हु इस वक्त सोशल मीडिया पर एक पांडा से जुड़ा वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति पांडा को आवाज लगाता है। जैसे ही पांडा उस आवाज को सुनता है, वह अचानक रुक जाता है। पीछे मुड़कर देखता है और फिर भावुक अंदाज में उस व्यक्ति की तरफ बढ़ने लगता है। इस वीडियो को देखने के बाद लाखों लोग भावुक हो गए हैं। कई लोग कह रहे हैं कि जानवर कभी अपने सच्चे रिश्तों और अपनेपन को नहीं भूलते।
लेकिन आखिर इस वीडियो की पूरी कहानी क्या है? यह पांडा कौन है? और जिस व्यक्ति को देखकर वह इतना भावुक दिखाई दे रहा है उसका उससे क्या रिश्ता है? आइए पूरी कहानी विस्तार से जानते हैं। दरअसल इस पांडा का नाम फूबाऊ है। फूबाऊ कोई साधारण पांडा नहीं है बल्कि वह साउथ कोरिया की सबसे लोकप्रिय पांडा में से एक मानी जाती है।
साल 2020 में उसका जन्म साउथ कोरिया के एवरलैंड थीम पार्क में हुआ था। खास बात यह थी कि वह साउथ कोरिया में जन्म लेने वाली पहली नेचुरल ब्रीड जॉइंट पांडा थी। जन्म के कुछ ही समय बाद फूबाऊ पूरे देश की चहेती बन गई। लोग उसे देखने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते थे और सोशल मीडिया पर उसके वीडियो लाखों बार देखे जाते थे। लेकिन फूबाऊ की लोकप्रियता के पीछे एक और नाम भी जुड़ा हुआ है।
यह नाम है कंग चियोलवोन का। कंग चियोल वोन एक अनुभवी पांडा केयरटेकर हैं। साउथ कोरिया में लोग उन्हें प्यार से पांडा ग्रैंडपा यानी पांडा के दादाजी के नाम से जानते हैं। उन्होंने फूबाऊ की देखभाल उसके जन्म के समय से ही की थी।
जब फूबाऊ बहुत छोटी थी तब उसे खाना खिलाने से लेकर उसकी सुरक्षा और देखरेख तक की जिम्मेदारी कंग चियोलवन ही संभालते थे। समय के साथ दोनों के बीच एक खास रिश्ता बन गया। फूबाऊ अपने केयरटेकर की आवाज और मौजूदगी को पहचानने लगी थी। यही वजह थी कि जब भी कंग चियोल वोन उसके पास आते फूबाऊ का व्यवहार बदल जाता था। धीरे-धीरे यह रिश्ता लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया और दुनिया भर में इन दोनों की कहानियां शेयर की जाने लगी।
हालांकि साल 2024 में एक ऐसा समय आया जब फूबाओ को साउथ कोरिया छोड़ना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय समझौतों के अनुसार विदेशों में जन्म लेने वाले पांडा को एक निश्चित उम्र के बाद चीन वापस भेजा जाता है ताकि उनके संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा सके। इसी नियम के तहत अप्रैल 2024 में फूबाओ को चीन के सिचुआ स्थित पांडा संरक्षण केंद्र भेज दिया गया। फूबाओ के चीन जाने का दिन साउथ कोरिया के लोगों के लिए काफी भावुक था।
हजारों लोग उसे विदा करने पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर उस दौरान कई वीडियो वायरल हुए थे जिनमें लोग रोते हुए दिखाई दिए। वहीं कंग चियोल वोन भी काफी भावुक नजर आए थे क्योंकि जिस पांडा को उन्होंने अपने बच्चे की तरह पाला था, वह अब उनसे हजारों किलोमीटर दूर जा रही थी। इसके बाद कई महीने बीत गए। फूबाऊ चीन में अपने नए वातावरण में रहने लगी। इस बीच उसके पुराने केयरटेकर और फूबाऊ की मुलाकात नहीं हो पाई। लेकिन फिर वह पल आया जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया।
करीब 3 महीने बाद कंग चियोलवोन चीन पहुंचे। जब वह पांडा सेंटर में फूबाऊ को देखने गए तो वहां मौजूद लोगों ने एक बेहद भावुक दृश्य देखा। फूबाऊ अपने बाड़े में घूम रही थी। तभी कंग चियोलवोन ने उसे उसी परिचित आवाज में पुकारा जिसे वह बचपन से सुनती आई थी। जैसे ही यह आवाज फूबाऊ के कानों तक पहुंची, वो कुछ क्षण के लिए रुक गई। उसने पीछे मुड़कर देखा और आवाज की दिशा पहचानने की कोशिश की। इसके बाद वह धीरे-धीरे उसी तरफ बढ़ने लगी जहां उसके पुराने केयरटेकर खड़े थे।
यह दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो देखने वाले कई लोगों का मानना है कि फूबाओं ने अपने केयरटेकर को उनकी आवाज से पहचान लिया था। हालांकि जानवरों की भावनाओं को लेकर वैज्ञानिक अलग-अलग राय रखते हैं। लेकिन इतना जरूर कहा जाता है कि कई जानवर परिचित चेहरों, गंध और आवाजों को लंबे समय तक याद रख सकते हैं। यही वजह है कि इस वीडियो ने दुनिया भर के लोगों को भावुक कर दिया।
बहुत से लोगों ने इसे इंसान और जानवर के बीच भरोसे, लगाव और प्यार की एक खूबसूरत मिसाल बताया। वहीं कई लोगों का कहना है कि यह वीडियो हमें याद दिलाता है कि सच्चे रिश्ते केवल शब्दों से नहीं बल्कि देखभाल, समय और अपनापन देने से बनते हैं।