर में मिल रहा है, वह अब 60 से ₹0 में आ सकता है। यानी कि जनता पर महंगाई का बोझ भी कम पड़ेगा और सस्ता पेट्रोल भी जनता को मिल सकेगा।

लेकिन अब देखना होगा कि आखिरकार भारत [संगीत] इस दिशा में कब तक कदम बढ़ाता है और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत में कब तक आती है और जैसे ही अगर भारत 100% एथेनॉल ब्लीडिंग पर निर्भर हो जाता है तो विदेशों से आयात करने की भी जरूरत कम पड़ेगी। यानी कि यह भारत के लिए खुशखबरी [संगीत] होगी। तो अब देखना होगा कि आखिरकार कब तक एथेनॉल ब्लीडिंग पूरी तरह [संगीत] से 100% हो पाती है।

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